'Indian Penal Code (IPC)' - 7 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • India | मंगलवार फ़रवरी 9, 2021 12:29 PM IST
    सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश (CJI) एस. ए. बोबडे ने कहा कि याचिकाकर्ता इससे कैसे प्रभावित है? आप पर क्या कॉज ऑफ एक्शन है. आपके खिलाफ कोई केस नहीं है. हमने पहले ही तय कर रखा है कि जब तक कोई कॉज ऑफ एक्शन नहीं होगा तो आप इसी तरह कानून को चुनौती नहीं दे सकते हैं. हमारे पास ऐसा कोई केस नहीं है जो जेल में सड़ रहा हो. आप अगर ठोस केस के साथ आते हैं तो देखेंगे.
  • India | गुरुवार सितम्बर 27, 2018 11:51 AM IST
    158 साल पुराने कानून IPC 497 (व्यभिचार) की वैधता  (Adultery under Section 497) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना फैसला सुना दिया. सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने व्यभिचार को आपराधिक कृत्य बताने वाले दंडात्मक प्रावधान को सर्वसम्मति से निरस्त किया. सुप्रीम कोर्ट ने 157 साल पुराने व्यभिचार को रद्द कर दिया और कहा कि किसी पुरुष द्वारा विवाहित महिला से यौन संबंध बनाना अपराध नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि व्यभिचार कानून असंवैधानिक है. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि व्यभिचार कानून मनमाना और भेदभावपूर्ण है. यह लैंगिक समानता के खिलाफ है. मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस रोहिंटन नरीमन, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदु मल्होत्रा के संविधान पीठ ने यह फैसला सुनाया है. बता दें कि इस पीठ ने ही धारा 377 पर अपना अहम फैसला सुनाया था. इससे पहले इसी बेंच ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से अलग किया था. तो चलिए जानते हैं उन पांचों जजों के बारे में...
  • India | गुरुवार सितम्बर 27, 2018 11:38 AM IST
    सुप्रीम कोर्ट ने व्यभिचार-रोधी कानून को रद्द कर दिया है और कहा है कि व्यभिचार अपराध नहीं है. कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि यह तलाक का आधार हो सकता है लेकिन यह कानून महिला के जीने के अधिकार पर असर डालता है.
  • Sex & Relationships | गुरुवार सितम्बर 6, 2018 12:19 PM IST
    आपको बता दें इस फैसले से पहले तक आईपीसी की धारा 377 के तहत समलैंगिकता अपराध थी. इसमें 10 साल या फिर जिंदगीभर जेल की सजा का भी प्रावधान था, वो भी गैर-जमानती.
  • India | गुरुवार फ़रवरी 9, 2017 10:54 AM IST
    सरकार सड़क हादसों में लगाम लगाने के लिए यातायात नियमों को और सख्त बनाने पर लगातार जोर दे रही है, बावजूद इसके सड़क हादसों में कोई कमी नहीं आ रही है. सरकार की अगली कोशिश शराब पीकर वाहन चलाने के दौरान होने वाली मौत के मामले को गैर इरादतन हत्या के तौर पर शामिल करने की है.
  • India | शुक्रवार फ़रवरी 26, 2016 11:48 PM IST
    देशद्रोह संबंधी कानून को लेकर चल रही चर्चा के बीच राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय दंड संहिता को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालने के लिए विस्तृत समीक्षा की जरूरत है और ‘प्राचीन’ पुलिस प्रणाली में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
  • India | गुरुवार जुलाई 23, 2015 11:48 PM IST
    हिट एंड रन यानी टक्कर मार कर फरार होना। अगर सीसीटीवी कैमरे ना हों तो कई वारदातों की हकीकत शायद ही सामने आ पाए। ऐसे में पीड़ित को इंसाफ और मुजरिम को सज़ा की बात बेमानी है, लेकिन सरकार अब हिट एंड रन के ऐसे मामलों में सख़्त कानून लाने जा रही है।
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