ब्याज दरों पर उद्योग जगत
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उद्योग जगत ने ब्याज दर को यथावत रखने के फैसले का स्वागत किया
- Thursday April 6, 2023
- Reported by: भाषा
उद्योग जगत ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी नहीं करने के फैसले का स्वागत किया है. हालांकि, उद्योग का अनुमान था कि केंद्रीय बैंक रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की और वृद्धि करेगा. उद्योग जगत ने इसे वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में दबाव से उत्पन्न विपरीत परिस्थितियों के बीच एक विवेकपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे ऋण लागत में वृद्धि पर अंकुश लगेगा जिससे धारणा में सुधार होगा.
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आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की, जानें- इससे क्या होगा लाभ
- Friday June 7, 2019
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
अर्थव्यवस्था की घटती रफ्तार के बीच गुरूवार को RBI गवर्नर ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर दी. यानि अब बैंक आरबीआई से सस्ती दर पर कर्ज़ ले पाएंगे. इससे होम लोन के साथ-साथ उद्योग जगत के लिए क्रेडिट के सस्ता होने की उम्मीद फिर बंधी है. आरबीआई के गवर्नर ने एक राहत बैंकों को दी और दूसरी आम लोगों को. रेपो रेट 6 फ़ीसदी से घटकर 5.75 फ़ीसदी कर दिया गया. इस साल ये तीसरी कटौती है. खास बात ये भी है कि अब RTGS, NEFT ट्रांज़ैक्शन पर कोई चार्ज भी नहीं लगेगा. यानी आप जब ऑनलाइन कोई पैसा किसी को भेजते हैं तो इस पर लगने वाला चार्ज अब नहीं लगेगा.
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नरमी से बदहाल उद्योग जगत की रिजर्व बैंक से ब्याज दरों में कटौती की अपील
- Sunday March 30, 2014
- Bhasha
आर्थिक नरमी और महंगे कर्ज से बदहाल भारतीय उद्योग चाहता है कि रिजर्व बैंक आगामी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कटौती करे। फरवरी में थोक और खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट के बाद उद्योग की रेपो दरों में कटौती की मांग बढ़ गई है।
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आरबीआई ने यथास्थिति के साथ उद्योगों को दी राहत
- Wednesday December 18, 2013
- Bhasha
उपभोक्ता और थोक महंगाई दरों के हाल के सप्ताहों में बढ़ने के बावजूद भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को विकास दर को और नहीं घटने देने की कोशिश के तहत मुख्य नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया।
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उद्योग जगत ने ब्याज दर को यथावत रखने के फैसले का स्वागत किया
- Thursday April 6, 2023
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उद्योग जगत ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी नहीं करने के फैसले का स्वागत किया है. हालांकि, उद्योग का अनुमान था कि केंद्रीय बैंक रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की और वृद्धि करेगा. उद्योग जगत ने इसे वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में दबाव से उत्पन्न विपरीत परिस्थितियों के बीच एक विवेकपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे ऋण लागत में वृद्धि पर अंकुश लगेगा जिससे धारणा में सुधार होगा.
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आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की, जानें- इससे क्या होगा लाभ
- Friday June 7, 2019
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
अर्थव्यवस्था की घटती रफ्तार के बीच गुरूवार को RBI गवर्नर ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर दी. यानि अब बैंक आरबीआई से सस्ती दर पर कर्ज़ ले पाएंगे. इससे होम लोन के साथ-साथ उद्योग जगत के लिए क्रेडिट के सस्ता होने की उम्मीद फिर बंधी है. आरबीआई के गवर्नर ने एक राहत बैंकों को दी और दूसरी आम लोगों को. रेपो रेट 6 फ़ीसदी से घटकर 5.75 फ़ीसदी कर दिया गया. इस साल ये तीसरी कटौती है. खास बात ये भी है कि अब RTGS, NEFT ट्रांज़ैक्शन पर कोई चार्ज भी नहीं लगेगा. यानी आप जब ऑनलाइन कोई पैसा किसी को भेजते हैं तो इस पर लगने वाला चार्ज अब नहीं लगेगा.
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नरमी से बदहाल उद्योग जगत की रिजर्व बैंक से ब्याज दरों में कटौती की अपील
- Sunday March 30, 2014
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आर्थिक नरमी और महंगे कर्ज से बदहाल भारतीय उद्योग चाहता है कि रिजर्व बैंक आगामी मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कटौती करे। फरवरी में थोक और खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट के बाद उद्योग की रेपो दरों में कटौती की मांग बढ़ गई है।
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- Wednesday December 18, 2013
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उपभोक्ता और थोक महंगाई दरों के हाल के सप्ताहों में बढ़ने के बावजूद भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को विकास दर को और नहीं घटने देने की कोशिश के तहत मुख्य नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया।
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