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NDTV IGNITE: 'ग्लोबल ग्रोथ में 20% हिस्सेदारी केवल भारत की होगी', दावोस में एनडीटीवी से बोले WEF प्रेसिडेंट
- Monday January 19, 2026
- Reported by: विष्णु सोम, Edited by: निलेश कुमार
ब्रेंडे ने भारत की विकास दर पर खुशी जताते हुए एक बड़ा सुझाव भी दिया. उन्होंने कहा, 'भारत की ग्रोथ शानदार है, लेकिन अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक व्यापार समझौते (Trade Agreement) पर हस्ताक्षर करते हैं, तो यह सोने पर सुहागा होगा. यह न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए मददगार साबित होगा.'
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Exclusive: 2025-26 में 7% से ऊपर जा सकता है भारत का ग्रोथ रेट, डॉ. अरविंद विरमानी ने गिनाए कारण
- Tuesday January 6, 2026
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्रा, Edited by: प्रभांशु रंजन
नीति आयोग के सदस्य और प्रमुख अर्थशास्त्री डॉ. अरविंद विरमानी ने कहा भारतीय अर्थव्यवस्था वित्तिय वर्ष 2025-26 में 7% की विकास दर की तरफ बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि हो सकता है वित्तिय वर्ष 2025-26 में आर्थिक विकास दर 7% से थोड़ा ऊपर भी जा सकती है.
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ये सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं... भारत की उपलब्धियों पर पीएम मोदी, बताया कैसे आया बदलाव
- Saturday December 6, 2025
- Edited by: विजय शंकर पांडेय
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की उपलब्धियां सामान्य बात नहीं हैं. ये सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, फंडामेंटल चेंज है. ये चेंज बीते दशक में भारत लेकर आया है.
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PM Modi@75: नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था ने कैसे भरी रफ्तार, किस सेक्टर में किया है कमाल
- Tuesday September 9, 2025
- Written by: राजेश कुमार आर्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने 75 साल के हो जाएंगे. आइए इस अवसर पर जानते हैं कि प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को कैसा आकार दिया है.
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पीएम मोदी का है 2047 में विकसित भारत का सपना, अरविन्द पानगड़िया से जानिए क्या है रास्ता
- Saturday February 1, 2025
- Written by: NDTV इंडिया
16वें वित्त आयोग के प्रमुख अरविन्द पानगड़िया ने एनडीटीवी से कहा था कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जरूरी है कि प्रति व्यक्ति आय 12800-12900 डॉलर हो. इसके लिए जीडीपी की विकास दर 7.6 फीसदी होनी चाहिए.
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भारत हर मोर्चे पर बढ़ रहा आगे, हमारे आलोचक ‘सबसे निचले स्तर पर’: पीएम मोदी
- Friday February 9, 2024
- Reported by: भाषा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लगातार वृद्धि दर बढ़ने के साथ अब भारत का वक्त आ गया है और ‘हमारे आलोचक सबसे निचले स्तर’ पर पहुंच गए हैं. प्रधानमंत्री ने टाइम्स ग्रुप के 'ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट' को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पर पूरी दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
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आप प्रधानमंत्री की जगह होते तो क्या करते? राहुल गांधी ने दिया ये जवाब
- Saturday April 3, 2021
- Edited by: सिद्धार्थ चौरसिया
कोरोना संकट और लॉकडाउन के असर पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ मैंने लॉकडाउन की शुरुआत में कहा था कि शक्ति का विकेंद्रीकरण किया जाए... लेकिन कुछ महीने बाद केंद्र सरकार की समझ में आया, तब तक नुकसान हो चुका था.’’ अर्थव्यवस्था को गति देने के उपाय से जुड़े सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अब सिर्फ एक ही विकल्प है कि लोगों के हाथों में पैसे दिए जाएं. इसके लिए हमारे पास ‘न्याय’ का विचार है.’’ उन्होंने चीन के बढ़ते वर्चस्व की चुनौती के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भारत और अमेरिका जैसे देश लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ ही समृद्धि और विनिर्माण क्षेत्र के विकास से बीजिंग की चुनौती से निपट सकते हैं.
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सरकार ने शुरू की बजट की तैयारी, प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लोगों से मांगे बजट के लिए सुझाव
- Friday January 17, 2020
- Reported by: भाषा
संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होने का अनुमान है और एक फरवरी को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए मोदी सरकार दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश करेगी. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को देश के शीर्ष 10 कारोबारियों से मुलाकात की थी और अर्थव्यवस्था में सुधार, रोजगार सृजन और विकास दर सहित अन्य विषयों पर चर्चा की थी.
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अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?
- Friday September 20, 2019
- Written by: मानस मिश्रा
देश की अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कोशिशें जारी हैं. पिछले 2 महीने में वित्तमंत्री की ओर से देश को मंदी की ओर जाने से रोकने के लिए कई ऐलान किए गए हैं. आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कारपोरेट टैक्स घटाकर 30 फीसदी से 25.2 फीसदी कर दिया है. उनके इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में तगड़ा उछाल आया और सेंसेक्स 1600 अंकों तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि इस तिमाही में देश की विकास दर 5 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके बाद से मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए जीएसटी को वजह बताया. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार को कुछ कदम उठाने की सलाह दी. मंदी का सबसे कारण घरेलू बाजार में मांग की कमी है जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो सेक्टर पर दिखाई दे रहा है. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि के हालात भी ठीक नहीं है. सरकार इससे निपटने के लिए पिछले दो महीने में कई बड़े ऐलान कर चुकी है और कई फैसले भी वापस भी लिए हैं जो बजट के दौरान किए गए थे. हालांकि उसकी ओर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी का असर भारत पर बताया जा रहा है. इससे पहले जो ऐलान किए गए थे उसका स्वागत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने भी किया है और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.
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देश आर्थिक मंदी की ओर, सरकार राजनीतिक बदले का एजेंडा छोड़े और अर्थव्यवस्था संभाले : मनमोहन सिंह
- Sunday September 1, 2019
- Reported by: ANI, Edited by: मानस मिश्रा
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में जीडीपी का 5 फीसदी पर आना दिखाता है कि अर्थव्यवस्था एक गहरी मंदी की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि भारत के पास तेजी से विकास दर की संभावना है लेकिन मोदी सरकार के कुप्रंधन की वजह से मंदी आई है. उन्होंने कहा कि यह परेशान करने वाला है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ रेट 0.6 फीसदी पर लड़खड़ा रही है. इससे साफ जाहिर होता है कि हमारी अर्थव्यवस्था अभी तक नोटबंदी और हड़बड़ी में लागू किए गए जीएसटी से उबर नहीं पाई है.
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NDTV IGNITE: 'ग्लोबल ग्रोथ में 20% हिस्सेदारी केवल भारत की होगी', दावोस में एनडीटीवी से बोले WEF प्रेसिडेंट
- Monday January 19, 2026
- Reported by: विष्णु सोम, Edited by: निलेश कुमार
ब्रेंडे ने भारत की विकास दर पर खुशी जताते हुए एक बड़ा सुझाव भी दिया. उन्होंने कहा, 'भारत की ग्रोथ शानदार है, लेकिन अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक व्यापार समझौते (Trade Agreement) पर हस्ताक्षर करते हैं, तो यह सोने पर सुहागा होगा. यह न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए मददगार साबित होगा.'
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Exclusive: 2025-26 में 7% से ऊपर जा सकता है भारत का ग्रोथ रेट, डॉ. अरविंद विरमानी ने गिनाए कारण
- Tuesday January 6, 2026
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्रा, Edited by: प्रभांशु रंजन
नीति आयोग के सदस्य और प्रमुख अर्थशास्त्री डॉ. अरविंद विरमानी ने कहा भारतीय अर्थव्यवस्था वित्तिय वर्ष 2025-26 में 7% की विकास दर की तरफ बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि हो सकता है वित्तिय वर्ष 2025-26 में आर्थिक विकास दर 7% से थोड़ा ऊपर भी जा सकती है.
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ये सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं... भारत की उपलब्धियों पर पीएम मोदी, बताया कैसे आया बदलाव
- Saturday December 6, 2025
- Edited by: विजय शंकर पांडेय
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की उपलब्धियां सामान्य बात नहीं हैं. ये सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, फंडामेंटल चेंज है. ये चेंज बीते दशक में भारत लेकर आया है.
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PM Modi@75: नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था ने कैसे भरी रफ्तार, किस सेक्टर में किया है कमाल
- Tuesday September 9, 2025
- Written by: राजेश कुमार आर्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने 75 साल के हो जाएंगे. आइए इस अवसर पर जानते हैं कि प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को कैसा आकार दिया है.
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पीएम मोदी का है 2047 में विकसित भारत का सपना, अरविन्द पानगड़िया से जानिए क्या है रास्ता
- Saturday February 1, 2025
- Written by: NDTV इंडिया
16वें वित्त आयोग के प्रमुख अरविन्द पानगड़िया ने एनडीटीवी से कहा था कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जरूरी है कि प्रति व्यक्ति आय 12800-12900 डॉलर हो. इसके लिए जीडीपी की विकास दर 7.6 फीसदी होनी चाहिए.
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भारत हर मोर्चे पर बढ़ रहा आगे, हमारे आलोचक ‘सबसे निचले स्तर पर’: पीएम मोदी
- Friday February 9, 2024
- Reported by: भाषा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लगातार वृद्धि दर बढ़ने के साथ अब भारत का वक्त आ गया है और ‘हमारे आलोचक सबसे निचले स्तर’ पर पहुंच गए हैं. प्रधानमंत्री ने टाइम्स ग्रुप के 'ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट' को संबोधित करते हुए कहा कि भारत पर पूरी दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
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आप प्रधानमंत्री की जगह होते तो क्या करते? राहुल गांधी ने दिया ये जवाब
- Saturday April 3, 2021
- Edited by: सिद्धार्थ चौरसिया
कोरोना संकट और लॉकडाउन के असर पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ मैंने लॉकडाउन की शुरुआत में कहा था कि शक्ति का विकेंद्रीकरण किया जाए... लेकिन कुछ महीने बाद केंद्र सरकार की समझ में आया, तब तक नुकसान हो चुका था.’’ अर्थव्यवस्था को गति देने के उपाय से जुड़े सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अब सिर्फ एक ही विकल्प है कि लोगों के हाथों में पैसे दिए जाएं. इसके लिए हमारे पास ‘न्याय’ का विचार है.’’ उन्होंने चीन के बढ़ते वर्चस्व की चुनौती के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भारत और अमेरिका जैसे देश लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ ही समृद्धि और विनिर्माण क्षेत्र के विकास से बीजिंग की चुनौती से निपट सकते हैं.
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सरकार ने शुरू की बजट की तैयारी, प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर लोगों से मांगे बजट के लिए सुझाव
- Friday January 17, 2020
- Reported by: भाषा
संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होने का अनुमान है और एक फरवरी को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए मोदी सरकार दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश करेगी. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को देश के शीर्ष 10 कारोबारियों से मुलाकात की थी और अर्थव्यवस्था में सुधार, रोजगार सृजन और विकास दर सहित अन्य विषयों पर चर्चा की थी.
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अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?
- Friday September 20, 2019
- Written by: मानस मिश्रा
देश की अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कोशिशें जारी हैं. पिछले 2 महीने में वित्तमंत्री की ओर से देश को मंदी की ओर जाने से रोकने के लिए कई ऐलान किए गए हैं. आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कारपोरेट टैक्स घटाकर 30 फीसदी से 25.2 फीसदी कर दिया है. उनके इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में तगड़ा उछाल आया और सेंसेक्स 1600 अंकों तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि इस तिमाही में देश की विकास दर 5 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके बाद से मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए जीएसटी को वजह बताया. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार को कुछ कदम उठाने की सलाह दी. मंदी का सबसे कारण घरेलू बाजार में मांग की कमी है जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो सेक्टर पर दिखाई दे रहा है. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि के हालात भी ठीक नहीं है. सरकार इससे निपटने के लिए पिछले दो महीने में कई बड़े ऐलान कर चुकी है और कई फैसले भी वापस भी लिए हैं जो बजट के दौरान किए गए थे. हालांकि उसकी ओर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी का असर भारत पर बताया जा रहा है. इससे पहले जो ऐलान किए गए थे उसका स्वागत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने भी किया है और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.
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देश आर्थिक मंदी की ओर, सरकार राजनीतिक बदले का एजेंडा छोड़े और अर्थव्यवस्था संभाले : मनमोहन सिंह
- Sunday September 1, 2019
- Reported by: ANI, Edited by: मानस मिश्रा
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पिछली तिमाही में जीडीपी का 5 फीसदी पर आना दिखाता है कि अर्थव्यवस्था एक गहरी मंदी की ओर जा रही है. उन्होंने कहा कि भारत के पास तेजी से विकास दर की संभावना है लेकिन मोदी सरकार के कुप्रंधन की वजह से मंदी आई है. उन्होंने कहा कि यह परेशान करने वाला है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ रेट 0.6 फीसदी पर लड़खड़ा रही है. इससे साफ जाहिर होता है कि हमारी अर्थव्यवस्था अभी तक नोटबंदी और हड़बड़ी में लागू किए गए जीएसटी से उबर नहीं पाई है.
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