बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल योनेक्स इंडिया ओपन टूर्नामेंट से पहले जमकर अभ्यास में जुटी हैं, क्योंकि उनका कहना है कि कभी-कभी वह अपने ही स्ट्रोक भूल जाती हैं।
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नई दिल्ली:
भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल आगामी योनेक्स इंडिया ओपन टूर्नामेंट से पहले जमकर अभ्यास में जुटी हैं, क्योंकि इस खिलाड़ी का कहना है कि कभी-कभी वह अपने ही स्ट्रोक भूल जाती हैं।
राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद की देखरेख में सिरीफोर्ट परिसर में अपने आक्रमण को और धारदार बनाने में जुटीं साइना ने कहा, ‘‘मैं कभीकभार अपने स्ट्रोक्स भूल जाती हूं और इसलिए मुझे लगातार अभ्यास करने रहना होता है। मैं दुर्भाग्य से कई अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की तरह कलाई के (शॉटों के) साथ बहुत अच्छी नहीं हूं, इसलिए मुझे कड़ा अभ्यास करना होता है।’’
दो बार इंडोनेशियाई ओपन जीत चुकीं साइना ने कहा कि वह इंडिया ओपन खिताब हासिल करने के लिए बेताब हैं, क्योंकि यह इकलौता सुपर सीरीज खिताब है, जिसे वह घरेलू मैदान पर हासिल कर सकती हैं और यहां जीतने से उन्हें जुलाई में लंदन ओलंपिक के लिए लय में आने में मदद मिलेगी। ओलंपिक में पहले ही जगह बना चुकी इस भारतीय खिलाड़ी ने सिरीफोर्ट स्टेडियम में ही 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान स्वर्ण पदक जीता था।
राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद की देखरेख में सिरीफोर्ट परिसर में अपने आक्रमण को और धारदार बनाने में जुटीं साइना ने कहा, ‘‘मैं कभीकभार अपने स्ट्रोक्स भूल जाती हूं और इसलिए मुझे लगातार अभ्यास करने रहना होता है। मैं दुर्भाग्य से कई अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की तरह कलाई के (शॉटों के) साथ बहुत अच्छी नहीं हूं, इसलिए मुझे कड़ा अभ्यास करना होता है।’’
दो बार इंडोनेशियाई ओपन जीत चुकीं साइना ने कहा कि वह इंडिया ओपन खिताब हासिल करने के लिए बेताब हैं, क्योंकि यह इकलौता सुपर सीरीज खिताब है, जिसे वह घरेलू मैदान पर हासिल कर सकती हैं और यहां जीतने से उन्हें जुलाई में लंदन ओलंपिक के लिए लय में आने में मदद मिलेगी। ओलंपिक में पहले ही जगह बना चुकी इस भारतीय खिलाड़ी ने सिरीफोर्ट स्टेडियम में ही 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान स्वर्ण पदक जीता था।
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साइना नेहवाल, Saina Nehwal