Saudi Oil Crisis
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होर्मुज में ‘मौत के रास्ते’ को भारतीय कप्तान ने दी मात, जानिए कैसे सऊदी अरब से भारत पहुंचा पहला जहाज
- Thursday March 12, 2026
- Written by: सत्यम बघेल
मुंबई के पोर्ट पर एक जहाज आज भारी मात्रा में तेल लेकर पहुंचा. 'Shenlong' ने युद्धग्रस्त स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए AIS बंद कर 'डार्क मोड' में यात्रा की और सऊदी अरब से 1.35 लाख टन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित मुंबई पहुंचा. यह संघर्ष शुरू होने के बाद भारत पहुंचने वाला पहला जहाज है.
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पश्चिम एशिया युद्ध में आगे क्या होगा, 4 संभावनाओं से समझें; भारत पर कितना असर?
- Wednesday March 11, 2026
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: मनोज शर्मा
Middle East war impact on India: पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का सीधा असर भारत में गैस की सप्लाई, तेल की कीमतों और जरूरत की अन्य चीजों पर पड़ने लगा है. अगर जंग तेज हुई तो क्या और कितना असर पड़ेगा, समझें.
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खाड़ी देश थमे तो कट जाएगी तेल की पाइपलाइन, केवल सऊदी अरब करता है 12 मिलियन BPD उत्पादन
- Tuesday March 10, 2026
- Written by: अनिशा कुमारी
World Oil Production by Country 2026: दुनिया में जितना भी कच्चा तेल जमीन के नीचे मौजूद है, उसका लगभग आधा हिस्सा खाड़ी देशों के पास है. सऊदी अरब आज भी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक बना हुआ है.
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तेल, ड्रोन अटैक और विस्फोट... सैटेलाइट से दिखा सऊदी की सबसे बड़ी रिफाइनरी का ईरानी हमलों ने क्या हाल किया
- Tuesday March 3, 2026
- Edited by: Ashutosh Kumar Singh
Iran Drone Attack on Saudi Arabia Aramco Oil refinery: अमेरिका और ईरान के बीच जंग की आग सऊदी के तेल रिफाइनरी तक पहुंच गई थी. इसपर ईरान ने ड्रोन से अटैक किया है.
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इजरायल-हमास युद्ध : पश्चिम एशिया के लिए क्या हैं मायने
- Tuesday October 17, 2023
- डॉ. जतिन कुमार
इजरायल-हमास युद्ध के संदर्भ में यह पहली बार है जब पश्चिम एशिया के देश भी बंटे हुए दिखाई दे रहे हैं. संयुक्त अरब अमीरात ने हमले के पहले दिन ही हमास को आड़े हाथ लिया था, वहीं सऊदी अरब भी युद्ध के संदर्भ में संतुलन की नीति पर चलता दिखाई दे रहा है.
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ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब के तेल संकट से भारत में भी पेट्रोल-डीजल हो सकते हैं महंगे
- Wednesday September 18, 2019
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र, Edited by: सूर्यकांत पाठक
सऊदी तेल प्लांट पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में उथल-पुथल बढ़ती जा रही है. मंगलवार को कच्चा तेल 13 फीसदी से ज़्यादा महंगा हो गया. ये संकट भारत के लिए एक नई चुनौती है. मंगलवार को शेयर बाज़ार 600 अंकों से ज़्यादा गिरा. सऊदी अरब के सबसे बड़े तेल कारख़ाने पर हुआ ये हमला भारत की आर्थिक सेहत पर भी असर डालता दिख रहा है. फ़िक्र तेल आपूर्ति की नहीं, तेल की क़ीमतों की है. भारत को आश्वासन मिल चुका है कि तेल की सप्लाई नहीं रुकेगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चा तेल मंगलवार को 7.84 डॉलर प्रति बैरल महंगा हो गया. हालांकि सरकार का दावा है कि भारत 70 से 75 डॉलर बैरल के दाम से निबटने की क्षमता रखता है. लेकिन अगर संकट लंबा खिंचा तो एक डॉलर प्रति बैरल बढ़ने का मतलब भारत पर सालाना, 10,700 करोड़ डॉलर का बोझ बढ़ना है.
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53.45 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचे कच्चे तेल के दाम, एक साल के उच्च स्तर पर
- Tuesday October 11, 2016
- एएफपी
लंदन बाजार में रविवार को ब्रेंट नार्थ सी कच्चे तेल के भाव में करोबार के दौरान डेढ़ डॉलर प्रति बैरल से अधिक का उछाल देखा गया और यह 53.45 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. एक साल में यह तेल का उच्चतम स्तर है.
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होर्मुज में ‘मौत के रास्ते’ को भारतीय कप्तान ने दी मात, जानिए कैसे सऊदी अरब से भारत पहुंचा पहला जहाज
- Thursday March 12, 2026
- Written by: सत्यम बघेल
मुंबई के पोर्ट पर एक जहाज आज भारी मात्रा में तेल लेकर पहुंचा. 'Shenlong' ने युद्धग्रस्त स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए AIS बंद कर 'डार्क मोड' में यात्रा की और सऊदी अरब से 1.35 लाख टन कच्चा तेल लेकर सुरक्षित मुंबई पहुंचा. यह संघर्ष शुरू होने के बाद भारत पहुंचने वाला पहला जहाज है.
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पश्चिम एशिया युद्ध में आगे क्या होगा, 4 संभावनाओं से समझें; भारत पर कितना असर?
- Wednesday March 11, 2026
- Reported by: NDTV इंडिया, Edited by: मनोज शर्मा
Middle East war impact on India: पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का सीधा असर भारत में गैस की सप्लाई, तेल की कीमतों और जरूरत की अन्य चीजों पर पड़ने लगा है. अगर जंग तेज हुई तो क्या और कितना असर पड़ेगा, समझें.
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खाड़ी देश थमे तो कट जाएगी तेल की पाइपलाइन, केवल सऊदी अरब करता है 12 मिलियन BPD उत्पादन
- Tuesday March 10, 2026
- Written by: अनिशा कुमारी
World Oil Production by Country 2026: दुनिया में जितना भी कच्चा तेल जमीन के नीचे मौजूद है, उसका लगभग आधा हिस्सा खाड़ी देशों के पास है. सऊदी अरब आज भी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक बना हुआ है.
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तेल, ड्रोन अटैक और विस्फोट... सैटेलाइट से दिखा सऊदी की सबसे बड़ी रिफाइनरी का ईरानी हमलों ने क्या हाल किया
- Tuesday March 3, 2026
- Edited by: Ashutosh Kumar Singh
Iran Drone Attack on Saudi Arabia Aramco Oil refinery: अमेरिका और ईरान के बीच जंग की आग सऊदी के तेल रिफाइनरी तक पहुंच गई थी. इसपर ईरान ने ड्रोन से अटैक किया है.
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इजरायल-हमास युद्ध : पश्चिम एशिया के लिए क्या हैं मायने
- Tuesday October 17, 2023
- डॉ. जतिन कुमार
इजरायल-हमास युद्ध के संदर्भ में यह पहली बार है जब पश्चिम एशिया के देश भी बंटे हुए दिखाई दे रहे हैं. संयुक्त अरब अमीरात ने हमले के पहले दिन ही हमास को आड़े हाथ लिया था, वहीं सऊदी अरब भी युद्ध के संदर्भ में संतुलन की नीति पर चलता दिखाई दे रहा है.
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ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब के तेल संकट से भारत में भी पेट्रोल-डीजल हो सकते हैं महंगे
- Wednesday September 18, 2019
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र, Edited by: सूर्यकांत पाठक
सऊदी तेल प्लांट पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में उथल-पुथल बढ़ती जा रही है. मंगलवार को कच्चा तेल 13 फीसदी से ज़्यादा महंगा हो गया. ये संकट भारत के लिए एक नई चुनौती है. मंगलवार को शेयर बाज़ार 600 अंकों से ज़्यादा गिरा. सऊदी अरब के सबसे बड़े तेल कारख़ाने पर हुआ ये हमला भारत की आर्थिक सेहत पर भी असर डालता दिख रहा है. फ़िक्र तेल आपूर्ति की नहीं, तेल की क़ीमतों की है. भारत को आश्वासन मिल चुका है कि तेल की सप्लाई नहीं रुकेगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चा तेल मंगलवार को 7.84 डॉलर प्रति बैरल महंगा हो गया. हालांकि सरकार का दावा है कि भारत 70 से 75 डॉलर बैरल के दाम से निबटने की क्षमता रखता है. लेकिन अगर संकट लंबा खिंचा तो एक डॉलर प्रति बैरल बढ़ने का मतलब भारत पर सालाना, 10,700 करोड़ डॉलर का बोझ बढ़ना है.
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53.45 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचे कच्चे तेल के दाम, एक साल के उच्च स्तर पर
- Tuesday October 11, 2016
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लंदन बाजार में रविवार को ब्रेंट नार्थ सी कच्चे तेल के भाव में करोबार के दौरान डेढ़ डॉलर प्रति बैरल से अधिक का उछाल देखा गया और यह 53.45 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. एक साल में यह तेल का उच्चतम स्तर है.
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