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केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय

'केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय' - 21 News Result(s)
  • इस साल GDP ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान, पिछले साल 6.7 फीसदी की थी रफ्तार

    इस साल GDP ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान, पिछले साल 6.7 फीसदी की थी रफ्तार

    केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने सोमवार को यह कहा है. इससे पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही थी.

  • सीएसओ का जॉब रिपोर्ट कार्ड, 10 महीने में 1.2 करोड़ नए लोगों को मिला रोजगार

    सीएसओ का जॉब रिपोर्ट कार्ड, 10 महीने में 1.2 करोड़ नए लोगों को मिला रोजगार

    केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की एक रिपोर्ट में नौकरी के अवसरों को लेकर बड़ी बात कही गई है. सीएसओ की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार देश में जून तक 10 माह की अवधि के दौरान कुल 1.2 करोड़ रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ. सीएसओ की रोजगार परिदृश्य रिपोर्ट कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआईसी) तथा एनपीएस के पास नए सदस्यों के नामांकन पर आधारित है.

  • चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान : फिक्की

    चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान : फिक्की

    देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी - मार्च) के दौरान 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है. उद्योग मंडल फिक्की ने यह बात कही. पूरे वित्त वर्ष 2017-18 में जीडीपी की वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़े 31 मई को जारी करने वाला है. 

  • देश की जीडीपी 2017-18 की चौथी तिमाही में 7.4% पर पहुंचने की उम्मीद: इक्रा

    देश की जीडीपी 2017-18 की चौथी तिमाही में 7.4% पर पहुंचने की उम्मीद: इक्रा

    कंपनियों के बेहतर लाभ और रबी की अच्छी फसल से 2017-18 की जनवरी - मार्च तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि सुधरकर 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है , जो कि तीसरी तिमाही के 7.2 प्रतिशत से अधिक है. रेटिंग एजेंसी इक्रा ने यह अनुमान जताया. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) 2017-18 की चौथी तिमाही के लिए जीडीपी अनुमान और वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अस्थायी वार्षिक अनुमान 31 मई को जारी करेगा. 

  • खुदरा मुद्रास्फीति में मिली राहत, जनवरी में घटकर 5.07 प्रतिशत हुई

    खुदरा मुद्रास्फीति में मिली राहत, जनवरी में घटकर 5.07 प्रतिशत हुई

    पिछले साल जनवरी में यह 3.17 प्रतिशत थी. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के अनुसार उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत वृद्धि जनवरी में नरम होकर 4.7 प्रतिशत रही जो दिसंबर में 4.96 प्रतिशत थी. 

  • औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 17 महीने के उच्चस्तर पर, लेकिन मुद्रास्फीति ने दिया झटका - 10 खास बातें

    औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 17 महीने के उच्चस्तर पर, लेकिन मुद्रास्फीति ने दिया झटका - 10 खास बातें

    विस्तृत आर्थिक मोर्चे पर शुक्रवार को मिली-जुली खबर रही. मैन्युफैक्चरिंग व पूंजीगत वस्तुएं क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन के दम पर नवंबर, 2017 में जहां औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 17 महीने के उच्चतम स्तर 8.4 प्रतिशत पर पहुंच गई, वहीं दिसंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 5.2 प्रतिशत हो गई. महंगाई दर बढ़ने से रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती की संभावना घटी है. मुद्रास्फीति में लगातार वृद्धि से केंद्रीय बैंक अगले महीने की मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रख सकता है. आम बजट 1 फरवरी को पेश होगा और उसके कुछ दिन बाद ही केंद्रीय बैंक की मौद्रिक समीक्षा बैठक है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2016 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत थी. इससे पहले इससे ऊंची वृद्धि जून 2016 में हुई थी जबकि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक सालाना आधार पर 8.9 प्रतिशत बढ़ा था.

  • सरकार ने जारी किया आंकड़ा, 2017-18 में जीडीपी ग्रोथ घटकर 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद

    सरकार ने जारी किया आंकड़ा, 2017-18 में जीडीपी ग्रोथ घटकर 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद

    वित्त वर्ष 2017-18 के लिए देश की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद के ग्रोथ रेट का पूर्वानुमान सरकार ने जारी कर दिया है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मुताबिक, इस साल 6.5 फीसदी की दर से जीडीपी बढ़ने की उम्मीद है, जो पिछले साल से कम है. बता दें कि पिछले साल 2016-17 में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 फीसदी थी. वहीं, 2015-16 में जीडीपी की वृद्धि दर 8 प्रतिशत थी. कुल मिलाकर देखा जाए तो इस अनुमान से विकास दर में कमी की बात दिख रही है. यह पूर्वानुमान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वित्त मंत्रालय 2018 के बजट की तैयारी कर रही है और ये 1 फरवरी को प्रस्तुत होगा. 

  • अर्थव्यवस्था नहीं उबर पाई है सुस्ती के दौर से, इन दो आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता- 10 बड़ी बातें

    अर्थव्यवस्था नहीं उबर पाई है सुस्ती के दौर से, इन दो आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता- 10 बड़ी बातें

    अर्थव्यवस्था अभी तक पूरी तरह सुस्ती के रुख से उबर नहीं पाई है. खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण नवंबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.88 प्रतिशत पर पहुंच गई. यह इसका 15 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. वहीं, देश के फैक्ट्री उत्पादन में अक्टूबर में गिरावट देखने को मिली है और यह घटकर 2.2 फीसदी रही है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के दोनों आंकड़े जारी किए. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति अक्तूबर में 3.58 प्रतिशत पर थी. एक साल पहले नवंबर में यह 3.63 प्रतिशत थी. इससे पहले पिछले साल अगस्त में यह 5.05 प्रतिशत के उच्चस्तर पर थी. वहीं औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर अक्टूबर में घटकर 2.2 प्रतिशत पर आ गई. यह तीन महीने में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि का न्यूनतम स्तर है.

  • नवंबर में 15 माह के सर्वोच्च स्तर 4.88 प्रतिशत पर पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति

    नवंबर में 15 माह के सर्वोच्च स्तर 4.88 प्रतिशत पर पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति

    ईंधन, सब्जियों तथा अंडों के दाम बढ़ने से नवंबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.88 प्रतिशत पर पहुंच गई. यह इसका 15 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.

  • सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति 3.28 प्रतिशत पर स्थिर

    सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति 3.28 प्रतिशत पर स्थिर

    सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति की दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह अगस्त के संशोधित आंकड़े 3.28 प्रतिशत पर ही कायम रही है. हालांकि, पिछले साल अगस्त की तुलना में खुदरा मुद्रास्फीति नीचे रही है.

'केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय' - 21 News Result(s)
  • इस साल GDP ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान, पिछले साल 6.7 फीसदी की थी रफ्तार

    इस साल GDP ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान, पिछले साल 6.7 फीसदी की थी रफ्तार

    केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने सोमवार को यह कहा है. इससे पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही थी.

  • सीएसओ का जॉब रिपोर्ट कार्ड, 10 महीने में 1.2 करोड़ नए लोगों को मिला रोजगार

    सीएसओ का जॉब रिपोर्ट कार्ड, 10 महीने में 1.2 करोड़ नए लोगों को मिला रोजगार

    केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की एक रिपोर्ट में नौकरी के अवसरों को लेकर बड़ी बात कही गई है. सीएसओ की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार देश में जून तक 10 माह की अवधि के दौरान कुल 1.2 करोड़ रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ. सीएसओ की रोजगार परिदृश्य रिपोर्ट कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआईसी) तथा एनपीएस के पास नए सदस्यों के नामांकन पर आधारित है.

  • चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान : फिक्की

    चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान : फिक्की

    देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी - मार्च) के दौरान 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है. उद्योग मंडल फिक्की ने यह बात कही. पूरे वित्त वर्ष 2017-18 में जीडीपी की वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़े 31 मई को जारी करने वाला है. 

  • देश की जीडीपी 2017-18 की चौथी तिमाही में 7.4% पर पहुंचने की उम्मीद: इक्रा

    देश की जीडीपी 2017-18 की चौथी तिमाही में 7.4% पर पहुंचने की उम्मीद: इक्रा

    कंपनियों के बेहतर लाभ और रबी की अच्छी फसल से 2017-18 की जनवरी - मार्च तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि सुधरकर 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है , जो कि तीसरी तिमाही के 7.2 प्रतिशत से अधिक है. रेटिंग एजेंसी इक्रा ने यह अनुमान जताया. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) 2017-18 की चौथी तिमाही के लिए जीडीपी अनुमान और वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अस्थायी वार्षिक अनुमान 31 मई को जारी करेगा. 

  • खुदरा मुद्रास्फीति में मिली राहत, जनवरी में घटकर 5.07 प्रतिशत हुई

    खुदरा मुद्रास्फीति में मिली राहत, जनवरी में घटकर 5.07 प्रतिशत हुई

    पिछले साल जनवरी में यह 3.17 प्रतिशत थी. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के अनुसार उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत वृद्धि जनवरी में नरम होकर 4.7 प्रतिशत रही जो दिसंबर में 4.96 प्रतिशत थी. 

  • औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 17 महीने के उच्चस्तर पर, लेकिन मुद्रास्फीति ने दिया झटका - 10 खास बातें

    औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 17 महीने के उच्चस्तर पर, लेकिन मुद्रास्फीति ने दिया झटका - 10 खास बातें

    विस्तृत आर्थिक मोर्चे पर शुक्रवार को मिली-जुली खबर रही. मैन्युफैक्चरिंग व पूंजीगत वस्तुएं क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन के दम पर नवंबर, 2017 में जहां औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 17 महीने के उच्चतम स्तर 8.4 प्रतिशत पर पहुंच गई, वहीं दिसंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 5.2 प्रतिशत हो गई. महंगाई दर बढ़ने से रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दर में कटौती की संभावना घटी है. मुद्रास्फीति में लगातार वृद्धि से केंद्रीय बैंक अगले महीने की मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रख सकता है. आम बजट 1 फरवरी को पेश होगा और उसके कुछ दिन बाद ही केंद्रीय बैंक की मौद्रिक समीक्षा बैठक है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2016 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत थी. इससे पहले इससे ऊंची वृद्धि जून 2016 में हुई थी जबकि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक सालाना आधार पर 8.9 प्रतिशत बढ़ा था.

  • सरकार ने जारी किया आंकड़ा, 2017-18 में जीडीपी ग्रोथ घटकर 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद

    सरकार ने जारी किया आंकड़ा, 2017-18 में जीडीपी ग्रोथ घटकर 6.5 फीसदी रहने की उम्मीद

    वित्त वर्ष 2017-18 के लिए देश की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद के ग्रोथ रेट का पूर्वानुमान सरकार ने जारी कर दिया है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मुताबिक, इस साल 6.5 फीसदी की दर से जीडीपी बढ़ने की उम्मीद है, जो पिछले साल से कम है. बता दें कि पिछले साल 2016-17 में जीडीपी की वृद्धि दर 7.1 फीसदी थी. वहीं, 2015-16 में जीडीपी की वृद्धि दर 8 प्रतिशत थी. कुल मिलाकर देखा जाए तो इस अनुमान से विकास दर में कमी की बात दिख रही है. यह पूर्वानुमान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वित्त मंत्रालय 2018 के बजट की तैयारी कर रही है और ये 1 फरवरी को प्रस्तुत होगा. 

  • अर्थव्यवस्था नहीं उबर पाई है सुस्ती के दौर से, इन दो आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता- 10 बड़ी बातें

    अर्थव्यवस्था नहीं उबर पाई है सुस्ती के दौर से, इन दो आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता- 10 बड़ी बातें

    अर्थव्यवस्था अभी तक पूरी तरह सुस्ती के रुख से उबर नहीं पाई है. खाने-पीने की चीजों की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण नवंबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.88 प्रतिशत पर पहुंच गई. यह इसका 15 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. वहीं, देश के फैक्ट्री उत्पादन में अक्टूबर में गिरावट देखने को मिली है और यह घटकर 2.2 फीसदी रही है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के दोनों आंकड़े जारी किए. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति अक्तूबर में 3.58 प्रतिशत पर थी. एक साल पहले नवंबर में यह 3.63 प्रतिशत थी. इससे पहले पिछले साल अगस्त में यह 5.05 प्रतिशत के उच्चस्तर पर थी. वहीं औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर अक्टूबर में घटकर 2.2 प्रतिशत पर आ गई. यह तीन महीने में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि का न्यूनतम स्तर है.

  • नवंबर में 15 माह के सर्वोच्च स्तर 4.88 प्रतिशत पर पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति

    नवंबर में 15 माह के सर्वोच्च स्तर 4.88 प्रतिशत पर पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति

    ईंधन, सब्जियों तथा अंडों के दाम बढ़ने से नवंबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.88 प्रतिशत पर पहुंच गई. यह इसका 15 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.

  • सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति 3.28 प्रतिशत पर स्थिर

    सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति 3.28 प्रतिशत पर स्थिर

    सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति की दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह अगस्त के संशोधित आंकड़े 3.28 प्रतिशत पर ही कायम रही है. हालांकि, पिछले साल अगस्त की तुलना में खुदरा मुद्रास्फीति नीचे रही है.