मुंशी प्रेमचंद
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Premchand Jayanti: महिलाओं पर विवादास्पद टिप्पणियों के दौर में जानिए स्त्री को लेकर क्या सोचते थे प्रेमचंद
- Thursday July 31, 2025
- Written by: निलेश कुमार
प्रेमचंद ने स्त्री के विविध आयामों को उसकी सहनशीलता, त्याग, स्वाभिमान, सेवा-भावना, मातृत्व और आत्मसम्मान को रेखांकित किया है, साथ ही पुरुष प्रधान समाज की सीमाओं पर भी प्रश्न उठाए हैं.
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91 साल पहले हिंदी के मशहूर साहित्यकार प्रेमचंद की कलम ने जब बॉम्बे में ला दिया था भूचाल, फिल्म करनी पड़ी बैन
- Thursday July 31, 2025
- Written by: नरेंद्र सैनी
हिंदी साहित्य के महान लेखक मुंशी प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को उत्तर प्रदेश के लमही में हुआ था. प्रेमचंद का असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव है. प्रेमचंद ने अपनी कहानियों और उपन्यासों में उस समाज की कहानियों को कहा जो उन्होंने अपने आसपास देखीं.
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ईदगाह और हामिद का चिमटा... वक्फ की बहस में आखिर क्यों हुई प्रेमचंद की कहानी की चर्चा
- Thursday April 3, 2025
- Written by: प्रभांशु रंजन
Waqf Bill Debate: लोकसभा से पास होने के बाद अब राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा जारी है. गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान मुंशी प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का भी जिक्र आया.
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हिन्दी दिवस क्विज़ : मुंशी प्रेमचंद के बारे में कितना जानते हैं आप? यहां जांच लें
- Monday October 14, 2024
- Written by: Sachin Jha Shekhar
मुंशी प्रेमचंद को हिंदी साहित्य का 'उपन्यास सम्राट' माना जाता है. NDTV की इस क्विज की मदद से आप हिंदी के महान रचनाकार को और करीब से जान पाएंगे.
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गीता प्रेस और मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली गोरखपुर में सालों से बज रहा है बीजेपी का डंका
- Tuesday February 27, 2024
- Written by: वंदना वर्मा
योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद गोरखपुर उपचुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त देखनी पड़ी थी. सपा के प्रवीण निषाद ने बीजेपी को हरा दिया. इसके बाद एक बार फिर 2019 में जनता ने बीजेपी की वापसी करते हुए रवि किशन को विजयी बनाया.
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ग्रेटर नोएडा के विश्वविद्यालय में सिगरेट पीने को लेकर गार्ड और छात्रों में झड़प, 15 गिरफ्तार
- Tuesday June 6, 2023
- Reported by: भाषा
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय के मुंशी प्रेमचंद छात्रावास में रहने वाले छात्र कथित तौर पर सिगरेट पी रहे थे जिसका सुरक्षाकर्मियों ने विरोध किया. झड़प में 22 छात्रों को चोटें आई हैं.
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Munshi Premchand: खुद भी पढ़िए और अपने बच्चों को भी पढ़ाएं मुंशी प्रेमचंद की ये 5 कहानियां
- Tuesday October 8, 2019
- Written by: अर्चित गुप्ता
हिंदी साहित्य को नई उचाइयों तक पहुंचाने वाले मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि 8 अक्टूबर को मनाई जाती है. साहित्य में प्रेमचंद के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. प्रेमचंद को उपन्यास के सम्राट माने जाते हैं. प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था. प्रेमचंद की कई कहानियां ग्रामीण भारत पर हैं. उन्होंने अपनी कहानियों के माध्यम से किसानों की हालत का वर्णन किया.
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क्या आज भी मौजूद हैं नमक के दरोगा?
- Monday September 9, 2019
- रवीश रंजन शुक्ला
मित्रों मुंशी प्रेमचंद की कहानी नमक का दरोगा का ये अंश है. इस कहानी को दोबारा सालों बाद इसलिए पढ़ी कि शनिवार को मैं किसी पैरामिलिट्री के अफसर के पास बैठा था उन्होंने मुझे बताया कि ISS यानी इंडियन साल्ट सर्विसेज यानी भारतीय नमक सेवा अब भी देश में मौजूद है. देशभर में करीब दर्जनभर अधिकारी हैं जो नमक की गुणवत्ता और उसकी सप्लाई पर नजर रखते हैं.
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आज भी उपेक्षा का शिकार हैं मुंशी प्रेमचंद का घर और गांव
- Friday August 2, 2019
- Reported by: अजय सिंह, Edited by: विवेक रस्तोगी
अब पूरे साल उन्हें सभी उनके हाल पर छोड़ देंगे. तमाम घोषणाओं के बावजूद मुंशी प्रेमचंद का घर और गांव आज भी उपेक्षा का शिकार हैं और जो कुछ बना भी है, वह बस यूं ही खड़ा है, बिना किसी काम के.
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उत्तर प्रदेश : लमही गांव में कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उनके प्रति बरसा एक दिन का प्यार
- Thursday August 1, 2019
- Reported by: अजय सिंह, Edited by: सूर्यकांत पाठक
कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती उनके गांव लमही मनाया गया. सरकारी महकमों ने अपनी फ़र्ज़ अदायगी की तो प्राइवेट स्कूल, रंगकर्मी, साहित्यकार और पत्रकारों ने भी अपने कथाकार को याद किया. अब पूरे साल उन्हें सभी उनके अपने हाल पर छोड़ देंगे. तमाम घोषणाओं के बावजूद मुंशी प्रेमचंद का घर और गांव आज भी उपेक्षा का शिकार है. मुंशी जी की जयंती पर उनके पात्र होरी, माधव, घीसू की गहरी संवेदना से जुड़े कलाकार नाटक के जरिए उन्हें याद कर रहे थे. लमही में हर साल उनका जन्म दिवस मनाया जाता है. सरकारी महकमे फ़र्ज़ अदायगी का टेंट भी लगाते हैं. स्मारक स्थल पर कार्यक्रम होते हैं और गांव में मेले जैसा माहौल रहता है. लेकिन अपने कथाकार के प्रति एक दिन के इस प्यार पर गांव के लोगों के अंदर एक दर्द भी है.
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Premchand Jayanti: महिलाओं पर विवादास्पद टिप्पणियों के दौर में जानिए स्त्री को लेकर क्या सोचते थे प्रेमचंद
- Thursday July 31, 2025
- Written by: निलेश कुमार
प्रेमचंद ने स्त्री के विविध आयामों को उसकी सहनशीलता, त्याग, स्वाभिमान, सेवा-भावना, मातृत्व और आत्मसम्मान को रेखांकित किया है, साथ ही पुरुष प्रधान समाज की सीमाओं पर भी प्रश्न उठाए हैं.
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91 साल पहले हिंदी के मशहूर साहित्यकार प्रेमचंद की कलम ने जब बॉम्बे में ला दिया था भूचाल, फिल्म करनी पड़ी बैन
- Thursday July 31, 2025
- Written by: नरेंद्र सैनी
हिंदी साहित्य के महान लेखक मुंशी प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को उत्तर प्रदेश के लमही में हुआ था. प्रेमचंद का असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव है. प्रेमचंद ने अपनी कहानियों और उपन्यासों में उस समाज की कहानियों को कहा जो उन्होंने अपने आसपास देखीं.
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ईदगाह और हामिद का चिमटा... वक्फ की बहस में आखिर क्यों हुई प्रेमचंद की कहानी की चर्चा
- Thursday April 3, 2025
- Written by: प्रभांशु रंजन
Waqf Bill Debate: लोकसभा से पास होने के बाद अब राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा जारी है. गुरुवार को राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान मुंशी प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का भी जिक्र आया.
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हिन्दी दिवस क्विज़ : मुंशी प्रेमचंद के बारे में कितना जानते हैं आप? यहां जांच लें
- Monday October 14, 2024
- Written by: Sachin Jha Shekhar
मुंशी प्रेमचंद को हिंदी साहित्य का 'उपन्यास सम्राट' माना जाता है. NDTV की इस क्विज की मदद से आप हिंदी के महान रचनाकार को और करीब से जान पाएंगे.
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गीता प्रेस और मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली गोरखपुर में सालों से बज रहा है बीजेपी का डंका
- Tuesday February 27, 2024
- Written by: वंदना वर्मा
योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद गोरखपुर उपचुनाव में बीजेपी को करारी शिकस्त देखनी पड़ी थी. सपा के प्रवीण निषाद ने बीजेपी को हरा दिया. इसके बाद एक बार फिर 2019 में जनता ने बीजेपी की वापसी करते हुए रवि किशन को विजयी बनाया.
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ग्रेटर नोएडा के विश्वविद्यालय में सिगरेट पीने को लेकर गार्ड और छात्रों में झड़प, 15 गिरफ्तार
- Tuesday June 6, 2023
- Reported by: भाषा
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय के मुंशी प्रेमचंद छात्रावास में रहने वाले छात्र कथित तौर पर सिगरेट पी रहे थे जिसका सुरक्षाकर्मियों ने विरोध किया. झड़प में 22 छात्रों को चोटें आई हैं.
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Munshi Premchand: खुद भी पढ़िए और अपने बच्चों को भी पढ़ाएं मुंशी प्रेमचंद की ये 5 कहानियां
- Tuesday October 8, 2019
- Written by: अर्चित गुप्ता
हिंदी साहित्य को नई उचाइयों तक पहुंचाने वाले मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि 8 अक्टूबर को मनाई जाती है. साहित्य में प्रेमचंद के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. प्रेमचंद को उपन्यास के सम्राट माने जाते हैं. प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था. प्रेमचंद की कई कहानियां ग्रामीण भारत पर हैं. उन्होंने अपनी कहानियों के माध्यम से किसानों की हालत का वर्णन किया.
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क्या आज भी मौजूद हैं नमक के दरोगा?
- Monday September 9, 2019
- रवीश रंजन शुक्ला
मित्रों मुंशी प्रेमचंद की कहानी नमक का दरोगा का ये अंश है. इस कहानी को दोबारा सालों बाद इसलिए पढ़ी कि शनिवार को मैं किसी पैरामिलिट्री के अफसर के पास बैठा था उन्होंने मुझे बताया कि ISS यानी इंडियन साल्ट सर्विसेज यानी भारतीय नमक सेवा अब भी देश में मौजूद है. देशभर में करीब दर्जनभर अधिकारी हैं जो नमक की गुणवत्ता और उसकी सप्लाई पर नजर रखते हैं.
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आज भी उपेक्षा का शिकार हैं मुंशी प्रेमचंद का घर और गांव
- Friday August 2, 2019
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अब पूरे साल उन्हें सभी उनके हाल पर छोड़ देंगे. तमाम घोषणाओं के बावजूद मुंशी प्रेमचंद का घर और गांव आज भी उपेक्षा का शिकार हैं और जो कुछ बना भी है, वह बस यूं ही खड़ा है, बिना किसी काम के.
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उत्तर प्रदेश : लमही गांव में कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उनके प्रति बरसा एक दिन का प्यार
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कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती उनके गांव लमही मनाया गया. सरकारी महकमों ने अपनी फ़र्ज़ अदायगी की तो प्राइवेट स्कूल, रंगकर्मी, साहित्यकार और पत्रकारों ने भी अपने कथाकार को याद किया. अब पूरे साल उन्हें सभी उनके अपने हाल पर छोड़ देंगे. तमाम घोषणाओं के बावजूद मुंशी प्रेमचंद का घर और गांव आज भी उपेक्षा का शिकार है. मुंशी जी की जयंती पर उनके पात्र होरी, माधव, घीसू की गहरी संवेदना से जुड़े कलाकार नाटक के जरिए उन्हें याद कर रहे थे. लमही में हर साल उनका जन्म दिवस मनाया जाता है. सरकारी महकमे फ़र्ज़ अदायगी का टेंट भी लगाते हैं. स्मारक स्थल पर कार्यक्रम होते हैं और गांव में मेले जैसा माहौल रहता है. लेकिन अपने कथाकार के प्रति एक दिन के इस प्यार पर गांव के लोगों के अंदर एक दर्द भी है.
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