Telangana Police ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 1.24 लाख से ज्यादा खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन वापस दिलाए हैं. यह काम CEIR सिस्टम की मदद से किया गया है. इस उपलब्धि के साथ Telangana देश में मोबाइल ट्रैकिंग और रिकवरी के मामले में सबसे आगे आ गया है. यह पहल न सिर्फ तकनीक का अच्छा उपयोग दिखाती है, बल्कि लोगों को भी राहत देती है जिनके फोन खो जाते हैं या चोरी हो जाते हैं.
CEIR सिस्टम क्या है और कैसे काम करता है?
CEIR यानी Central Equipment Identity Register एक ऐसा डिजिटल सिस्टम है जिसे Department of Telecommunications ने तैयार किया है. इसका मकसद मोबाइल चोरी को रोकना और नकली डिवाइस पर लगाम लगाना है. इस सिस्टम के जरिए चोरी या खोए हुए मोबाइल को ब्लॉक किया जा सकता है और फिर उसे ट्रैक करके वापस पाया जा सकता है. तेलंगाना में इस सिस्टम को सभी 780 पुलिस स्टेशनों में लागू किया गया है, जिससे काम तेजी और बेहतर तरीके से हो रहा है.
रिकवरी के आंकड़े क्या कहते हैं?
20 अप्रैल 2023 से 26 अप्रैल 2026 के बीच के आंकड़ों के अनुसार, कुल 4.82 लाख से ज्यादा मोबाइल फोन ब्लॉक किए गए. इसी दौरान करीब 2.82 लाख ट्रेसिंग रिपोर्ट तैयार की गईं. इन सबमें से 1,24,850 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस करके अनब्लॉक किए गए और उनके असली मालिकों को वापस दिए गए. यह आंकड़ा पूरे देश में एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है.
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ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का तरीका
अगर आपका मोबाइल खो जाए या चोरी हो जाए तो आप भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. उसके लिए सबसे पहले CEIR की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और 'Block Stolen/Lost Mobile' वाले ऑप्शन पर क्लिक करें. इसके बाद एक फॉर्म खुलेगा जिसमें आपको अपनी डिटेल्स भरनी होंगी, जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर, और फोन से जुड़ी जानकारी जैसे IMEI नंबर, ब्रांड और मॉडल. इसके साथ ही आपको उस जगह की जानकारी भी देनी होगी जहां फोन खोया या चोरी हुआ था.
इसके बाद आपको पुलिस में दर्ज की गई शिकायत (FIR या डीडी नंबर) की कॉपी अपलोड करनी होती है. अगर आपने अभी तक पुलिस में शिकायत नहीं की है, तो पहले नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराना जरूरी है. सारी जानकारी भरने के बाद OTP वेरिफिकेशन करें और फॉर्म सबमिट कर दें.
सबमिट करने के बाद क्या होता है?
फॉर्म सबमिट करने के बाद आपका मोबाइल नंबर और IMEI ब्लॉक कर दिया जाता है, जिससे कोई भी उस फोन को किसी नेटवर्क पर इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. साथ ही सिस्टम उस फोन को ट्रैक करने की कोशिश करता रहता है. आपको एक रिक्वेस्ट ID मिलती है, जिससे आप अपने केस का स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं.
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