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सीहोर का ‘रूठिया साम्राज्य’: क्या ब्रिटेन के 'किंग चार्ल्स' लौटाएंगे सेठ जुम्मा लाल से 1917 में लिया कर्ज?
- Friday February 27, 2026
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: रविकांत ओझा
Sehore Ruthia Family: सीहोर के प्रतिष्ठित रूठिया परिवार का 109 साल पुराना इतिहास और ब्रिटिश हुकूमत को दिए गए 35 हजार रुपये के कर्ज की पूरी कहानी दिलचस्प है. अफीम के व्यापार से लेकर 1000 एकड़ जमीन के साम्राज्य तक, जानिए कैसे अब चौथी पीढ़ी अंग्रेजों से अपनी ऐतिहासिक उधारी का हिसाब मांगने की तैयारी में है.
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109 साल पहले दादा ने अंग्रेजों को दिया था कर्ज, अब पोता करेगा वसूली...35 हजार से करोड़ों तक पहुंचा मामला
- Tuesday February 24, 2026
- Written by: शालिनी सेंगर
British era loan: कभी-कभी पुरानी संदूक से निकला एक कागज पूरी कहानी बदल देता है. सीहोर के एक घर में ऐसा ही हुआ, जब 100 साल से ज्यादा पुराना हिसाब फिर जिंदा हो गया.
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सीहोर के सेठ जुम्मालाल की कर्जदार ब्रिटिश सरकार, 109 साल पहले दिए 35 हजार, अब पोता करेगा वसूली; कौन है रूठिया परिवार?
- Monday February 23, 2026
- Written by: कपिल सुर्यवंशी, Edited by: उदित दीक्षित
Sehore Seth Jummalal Ruthia Vivek Ruthia: विवेक रूठिया के अनुसार, विरासत में मिले ऐतिहासिक दस्तावेजों और वसीयत की लिखा-पढ़ी से इस लेन-देन का खुलासा हुआ है. उनका दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक संप्रभु देश अपने पुराने वित्तीय वादों को चुकाने के लिए बाध्य है. उनके दादा ने 1917 में जो 35 हजार रुपये उधार दिए थे अब वह करोड़ों में पहुंच गए हैं.
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10 बच्चों की सिंगल मदर...बोली- परेशान हूं, लेकिन आगे भी हो सकती हूं प्रेग्नेंट
- Thursday February 12, 2026
- Written by: शालिनी सेंगर
सुबह की हलचल, बच्चों की आवाजें और चार कमरों का घर...जहां हर दिन एक जद्दोजहद है. तंगी भी है, थकान भी, मगर हौसला ऐसा कि कहानी सुनकर आप ठहर जाएं.
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भारत के ‘दानवीर’ जमशेदजी जीजाभाई, जिन्हें अंग्रेजी हुकूमत से मिली थी ‘नाइट’ और ‘बैरोनेट’ की उपाधि
- Monday July 14, 2025
- Reported by: IANS, Edited by: प्रिया गुप्ता
जमशेदजी जीजाभाई 19वीं सदी के एक प्रसिद्ध भारतीय व्यापारी और सामाजिक सुधारक थे, जिन्हें सर जमशेदजी जीजाभाई (प्रथम बैरोनेट) के नाम से भी जाना जाता है. वे भारत के पहले बैरोनेट थे, जिन्हें ब्रिटिश साम्राज्य ने उनकी परोपकारी सेवाओं के लिए ‘नाइट’ और ‘बैरोनेट’ की उपाधि से सम्मानित किया था.
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कौन थे सी. शंकरन नायर, जिनका नाम लेकर PM मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला
- Monday April 14, 2025
- Written by: प्रभांशु रंजन
C. Sankaran Nair: सी. शंकरन नायर एक प्रसिद्ध वकील थे. 100 साल पहले अंग्रेजी सरकार में बहुत बड़े पद पर थे. लेकिन जालियांवाला हत्याकांड के व्यथित होकर अंग्रेजों की नौकरी छोड़ उन्हीं से भिड़ गए थे.
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'जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए भारत से माफी मांगे ब्रिटेन', UK सांसद बॉब ब्लैकमैन ने की मांग
- Saturday March 29, 2025
- Written by: NDTV News Desk
यूके सांसद बॉब ब्लैकमैन ने ब्रिटिश सरकार से औपचारिक रूप से जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए माफी मांगने का आग्रह किया है.
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किस सरकार ने बदल दिया था बजट पेश करने का समय, सुबह 11 बजे सबसे पहले किसने पेश किया
- Saturday February 1, 2025
- Written by: राजेश कुमार आर्य
अटल विहारी वाजपेयी की सरकार में वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने पहली बार सुबह 11 बजे बजट पेश करना शुरू किया था. इससे पहले बजट शाम पांच बजे से पेश किया जाता था.यह परंपरा ब्रिटिश सरकार के समय से जारी थी. वहीं 2017 से रेल बजट का आम बजट में ही विलय कर दिया गया.
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जब भारत के हुए दो टुकड़े...पाकिस्तान को मिले 75 करोड़; किसके हिस्से आया 'जॉयमोनी' हाथी और सोने की बग्घी
- Wednesday August 14, 2024
- Edited by: श्वेता गुप्ता
मातृ भूमि के लिए मर मिटने के जज्बे ने अंग्रेजों के पांव उखाड़ दिए और उन्हें भारत छोड़ने को मजबूर होना पड़ा. लेकिन जाते-जाते अंग्रेजों ने बंटवारे की ऐसी चिंगारी छोड़ी जो देखते-देखते भीषण आग में तब्दील हो गई और लाखों लोगों का कत्लेआम हो गया.
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...जब झारखंड के इन तीन वीरों के विद्रोह से कांप उठी थी अंग्रेजी हुकूमत, वीरता और शहादत की वो दास्तान
- Tuesday August 13, 2024
- Edited by: चंदन वत्स
शोधकर्ताओं का कहना है कि ये विद्रोह बैरकपुर छावनी में 1857 के पहले हुआ था. अंग्रेजों ने जिस जगह तीनों विद्रोहियों को फांसी दी थी, वो जगह आज 'फंसियाबारी' के नाम से जानी जाती है. ये तीनों शहीद रोहिणी के आसपास के गांवों के रहने वाले थे.
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सीहोर का ‘रूठिया साम्राज्य’: क्या ब्रिटेन के 'किंग चार्ल्स' लौटाएंगे सेठ जुम्मा लाल से 1917 में लिया कर्ज?
- Friday February 27, 2026
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: रविकांत ओझा
Sehore Ruthia Family: सीहोर के प्रतिष्ठित रूठिया परिवार का 109 साल पुराना इतिहास और ब्रिटिश हुकूमत को दिए गए 35 हजार रुपये के कर्ज की पूरी कहानी दिलचस्प है. अफीम के व्यापार से लेकर 1000 एकड़ जमीन के साम्राज्य तक, जानिए कैसे अब चौथी पीढ़ी अंग्रेजों से अपनी ऐतिहासिक उधारी का हिसाब मांगने की तैयारी में है.
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109 साल पहले दादा ने अंग्रेजों को दिया था कर्ज, अब पोता करेगा वसूली...35 हजार से करोड़ों तक पहुंचा मामला
- Tuesday February 24, 2026
- Written by: शालिनी सेंगर
British era loan: कभी-कभी पुरानी संदूक से निकला एक कागज पूरी कहानी बदल देता है. सीहोर के एक घर में ऐसा ही हुआ, जब 100 साल से ज्यादा पुराना हिसाब फिर जिंदा हो गया.
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सीहोर के सेठ जुम्मालाल की कर्जदार ब्रिटिश सरकार, 109 साल पहले दिए 35 हजार, अब पोता करेगा वसूली; कौन है रूठिया परिवार?
- Monday February 23, 2026
- Written by: कपिल सुर्यवंशी, Edited by: उदित दीक्षित
Sehore Seth Jummalal Ruthia Vivek Ruthia: विवेक रूठिया के अनुसार, विरासत में मिले ऐतिहासिक दस्तावेजों और वसीयत की लिखा-पढ़ी से इस लेन-देन का खुलासा हुआ है. उनका दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक संप्रभु देश अपने पुराने वित्तीय वादों को चुकाने के लिए बाध्य है. उनके दादा ने 1917 में जो 35 हजार रुपये उधार दिए थे अब वह करोड़ों में पहुंच गए हैं.
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- Thursday February 12, 2026
- Written by: शालिनी सेंगर
सुबह की हलचल, बच्चों की आवाजें और चार कमरों का घर...जहां हर दिन एक जद्दोजहद है. तंगी भी है, थकान भी, मगर हौसला ऐसा कि कहानी सुनकर आप ठहर जाएं.
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भारत के ‘दानवीर’ जमशेदजी जीजाभाई, जिन्हें अंग्रेजी हुकूमत से मिली थी ‘नाइट’ और ‘बैरोनेट’ की उपाधि
- Monday July 14, 2025
- Reported by: IANS, Edited by: प्रिया गुप्ता
जमशेदजी जीजाभाई 19वीं सदी के एक प्रसिद्ध भारतीय व्यापारी और सामाजिक सुधारक थे, जिन्हें सर जमशेदजी जीजाभाई (प्रथम बैरोनेट) के नाम से भी जाना जाता है. वे भारत के पहले बैरोनेट थे, जिन्हें ब्रिटिश साम्राज्य ने उनकी परोपकारी सेवाओं के लिए ‘नाइट’ और ‘बैरोनेट’ की उपाधि से सम्मानित किया था.
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कौन थे सी. शंकरन नायर, जिनका नाम लेकर PM मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला
- Monday April 14, 2025
- Written by: प्रभांशु रंजन
C. Sankaran Nair: सी. शंकरन नायर एक प्रसिद्ध वकील थे. 100 साल पहले अंग्रेजी सरकार में बहुत बड़े पद पर थे. लेकिन जालियांवाला हत्याकांड के व्यथित होकर अंग्रेजों की नौकरी छोड़ उन्हीं से भिड़ गए थे.
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'जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए भारत से माफी मांगे ब्रिटेन', UK सांसद बॉब ब्लैकमैन ने की मांग
- Saturday March 29, 2025
- Written by: NDTV News Desk
यूके सांसद बॉब ब्लैकमैन ने ब्रिटिश सरकार से औपचारिक रूप से जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए माफी मांगने का आग्रह किया है.
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किस सरकार ने बदल दिया था बजट पेश करने का समय, सुबह 11 बजे सबसे पहले किसने पेश किया
- Saturday February 1, 2025
- Written by: राजेश कुमार आर्य
अटल विहारी वाजपेयी की सरकार में वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने पहली बार सुबह 11 बजे बजट पेश करना शुरू किया था. इससे पहले बजट शाम पांच बजे से पेश किया जाता था.यह परंपरा ब्रिटिश सरकार के समय से जारी थी. वहीं 2017 से रेल बजट का आम बजट में ही विलय कर दिया गया.
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जब भारत के हुए दो टुकड़े...पाकिस्तान को मिले 75 करोड़; किसके हिस्से आया 'जॉयमोनी' हाथी और सोने की बग्घी
- Wednesday August 14, 2024
- Edited by: श्वेता गुप्ता
मातृ भूमि के लिए मर मिटने के जज्बे ने अंग्रेजों के पांव उखाड़ दिए और उन्हें भारत छोड़ने को मजबूर होना पड़ा. लेकिन जाते-जाते अंग्रेजों ने बंटवारे की ऐसी चिंगारी छोड़ी जो देखते-देखते भीषण आग में तब्दील हो गई और लाखों लोगों का कत्लेआम हो गया.
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...जब झारखंड के इन तीन वीरों के विद्रोह से कांप उठी थी अंग्रेजी हुकूमत, वीरता और शहादत की वो दास्तान
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शोधकर्ताओं का कहना है कि ये विद्रोह बैरकपुर छावनी में 1857 के पहले हुआ था. अंग्रेजों ने जिस जगह तीनों विद्रोहियों को फांसी दी थी, वो जगह आज 'फंसियाबारी' के नाम से जानी जाती है. ये तीनों शहीद रोहिणी के आसपास के गांवों के रहने वाले थे.
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