K K Mohammed
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अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर गैंग पर ED की छापेमारी, 31 बैंक अकाउंट और एक लॉकर फ्रीज
- Tuesday February 10, 2026
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: पीयूष जयजान
ED ने 4 फरवरी 2026 को अहमदाबाद में अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले फर्जी कॉल सेंटर रैकेट पर छापेमारी की. कार्रवाई में लगभग 12,000 USD के बराबर क्रिप्टो, 13.5 लाख नकद, दस्तावेज/डिवाइस जब्त हुए और 31 बैंक अकाउंट व एक लॉकर फ्रीज़ किए गए; ठगी की रकम गिफ्ट कार्ड‑क्रिप्टो‑हवाला चैनलों से खपाई जाती थी.
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ndtv.in
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केके मोहम्मद ने मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए किया सराहनीय काम, मिला पद्मश्री
- Sunday January 27, 2019
- Reported by: रवीश रंजन शुक्ला
केके मोहम्मद बताते हैं कि नब्बे के दशक में जब पहली बार वो बटेश्वरा मंदिर पहुंचे तो मंदिर के बचे अवशेष पर लंबी मूंछ और हाथ में बंदूक लिए एक शख्श मिला. उसे जब पता चला कि वो इन मंदिरों का जीर्णोद्वार करने आए तो खुश हुआ. बाद में लोगों ने बताया कि ये दुर्दांत डाकू निर्भय गुज्जर था. डाकुओं और खनन माफियाओं के चलते मंदिर के जीर्णोद्वार का काम कोई करने को तैयार न था लेकिन केके मोहम्मद को अकेले काम करता देख लोगों का हौसला बढ़ा फिर इसका काम शुरू हुआ.
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अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर गैंग पर ED की छापेमारी, 31 बैंक अकाउंट और एक लॉकर फ्रीज
- Tuesday February 10, 2026
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: पीयूष जयजान
ED ने 4 फरवरी 2026 को अहमदाबाद में अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले फर्जी कॉल सेंटर रैकेट पर छापेमारी की. कार्रवाई में लगभग 12,000 USD के बराबर क्रिप्टो, 13.5 लाख नकद, दस्तावेज/डिवाइस जब्त हुए और 31 बैंक अकाउंट व एक लॉकर फ्रीज़ किए गए; ठगी की रकम गिफ्ट कार्ड‑क्रिप्टो‑हवाला चैनलों से खपाई जाती थी.
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केके मोहम्मद ने मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए किया सराहनीय काम, मिला पद्मश्री
- Sunday January 27, 2019
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केके मोहम्मद बताते हैं कि नब्बे के दशक में जब पहली बार वो बटेश्वरा मंदिर पहुंचे तो मंदिर के बचे अवशेष पर लंबी मूंछ और हाथ में बंदूक लिए एक शख्श मिला. उसे जब पता चला कि वो इन मंदिरों का जीर्णोद्वार करने आए तो खुश हुआ. बाद में लोगों ने बताया कि ये दुर्दांत डाकू निर्भय गुज्जर था. डाकुओं और खनन माफियाओं के चलते मंदिर के जीर्णोद्वार का काम कोई करने को तैयार न था लेकिन केके मोहम्मद को अकेले काम करता देख लोगों का हौसला बढ़ा फिर इसका काम शुरू हुआ.
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