सानिया मिर्जा (सौजन्य : PTI)
लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा दो ऐसे नाम हैं जो हर बार अपने कारनामों से दुनिया को हैरान कर जाते हैं। दोनों ही खिलाड़ियों ने इस साल ग्रैंड स्लैम खिताबों की लाइन लगा दी है, जिससे भारतीय टेनिस के इतिहास में नए पन्ने जुड़ गए हैं। आज इन दोनों की घर वापसी का दिन है।
न्यूयॉर्क से हैदराबाद की लंबी यात्रा के बाद भी चैंपियन सानिया मिर्जा के दमकते चेहरे पर थकान का नामोनिशान तक नहीं था, तो इसकी दो बड़ी वजह हैं। जीत का अलग रंग तो होता ही है इसके अलावा सानिया को अपनी बहन अनम मिर्जा की सगाई में भी शरीक होना है।
लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा- टेनिस के इन दो चैंपियन खिलाड़ियों ने पिछले दो दशकों में कई बार दुनिया के शीर्ष खिताब अपने नाम किए हैं, लेकिन दोनों की दूसरी पारी कुछ ज्यादा ही निखर गई है। यूएस ओपन में दो भारतीय खिलाड़ियों के एक साथ डबल्स खिताब जीतने का कारनामा पहली बार हुआ है।
दोनों खिलाड़ी इस जीत को अपनी बड़ी कामयाबी तो मानते ही हैं साथ ही यह भी साफ हो गया है कि यह सफर अभी और लंबा चलेगा।
सानिया कहती हैं, "यह साल मेरे लिए शानदार साबित हुआ है। मैंने खेल रत्न पुरस्कार के लिए बीच में आने का रिस्क लिया, लेकिन हम अभ्यास करते रहे और सही वक्त पर पीक (अपने बेहतरीन फॉर्म में पहुंच पाई) कर पायी। हमने दो हफ्ते शानदार टेनिस खेली।
28 साल की सानिया के लिए यह पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब है जबकि 42 साल के पेस के लिए यह 17वां ग्रैंड स्लैम रहा। इस साल स्विस स्टार मार्टिना हिंगिस इन दोनों के बीच पांच ग्रैंड स्लैम खिताबों की भागीदार रही हैं और दोनों ही खिलाड़ी मार्टिना के साथ अपनी केमिस्ट्री को लेकर बेहद खुश हैं।
सानिया कहती हैं, "हम दोनों के बीच कोर्ट और कोर्ट के बाहर अच्छी केमिस्ट्री है और यह कोर्ट पर दिख भी जाती है।"
लिएंडर पेस भी अपनी जीत के लिए मार्टिना हिंगिस की तारीफ करते नहीं थकते। वह कहते हैं, "जीतने के लिए तरीका ढूंढ़ना ही मेरा लक्ष्य है। कई बार हालात आपके खिलाफ होते हैं, लेकिन जीतने के लिए जोड़ी में से किसी एक को ज्यादा ताकत लगानी होती है और किसी एक को ज्यादा दबाव झेलना होता है। इसी तरीके से खेल आगे बढ़ता है। मैं जानता हूं कि अगर मैं मार्टिना को खुश रख सकूं, तो मुझे किसी अन्य चीज की फिक्र करने की जरूरत नहीं है।"
सानिया के लिए अगले कुछ दिन बहन की सगाई की वजह से बेहद अहम हो गए हैं और वो इसे लेकर बेहद उत्साहित हैं, जबकि लिएंडर को यूएस ओपन से लौटते ही डेविस कप में भागीदारी करनी है।
सानिया कहती हैं, "ये दिन मेरी बहन अनम के जीवन के सबसे खास दिनों में से एक हैं, लेकिन मैं मेहमानों की तरह ही आ पा रही हूं, क्योंकि मेरे पास इसका कोई और विकल्प नहीं था। मैं इसे लेकर बेहद उत्साहित हूं।"
साल 2015 में इन दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय टेनिस फैन्स को बेशुमार तोहफे दिए हैं ...और ये सिलसिला त्योहार के तोहफों की तरह जारी है।
न्यूयॉर्क से हैदराबाद की लंबी यात्रा के बाद भी चैंपियन सानिया मिर्जा के दमकते चेहरे पर थकान का नामोनिशान तक नहीं था, तो इसकी दो बड़ी वजह हैं। जीत का अलग रंग तो होता ही है इसके अलावा सानिया को अपनी बहन अनम मिर्जा की सगाई में भी शरीक होना है।
लिएंडर पेस और सानिया मिर्जा- टेनिस के इन दो चैंपियन खिलाड़ियों ने पिछले दो दशकों में कई बार दुनिया के शीर्ष खिताब अपने नाम किए हैं, लेकिन दोनों की दूसरी पारी कुछ ज्यादा ही निखर गई है। यूएस ओपन में दो भारतीय खिलाड़ियों के एक साथ डबल्स खिताब जीतने का कारनामा पहली बार हुआ है।
दोनों खिलाड़ी इस जीत को अपनी बड़ी कामयाबी तो मानते ही हैं साथ ही यह भी साफ हो गया है कि यह सफर अभी और लंबा चलेगा।
सानिया कहती हैं, "यह साल मेरे लिए शानदार साबित हुआ है। मैंने खेल रत्न पुरस्कार के लिए बीच में आने का रिस्क लिया, लेकिन हम अभ्यास करते रहे और सही वक्त पर पीक (अपने बेहतरीन फॉर्म में पहुंच पाई) कर पायी। हमने दो हफ्ते शानदार टेनिस खेली।
28 साल की सानिया के लिए यह पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब है जबकि 42 साल के पेस के लिए यह 17वां ग्रैंड स्लैम रहा। इस साल स्विस स्टार मार्टिना हिंगिस इन दोनों के बीच पांच ग्रैंड स्लैम खिताबों की भागीदार रही हैं और दोनों ही खिलाड़ी मार्टिना के साथ अपनी केमिस्ट्री को लेकर बेहद खुश हैं।
सानिया कहती हैं, "हम दोनों के बीच कोर्ट और कोर्ट के बाहर अच्छी केमिस्ट्री है और यह कोर्ट पर दिख भी जाती है।"
लिएंडर पेस भी अपनी जीत के लिए मार्टिना हिंगिस की तारीफ करते नहीं थकते। वह कहते हैं, "जीतने के लिए तरीका ढूंढ़ना ही मेरा लक्ष्य है। कई बार हालात आपके खिलाफ होते हैं, लेकिन जीतने के लिए जोड़ी में से किसी एक को ज्यादा ताकत लगानी होती है और किसी एक को ज्यादा दबाव झेलना होता है। इसी तरीके से खेल आगे बढ़ता है। मैं जानता हूं कि अगर मैं मार्टिना को खुश रख सकूं, तो मुझे किसी अन्य चीज की फिक्र करने की जरूरत नहीं है।"
सानिया के लिए अगले कुछ दिन बहन की सगाई की वजह से बेहद अहम हो गए हैं और वो इसे लेकर बेहद उत्साहित हैं, जबकि लिएंडर को यूएस ओपन से लौटते ही डेविस कप में भागीदारी करनी है।
सानिया कहती हैं, "ये दिन मेरी बहन अनम के जीवन के सबसे खास दिनों में से एक हैं, लेकिन मैं मेहमानों की तरह ही आ पा रही हूं, क्योंकि मेरे पास इसका कोई और विकल्प नहीं था। मैं इसे लेकर बेहद उत्साहित हूं।"
साल 2015 में इन दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय टेनिस फैन्स को बेशुमार तोहफे दिए हैं ...और ये सिलसिला त्योहार के तोहफों की तरह जारी है।
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