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यूपी के संभल, अमेठी और पीलीभीत में हैवानियत की वारदातें: कर्ज पर हत्या, पत्नी ने पति का प्राइवेट पार्ट काटा
- Sunday August 10, 2025
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: मेघा शर्मा
यूपी के संभल के चंदोसी थाना इलाके में कर्ज का तगादा करने पर युवक को घर बुलाकर दंपत्ति ने परिवार के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपियों ने युवक के पूरे शरीर को पेचकर और धारदार हथियार से बेरहमी से गोदा.
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गाजीपुर में कांस्टेबल की मौत मामले में पुलिस ने निषाद पार्टी के महासचिव को बनाया मुख्य आरोपी, कहा- उसने ही भीड़ को उकसाया
- Tuesday January 1, 2019
- Reported by: आलोक पांडे
गाजीपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बाद पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी. अभी तक इस मामले में 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एक अधिकारी ने बताया कि ये सभी उस भीड़ का हिस्सा थे, जिन्होंने पुलिस पर पथराव किया और उन पर लाठियों से हमला किया था.
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PM की रैली के बाद पथराव में मरने वाले कॉन्स्टेबल के बेटे का दर्द: पुलिस खुद की सुरक्षा नहीं कर सकती, उनसे क्या उम्मीद करें?
- Sunday December 30, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (Ghazipur) में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली (PM Narendra Modi Ghazipur Rally) के बाद उग्र भीड़ के पुलिस टीम पर पथराव (PM Narendra Modi Ghazipur Rally) में एक सिपाही की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मी ज़ख़्मी हुए हैं. इस मामले में अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलसि ने कॉन्स्टेबल की मौत के मामले (Ghazipur Violence) में 32 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है. वहीं, मृतक कॉन्स्टेबल सुरेश वत्स के बेटे वीपी सिंह ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर ही सवाल उठा दिए. बताया जा रहा है कि पुलिस कॉन्स्टेबल की मौत निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा कथिततौर पर पत्थरबाजी से हुई है.
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Ghazipur Violence: पीएम मोदी की रैली के बाद UP के गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों के पथराव में पुलिसकर्मी की मौत
- Saturday December 29, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
गाजीपुर (Ghazipur Violence) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली (PM Modi Rally) के बाद लौट रहे वाहनों पर हुए पथराव में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई. वहीं, दो पुलिसकर्मी इसमें ज़ख़्मी हुए हैं. सुरेश वत्स (Suresh Vats) नाम का ये कांस्टेबल स्थानीय नोनहारा पुलिस स्टेशन पर तैनात था. शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी की रैली स्थल पर उसकी ड्यूटी लगी थी. सुरेश वत्स और उनकी टीम जब वापस लौट रही थी तो रास्ते में निषाद समुदाय के लोग आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस टीम ने लोगों को रास्ते से हटाने की कोशिश की, तो भीड़ ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिसमें कांस्टेबल सुनील वत्स की मौत हो गई.
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बुलंदशहर हिंसा: गोकशी रोकने को लेकर यूपी पुलिस का अनोखा अभियान, गांव-गांव जाकर लोगों को दिलाएंगे शपथ
- Friday December 14, 2018
- Reported by: शरद शर्मा, Written by: Samarjeet Singh
कुछ दिन पहले ही बुलंदशहर में हुई ऐसी ही हिंसा (Bulandshahr Violence) में एक पुलिस इंस्पेक्टर और एक आम नागरिक की हत्या कर दी गई थी. पुलिस के इस अभियान के तहत मेरठ जिले के किठौर थाने के प्रभारी (UP Police) का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह गांव के लोगों को गोकशी (Cow slaughtering) रोकने के लिए शपथ खिलाते दिख रहे हैं.
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बुलंदशहर हिंसा: गोकशी के आरोप में गिरफ्तारी पर उठे सवाल, जिनके नाम FIR में नहीं उन्हें किया अरेस्ट
- Monday December 10, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
गोकशी के मामले में बुधवार सुबह पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया. सरफुद्दीन का नाम एफआईआर में था, जो गारमेंट का काम करते हैं. सरफुद्दीन के परिवार का दावा है कि जिस दिन गांव में गोवंश के अवशेष मिले थे, उस दिन वह वहां से 40 किलोमीटर दूर इज्तिमा में थे. उनके भाई मोहम्मद हुसैन का कहना है, 'वह उस दिन इज्तिमा में थे और उनकी पार्किंग में ड्यूटी लगी हुई थी. मेरे पास सबूत हैं कि वह उस दिन वहां नहीं था. उसकी जीपीएस लोकेशन ट्रैक की जा सकती है और यह जांचा जा सकता है कि वह महाव में उस दिन थे या नहीं.'
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क्या सुलझेगी इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या की गुत्थी? 10 प्वाइंट में जानें बुलंदशहर मामले में अब तक क्या हुआ
- Sunday December 9, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr mob violence) में बीते सोमवार को गोकशी के शक में भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का मामला अभी भी नहीं सुलझ पाया है. हालांकि, इंस्पेक्टर की हत्या का मुख्य संदिग्ध आर्मी जवान जीतू फौजी (Jitu Fauji) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. मगर जीतू ने हत्या करने की बात से साफ तौर पर इनकार कर दिया है. बताया जा रहा है कि सेना ने जीतू को रात करीब साढ़े बारह बजे पुलिस के हवाले कर दिया. एनडीटीवी से सूत्रों ने कहा कि वह पिछले 36 घंटे से पुलिस की रडार पर था. पुलिस की हिरासत में जीतू से पुछताछ हुई. पुलिस के सामने जीतू ने स्वीकार किया है कि वह भीड़ का हिस्सा था. दरअसल, बुलंदशहर में गोकशी के शक में भड़की हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह थे और एक सुमित नाम का युवक था. चलिए अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ जानते हैं.
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बुलंदशहर हिंसा: जीतू की गिरफ्तारी पर बोले यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी- आखिर क्यों भीड़ को उकसा रहा था सेना का जवान
- Sunday December 9, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
यूपी के बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का मुख्य संदिग्ध आर्मी जवान जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जितेंद्र मलिक को रविवार की रात सेना ने पुलिस के हवाले कर दिया. एनडीटीवी से सूत्रों ने कहा कि वह बीते 36 घंटों से पुलिस की रडार पर था. पुछताछ में पुलिस के सामने जीतू ने स्वीकार किया है कि वह भीड़ का हिस्सा था. दरअसल, यूपी के बुलंदशहर में बीते सोमवार को गोकशी के शक में भड़की हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह थे और एक सुमित नाम का युवक था.
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बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का मुख्य संदिग्ध जीतू फौजी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
- Sunday December 9, 2018
- Reported by: शरद शर्मा
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr mob violence) में बीते सोमवार को गोकशी के शक में भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का मुख्य संदिग्ध आर्मी जवान जीतू फौजी (Jitu Fauji) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
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बुलंदशहर हिंसा : घटना के समय मौके पर मौजूद था जीतू फौजी, सामने आया VIDEO
- Saturday December 8, 2018
- Reported by: शरद शर्मा
बुलंदशहर के स्याना कस्बे की चिंगरावठी पुलिस चौकी के सामने हुए उपद्रव से पहले चल रहे हंगामे की तस्वीरें सामने आई हैं जिसे देख कर यह साफ पता चल रहा है कि आरोपी नंबर 11 जीतू उर्फ फौजी घटना के दिन पुलिस चौकी के सामने सक्रिय तौर पर मौजूद था.
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यूपी के संभल, अमेठी और पीलीभीत में हैवानियत की वारदातें: कर्ज पर हत्या, पत्नी ने पति का प्राइवेट पार्ट काटा
- Sunday August 10, 2025
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: मेघा शर्मा
यूपी के संभल के चंदोसी थाना इलाके में कर्ज का तगादा करने पर युवक को घर बुलाकर दंपत्ति ने परिवार के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपियों ने युवक के पूरे शरीर को पेचकर और धारदार हथियार से बेरहमी से गोदा.
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गाजीपुर में कांस्टेबल की मौत मामले में पुलिस ने निषाद पार्टी के महासचिव को बनाया मुख्य आरोपी, कहा- उसने ही भीड़ को उकसाया
- Tuesday January 1, 2019
- Reported by: आलोक पांडे
गाजीपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बाद पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी. अभी तक इस मामले में 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एक अधिकारी ने बताया कि ये सभी उस भीड़ का हिस्सा थे, जिन्होंने पुलिस पर पथराव किया और उन पर लाठियों से हमला किया था.
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PM की रैली के बाद पथराव में मरने वाले कॉन्स्टेबल के बेटे का दर्द: पुलिस खुद की सुरक्षा नहीं कर सकती, उनसे क्या उम्मीद करें?
- Sunday December 30, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (Ghazipur) में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली (PM Narendra Modi Ghazipur Rally) के बाद उग्र भीड़ के पुलिस टीम पर पथराव (PM Narendra Modi Ghazipur Rally) में एक सिपाही की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मी ज़ख़्मी हुए हैं. इस मामले में अब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलसि ने कॉन्स्टेबल की मौत के मामले (Ghazipur Violence) में 32 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है. वहीं, मृतक कॉन्स्टेबल सुरेश वत्स के बेटे वीपी सिंह ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर ही सवाल उठा दिए. बताया जा रहा है कि पुलिस कॉन्स्टेबल की मौत निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा कथिततौर पर पत्थरबाजी से हुई है.
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Ghazipur Violence: पीएम मोदी की रैली के बाद UP के गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों के पथराव में पुलिसकर्मी की मौत
- Saturday December 29, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
गाजीपुर (Ghazipur Violence) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली (PM Modi Rally) के बाद लौट रहे वाहनों पर हुए पथराव में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई. वहीं, दो पुलिसकर्मी इसमें ज़ख़्मी हुए हैं. सुरेश वत्स (Suresh Vats) नाम का ये कांस्टेबल स्थानीय नोनहारा पुलिस स्टेशन पर तैनात था. शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी की रैली स्थल पर उसकी ड्यूटी लगी थी. सुरेश वत्स और उनकी टीम जब वापस लौट रही थी तो रास्ते में निषाद समुदाय के लोग आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस टीम ने लोगों को रास्ते से हटाने की कोशिश की, तो भीड़ ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिसमें कांस्टेबल सुनील वत्स की मौत हो गई.
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बुलंदशहर हिंसा: गोकशी रोकने को लेकर यूपी पुलिस का अनोखा अभियान, गांव-गांव जाकर लोगों को दिलाएंगे शपथ
- Friday December 14, 2018
- Reported by: शरद शर्मा, Written by: Samarjeet Singh
कुछ दिन पहले ही बुलंदशहर में हुई ऐसी ही हिंसा (Bulandshahr Violence) में एक पुलिस इंस्पेक्टर और एक आम नागरिक की हत्या कर दी गई थी. पुलिस के इस अभियान के तहत मेरठ जिले के किठौर थाने के प्रभारी (UP Police) का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह गांव के लोगों को गोकशी (Cow slaughtering) रोकने के लिए शपथ खिलाते दिख रहे हैं.
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बुलंदशहर हिंसा: गोकशी के आरोप में गिरफ्तारी पर उठे सवाल, जिनके नाम FIR में नहीं उन्हें किया अरेस्ट
- Monday December 10, 2018
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गोकशी के मामले में बुधवार सुबह पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया. सरफुद्दीन का नाम एफआईआर में था, जो गारमेंट का काम करते हैं. सरफुद्दीन के परिवार का दावा है कि जिस दिन गांव में गोवंश के अवशेष मिले थे, उस दिन वह वहां से 40 किलोमीटर दूर इज्तिमा में थे. उनके भाई मोहम्मद हुसैन का कहना है, 'वह उस दिन इज्तिमा में थे और उनकी पार्किंग में ड्यूटी लगी हुई थी. मेरे पास सबूत हैं कि वह उस दिन वहां नहीं था. उसकी जीपीएस लोकेशन ट्रैक की जा सकती है और यह जांचा जा सकता है कि वह महाव में उस दिन थे या नहीं.'
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क्या सुलझेगी इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या की गुत्थी? 10 प्वाइंट में जानें बुलंदशहर मामले में अब तक क्या हुआ
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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr mob violence) में बीते सोमवार को गोकशी के शक में भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का मामला अभी भी नहीं सुलझ पाया है. हालांकि, इंस्पेक्टर की हत्या का मुख्य संदिग्ध आर्मी जवान जीतू फौजी (Jitu Fauji) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. मगर जीतू ने हत्या करने की बात से साफ तौर पर इनकार कर दिया है. बताया जा रहा है कि सेना ने जीतू को रात करीब साढ़े बारह बजे पुलिस के हवाले कर दिया. एनडीटीवी से सूत्रों ने कहा कि वह पिछले 36 घंटे से पुलिस की रडार पर था. पुलिस की हिरासत में जीतू से पुछताछ हुई. पुलिस के सामने जीतू ने स्वीकार किया है कि वह भीड़ का हिस्सा था. दरअसल, बुलंदशहर में गोकशी के शक में भड़की हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह थे और एक सुमित नाम का युवक था. चलिए अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ जानते हैं.
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बुलंदशहर हिंसा: जीतू की गिरफ्तारी पर बोले यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी- आखिर क्यों भीड़ को उकसा रहा था सेना का जवान
- Sunday December 9, 2018
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यूपी के बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का मुख्य संदिग्ध आर्मी जवान जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जितेंद्र मलिक को रविवार की रात सेना ने पुलिस के हवाले कर दिया. एनडीटीवी से सूत्रों ने कहा कि वह बीते 36 घंटों से पुलिस की रडार पर था. पुछताछ में पुलिस के सामने जीतू ने स्वीकार किया है कि वह भीड़ का हिस्सा था. दरअसल, यूपी के बुलंदशहर में बीते सोमवार को गोकशी के शक में भड़की हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध सिंह थे और एक सुमित नाम का युवक था.
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बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का मुख्य संदिग्ध जीतू फौजी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
- Sunday December 9, 2018
- Reported by: शरद शर्मा
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr mob violence) में बीते सोमवार को गोकशी के शक में भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या का मुख्य संदिग्ध आर्मी जवान जीतू फौजी (Jitu Fauji) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
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बुलंदशहर हिंसा : घटना के समय मौके पर मौजूद था जीतू फौजी, सामने आया VIDEO
- Saturday December 8, 2018
- Reported by: शरद शर्मा
बुलंदशहर के स्याना कस्बे की चिंगरावठी पुलिस चौकी के सामने हुए उपद्रव से पहले चल रहे हंगामे की तस्वीरें सामने आई हैं जिसे देख कर यह साफ पता चल रहा है कि आरोपी नंबर 11 जीतू उर्फ फौजी घटना के दिन पुलिस चौकी के सामने सक्रिय तौर पर मौजूद था.
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