Mahatma Gandhi Grandson
- सब
- ख़बरें
- वीडियो
-
राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हुए महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, कांग्रेस ने बताया 'ऐतिहासिक'
- Friday November 18, 2022
- Reported by: भाषा
सात नवंबर से महाराष्ट्र से होकर गुजर रही यात्रा सुबह करीब छह बजे अकोला जिले के बालापुर से फिर शुरू हुई और कुछ घंटे बाद शेगांव पहुंची, जहां लेखक और कार्यकर्ता तुषार गांधी इसमें शामिल हुए .
-
ndtv.in
-
महात्मा गांधी के प्रपौत्र सतीश धुपेलिया का Covid-19 संक्रमण से निधन
- Monday November 23, 2020
- Reported by: भाषा
धुपेलिया की बहन उमा धुपेलिया-मेस्थरी ने इस बात की पुष्टि की कि उनके भाई की कोविड-19 संबंधित जटिलताओं से मौत हो गई है. उन्होंने बताया कि उनके भाई को निमोनिया हो गया था और उसके उपचार के लिए वह एक माह अस्पताल में थे और वहीं वह संक्रमण की चपेट में आ गए.
-
ndtv.in
-
महात्मा गांधी के पोते कनुभाई गांधी का 87 साल की उम्र में निधन
- Tuesday November 8, 2016
- भाषा
महात्मा गांधी के पोते कनुभाई गांधी का सोमवार को सूरत के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया, जहां उन्हें करीब दो सप्ताह पहले दिल का दौरा पड़ने के बाद भर्ती कराया गया था. वह 87 साल के थे.
-
ndtv.in
-
महात्मा गांधी के पोते कनुभाई गांधी गंभीर रूप से बीमार, वेंटिलेटर पर रखे गए
- Friday November 4, 2016
- Reported by: राजीव पाठक
महात्मा गांधी के पोते कनुभाई गांधी गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें सूरत के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहां उनका इलाज चल रहा है. फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था.
-
ndtv.in
-
वृद्धाश्रम में रह रहे महात्मा गांधी के पौत्र से बात की पीएम नरेंद्र मोदी ने
- Monday May 16, 2016
- Reported by: भाषा
प्रधानमंत्री ने दिल्ली के एक वृद्धाश्रम में सपत्नीक रह रहे महात्मा गांधी के पौत्र कनुभाई गांधी से फोन पर बात की और संस्कृति मंत्री महेश शर्मा को उनसे मिलने का निर्देश दिया। शर्मा ने कनुभाई से मुलाकात की और दक्षिण दिल्ली के गौतमपुरी में गुरु विश्राम वृद्धाश्रम में उनके साथ 45 मिनट बिताए।
-
ndtv.in
-
महात्मा गांधी के पोते दिल्ली के वृद्ध आश्रम में क्यों हैं?
- Sunday May 15, 2016
- Reported by: रवीश रंजन शुक्ला, Edited by: सूर्यकांत पाठक
वृद्ध आश्रम में ज्यादातर को उनके अपने ही छोड़कर चले गए। कानुभाई की तरह अब यह बुजुर्ग भी अपने बचपन को यहां जी रहे हैं। इनके लिए जिंदगी ही सवाल है...और सवाल ही अब इसका जवाब भी...।
-
ndtv.in
-
राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हुए महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी, कांग्रेस ने बताया 'ऐतिहासिक'
- Friday November 18, 2022
- Reported by: भाषा
सात नवंबर से महाराष्ट्र से होकर गुजर रही यात्रा सुबह करीब छह बजे अकोला जिले के बालापुर से फिर शुरू हुई और कुछ घंटे बाद शेगांव पहुंची, जहां लेखक और कार्यकर्ता तुषार गांधी इसमें शामिल हुए .
-
ndtv.in
-
महात्मा गांधी के प्रपौत्र सतीश धुपेलिया का Covid-19 संक्रमण से निधन
- Monday November 23, 2020
- Reported by: भाषा
धुपेलिया की बहन उमा धुपेलिया-मेस्थरी ने इस बात की पुष्टि की कि उनके भाई की कोविड-19 संबंधित जटिलताओं से मौत हो गई है. उन्होंने बताया कि उनके भाई को निमोनिया हो गया था और उसके उपचार के लिए वह एक माह अस्पताल में थे और वहीं वह संक्रमण की चपेट में आ गए.
-
ndtv.in
-
महात्मा गांधी के पोते कनुभाई गांधी का 87 साल की उम्र में निधन
- Tuesday November 8, 2016
- भाषा
महात्मा गांधी के पोते कनुभाई गांधी का सोमवार को सूरत के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया, जहां उन्हें करीब दो सप्ताह पहले दिल का दौरा पड़ने के बाद भर्ती कराया गया था. वह 87 साल के थे.
-
ndtv.in
-
महात्मा गांधी के पोते कनुभाई गांधी गंभीर रूप से बीमार, वेंटिलेटर पर रखे गए
- Friday November 4, 2016
- Reported by: राजीव पाठक
महात्मा गांधी के पोते कनुभाई गांधी गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें सूरत के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहां उनका इलाज चल रहा है. फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था.
-
ndtv.in
-
वृद्धाश्रम में रह रहे महात्मा गांधी के पौत्र से बात की पीएम नरेंद्र मोदी ने
- Monday May 16, 2016
- Reported by: भाषा
प्रधानमंत्री ने दिल्ली के एक वृद्धाश्रम में सपत्नीक रह रहे महात्मा गांधी के पौत्र कनुभाई गांधी से फोन पर बात की और संस्कृति मंत्री महेश शर्मा को उनसे मिलने का निर्देश दिया। शर्मा ने कनुभाई से मुलाकात की और दक्षिण दिल्ली के गौतमपुरी में गुरु विश्राम वृद्धाश्रम में उनके साथ 45 मिनट बिताए।
-
ndtv.in
-
महात्मा गांधी के पोते दिल्ली के वृद्ध आश्रम में क्यों हैं?
- Sunday May 15, 2016
- Reported by: रवीश रंजन शुक्ला, Edited by: सूर्यकांत पाठक
वृद्ध आश्रम में ज्यादातर को उनके अपने ही छोड़कर चले गए। कानुभाई की तरह अब यह बुजुर्ग भी अपने बचपन को यहां जी रहे हैं। इनके लिए जिंदगी ही सवाल है...और सवाल ही अब इसका जवाब भी...।
-
ndtv.in