प्रतीकात्मक फोटो
- मैच में भारतीय महिला टीम ने 2-0 से जीत दर्ज की
- साशा ने 79वें और 86वें मिनट में दागे गोल
- दूसरे हाफ में साशा को मैदान में उतारा गया था
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कुआलालम्पुर:
मैच के दूसरे हाफ में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरीं प्यारी शाशा ने दो गोल दागने के साथ ही मलेशिया के खिलाफ खेले गए दोस्ताना मैच की जीत भारतीय महिला फुटबॉल टीम के खाते में डाल दी. इन दो गोलों की बदौलत सोमवार रात को एमपी सेलायांग स्टेडियम में खेले गए दोस्ताना मैच में भारत ने मलेशिया को 2-0 से हरा दिया.
मैच की शुरुआत से ही भारतीय महिला खिलाड़ियों ने मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा और अपने मजबूत डिफेंस के दम पर मलेशिया को एक भी गोल दागने का मौका नहीं दिया.
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पहले हॉफ में दोनों टीमों की ओर से एक भी गोल नहीं दागा गया. हालांकि, भारत को कई बार गोल करने के मौके मिले, लेकिन वे टीम के खाते में नहीं जुड़ पाए. टीम के खाते में एक भी गोल शामिल न होते देख भारतीय टीम की पहली महिला कोच मेयमोल रॉकी ने 67वें मिनट में प्यारी को स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर भेजा और कोच के इस फैसले को पूरी तरह से सही साबित कर दिया. प्यारी ने दो गोल दागते हुए भारतीय टीम की झोली में जीत की खुशी डाल दी।
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अपनी टीम का साथ देने मैदान पर उतरीं प्यारी ने 79वें और 86वें मिनट में गोल दागे. इन दो गोलों के कारण मलेशिया को अपने ही मैदान में हार का सामना करना पड़ा. प्यारी के इन दो गोल की बदौलत भारतीय टीम मैच को 2-0 से जीत हासिल करने में सफल रही.
वीडियो : फुटबॉल में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की तलाश
भारतीय महिला टीम करीब चार वर्षों के अंतराल में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेल रही थी. शुरुआती क्षणों में मलेशियाई टीम ने कुछ तीखे हमले किए लेकिन भारतीय टीम बचाव करने में सफल रही. हाफटाइम तक टीम मलेशिया टीम को गोल बनाने से रोके रखा और फिर दूसरे हाफ में दो गोल दागते हुए मैच जीत लिया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
मैच की शुरुआत से ही भारतीय महिला खिलाड़ियों ने मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा और अपने मजबूत डिफेंस के दम पर मलेशिया को एक भी गोल दागने का मौका नहीं दिया.
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पहले हॉफ में दोनों टीमों की ओर से एक भी गोल नहीं दागा गया. हालांकि, भारत को कई बार गोल करने के मौके मिले, लेकिन वे टीम के खाते में नहीं जुड़ पाए. टीम के खाते में एक भी गोल शामिल न होते देख भारतीय टीम की पहली महिला कोच मेयमोल रॉकी ने 67वें मिनट में प्यारी को स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर भेजा और कोच के इस फैसले को पूरी तरह से सही साबित कर दिया. प्यारी ने दो गोल दागते हुए भारतीय टीम की झोली में जीत की खुशी डाल दी।
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अपनी टीम का साथ देने मैदान पर उतरीं प्यारी ने 79वें और 86वें मिनट में गोल दागे. इन दो गोलों के कारण मलेशिया को अपने ही मैदान में हार का सामना करना पड़ा. प्यारी के इन दो गोल की बदौलत भारतीय टीम मैच को 2-0 से जीत हासिल करने में सफल रही.
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भारतीय महिला टीम करीब चार वर्षों के अंतराल में अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेल रही थी. शुरुआती क्षणों में मलेशियाई टीम ने कुछ तीखे हमले किए लेकिन भारतीय टीम बचाव करने में सफल रही. हाफटाइम तक टीम मलेशिया टीम को गोल बनाने से रोके रखा और फिर दूसरे हाफ में दो गोल दागते हुए मैच जीत लिया.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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