Jyotiba Phule Birth Anniversary
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ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के लिए दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी समारोह की शुरुआत, 126 सदस्यीय समिति का गठन
- Monday April 13, 2026
- Reported by: प्रशांत, Edited by: पीयूष जयजान
सामाजिक सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार ने दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की शुरुआत की है.
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ndtv.in
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ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर बोले पीएम मोदी-वो उनके विचार देशवासियों के लिए प्रेरणापुंज, जीवन साहस की मिसाल
- Saturday April 11, 2026
- Edited by: उत्कर्ष गहरवार
PM Modi On Jyotiba Phule Birth Anniversary: पीएम मोदी ने कहा, ‘‘महान समाज सुधारक महात्मा फुले का जीवन नैतिक साहस, आत्म चिंतन और समाज के हित के लिए अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके 200वें जयंती वर्ष की शुरुआत पर हम उनके विचारों को अपनाकर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं.
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ndtv.in
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आज भारत की औरतों का जन्मदिन है... क्या आप जानते हैं?
- Thursday January 3, 2019
- रवीश कुमार
सावित्री बाई ने पहला स्कूल नहीं खोला, पहली अध्यापिका नहीं बनीं, बल्कि भारत में औरतें अब वैसी नहीं दिखेंगी जैसी दिखती आई हैं, इसका पहला जीता जागता मौलिक चार्टर बन गईं. उन्होंने भारत की मरी हुई और मार दी गई औरतों को दोबारा से जन्म दिया.
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ndtv.in
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Savitribai Phule Jayanti: कौन थीं देश की पहली महिला शिक्षक सावित्रीबाई फुले?
- Thursday January 3, 2019
- Edited by: अर्चित गुप्ता
भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले (Savitribai Phule) का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र स्थित सतारा के गांव नायगांव में हुआ था. सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं. उन्होंने महिलाओं को शिक्षित करने और उनके अधिकारों की लड़ाई में अहम भूमिरा निभाई थी. आज से करीब डेढ़ सौ साल पहले फुले ने महिलाओं को भी पुरुषों की तरह ही सामान अधिकार दिलाने की बात की थी.
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ndtv.in
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ज्योतिबा फुले: लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोलने वाले महात्मा के बारे में जानिए 10 बातें
- Wednesday April 11, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
ज्योतिबा फुले ने स्त्रियों की दशा सुधारने और समाज में उन्हें पहचान दिलाने के लिए 1854 में एक स्कूल खोला. यह देश का पहला ऐसा स्कूल था जिसे लड़कियों के लिए खोला गया था.
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ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के लिए दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी समारोह की शुरुआत, 126 सदस्यीय समिति का गठन
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सामाजिक सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार ने दो‑वर्षीय राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की शुरुआत की है.
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- Saturday April 11, 2026
- Edited by: उत्कर्ष गहरवार
PM Modi On Jyotiba Phule Birth Anniversary: पीएम मोदी ने कहा, ‘‘महान समाज सुधारक महात्मा फुले का जीवन नैतिक साहस, आत्म चिंतन और समाज के हित के लिए अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके 200वें जयंती वर्ष की शुरुआत पर हम उनके विचारों को अपनाकर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं.
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- Thursday January 3, 2019
- रवीश कुमार
सावित्री बाई ने पहला स्कूल नहीं खोला, पहली अध्यापिका नहीं बनीं, बल्कि भारत में औरतें अब वैसी नहीं दिखेंगी जैसी दिखती आई हैं, इसका पहला जीता जागता मौलिक चार्टर बन गईं. उन्होंने भारत की मरी हुई और मार दी गई औरतों को दोबारा से जन्म दिया.
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- Thursday January 3, 2019
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भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले (Savitribai Phule) का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र स्थित सतारा के गांव नायगांव में हुआ था. सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं. उन्होंने महिलाओं को शिक्षित करने और उनके अधिकारों की लड़ाई में अहम भूमिरा निभाई थी. आज से करीब डेढ़ सौ साल पहले फुले ने महिलाओं को भी पुरुषों की तरह ही सामान अधिकार दिलाने की बात की थी.
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- Wednesday April 11, 2018
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ज्योतिबा फुले ने स्त्रियों की दशा सुधारने और समाज में उन्हें पहचान दिलाने के लिए 1854 में एक स्कूल खोला. यह देश का पहला ऐसा स्कूल था जिसे लड़कियों के लिए खोला गया था.
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