Google ने अपने नए AI मॉडल Gemini 3.1 Pro की घोषणा कर दी है. कंपनी के मुताबिक यह अब तक का उनका सबसे एडवांस Large Language Model (LLM) है. यह मॉडल मुश्किल कामों को बेहतर तरीके से संभाल सकता है और इमेज जनरेशन में भी पहले से ज्यादा बेहतर है. Google का दावा है कि Gemini 3.1 Pro ने AI बेंचमार्क में Claude Opus 4.6 को पीछे छोड़ दिया है. Artificial Analysis Intelligence Index में Gemini 3.1 Pro ने चार नंबर ज्यादा हासिल किए हैं. यह इंडेक्स दुनिया भर के बड़े AI मॉडलों की तुलना करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

Gemini 3.1 Pro से क्या-क्या होगा?
Gemini 3.1 Pro को खास तौर पर मुश्किल समस्याओं को हल करने के लिए डिजाइन किया गया है. रिसर्च, इंजीनियरिंग और कंज्यूमर टूल्स में इसका बढ़िया उपयोग किया जा सकता है. यानी तीनों ही फील्ड में अब मुश्किल से मुश्किल काम बेहद आसान हो जाएंगे. गूगल के मुताबिक यह मॉडल एडवांस रीज़निंग और असली एप्लिकेशन में इस्तेमाल के बीच की दूरी को कम कर रहा है. यह टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से वेबसाइट के लिए तैयार एनिमेटेड SVG फाइल भी बना सकता है. यानी सिर्फ लिखकर आप वेब डिजाइन से जुड़े ग्राफिक्स तैयार कर सकते हैं.
इस मॉडल में 1 मिलियन टोकन का कॉन्टेक्स्ट विंडो है, यानी यह लंबी बातचीत और बड़े डॉक्यूमेंट्स को समझ सकता है. इसके अलावा इसमें टूल कॉलिंग, स्ट्रक्चर्ड आउटपुट और JSON मोड जैसी सुविधाएं भी हैं, जिससे डेवलपर्स इसे आसानी से अपने सिस्टम में जोड़ सकते हैं.
हॉल्यूसीनेशन हुआ कम
AI मॉडल्स में कभी-कभी गलत या काल्पनिक जानकारी देने की समस्या होती है, जिसे हॉल्यूसीनेशन कहा जाता है. Gemini 3.1 Pro ने इस समस्या को काफी हद तक कम किया है. कंपनी के अनुसार, इसके हॉल्यूसीनेशन रेट में 38 प्रतिशत अंकों की कमी आई है यानी जवाब सही और सटीक मिलेंगे. ARC-AGI-2 बेंचमार्क में भी Gemini 3.1 Pro ने 77.1 प्रतिशत स्कोर किया, जो Gemini 3 Pro से दोगुना से भी अधिक है. यह इस बेंचमार्क का अब तक का सबसे ऊंचा स्कोर माना जा रहा है.
खास बात यह है कि यह उपलब्धि Gemini ने कम लागत में हासिल की है. इसे चलाने के लिए लगभग 57 मिलियन टोकन का इस्तेमाल हुआ, जो Opus 4.6 और GPT-5.2 से काफी कम है. इसका मतलब है कि यूज़र्स के लिए यह मॉडल ज्यादा किफायती साबित हो सकता है.
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