इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में जारी दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन शनिवार का खेल समाप्त होने तक भारतीय क्रिकेट टीम ने अपनी दूसरी पारी में चार विकेट गंवाकर 169 रन बना लिए हैं। इसके साथ ही भारतीय टीम ने इंग्लैंड पर दूसरी पारी में 145 रनों की बढ़त हासिल कर ली है, जबकि उसके छह विकेट शेष हैं।
दिन का खेल समाप्त होने पर सलामी बल्लेबाज मुरली विजय 59 और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 12 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 46 रनों की नाबाद साझेदारी कर ली है।
मुरली ने शिखर धवन (31) के साथ भारत की दूसरी पारी की शुरुआत तो अच्छी की। धवन 45 गेंदों में पांच चौके लगाकर अच्छे फॉर्म में नजर आ रहे थे कि बेन स्टोक्स ने उन्हें जोए रूट के हाथों कैच आउट करा दिया।
इसके बाद मुरली ने चेतेश्वर पुजारा (43) के साथ दूसरे विकेट के लिए 78 रनों की संयमभरी साझेदारी कर टीम को काफी हद तक संभाल लिया। मुरली और पुजारा ने इस साझेदारी के लिए 177 गेंदें खेलीं। पुजारा ने लिएम प्लंकेट की गेंद पर विकेट के पीछे कैच उछालने से पहले 83 गेंदों का सामना कर सात बेहतरीन चौके लगाए।
पुजारा का विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करने उतरे विराट कोहली को पहली ही गेंद पर क्लीन बोल्ड कर प्लंकेट ने भारतीय खेमे को जोरदार झटका दिया। प्लंकेट की इन स्विंग गेंद को कोहली ने डक किया, कोहली का बल्ला हवा में ही उठा रहा और वह गेंद को विकेट की गिल्लियां बिखेरते देखते रह गए।
कोहली के बाद बल्लेबाजी करने आए पहली पारी के शतकवीर अजिंक्य रहाणे (5) भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।
लगातार अंतराल पर गिरे तीन विकेटों ने भारतीय टीम को दबाव में ला दिया, जो कप्तान धोनी की बल्लेबाजी में देखने को मिली। धोनी ने 12 रन बनाने में 51 गेंदें इस्तेमाल कीं।
धोनी ने हालांकि सलामी बल्लेबाज मुरली के साथ 99 गेंदों की नाबाद साझेदारी कर टीम को और कोई झटका नहीं लगने दिया। मुरली ने इस बीच अपना अर्धशतक पूरा किया। मुरली ने अब तक 190 गेंदें खेलकर सात बार गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाया है।
इससे पहले, भुवनेश्वर कुमार की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम की पहली पारी 319 रनों पर समेट दी।
इंग्लैंड के लिए प्लंकेट (55) ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर इंग्लैंड को 300 के पार पहुंचाया, जबकि भुवनेश्वर ने इंग्लैंड के छह बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई।
मैच के दूसरे दिन की समाप्ति तक चार रनों पर नाबाद लौटने वाले प्लंकेट और मैट प्रायर (23) ने तीसरे दिन भी संभलकर खेलते हुए इस साझेदारी को 51 रनों तक पहुंचा दिया। इस अर्धशतकीय साझेदारी को मोहम्मद समी ने प्रायर का विकेट चटकाकर तोड़ा। प्रायर का कैच शिखर धवन ने लपका।
इसके बाद शुक्रवार को चार विकेट चटका चुके भुवनेश्वर ने शानदार गेंदबाजी जारी रखते हुए स्टोक्स और ब्रॉड के विकेट जल्दी-जल्दी चटका दिए और इंग्लैंड की पारी 300 के भीतर सिमटती लगने लगी।
प्लंकेट ने लेकिन जेम्स एंडरसन के साथ आखिरी विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी कर भारतीय बल्लेबाजों का इंतजार थोड़ा और बढ़ाया। रविंद्र जडेजा ने एंडरसन के रूप में इंग्लैंड की पहली पारी का आखिरी विकेट चटकाया।
इंग्लैंड की पहली पारी में गैरी बैलेंस (110) का शतकीय योगदान भी है तथा जेम्स एंडरसन ने सर्वाधिक चार विकेट हासिल किए हैं।
भारत ने पहली पारी में रहाणे (103) के शतक की बदौलत 295 रन बनाए, जबकि भुवनेश्वर ने भी 36 रनों का अहम योगदान दिया।
भुवनेश्वर ने पहली पारी में छह विकेट चटका एक और उपलब्धि हासिल की। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वह भारत के दूसरे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज तो बने ही लॉर्ड्स के सम्मान पटल पर भी अपना नाम दर्ज करवाने में कामयाब रहे। लॉर्ड्स पर पांच या उससे अधिक विकेट लेने वाले भुवी भारत के 13वें गेंदबाज बने।
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