सोमदेव देववर्मन ने वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाले स्थानीय खिलाड़ी इजाक वान डर मर्व को हराकर दो साल बाद किसी एटीपी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई।
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जोहानसबर्ग:
राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सोमदेव देववर्मन ने साउथ अफ्रीकन ओपन टेनिस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाले स्थानीय खिलाड़ी इजाक वान डर मर्व को सीधे सेटों में हराकर दो साल बाद किसी एटीपी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई। इस 25 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने वान डर मर्व को 6-2, 6-4 से मात दी। इससे पहले वह 2009 में चेन्नई ओपन के फाइनल में पहुंचे थे, जहां क्रोएशिया के मारिन सिलिच से हार गए थे। इस जीत से सोमदेव 250 एटीपी अंक हासिल करने और 76 हजार 500 डॉलर की इनामी राशि जीतने के बेहद करीब पहुंच गए। सोमदेव फाइनल में चौथी वरीय दक्षिण अफ्रीकी केविन एंडरसन से भिड़ेंगे, जिन्होंने फ्रांस के एड्रियन मैनरिनो को दूसरे सेमीफाइनल में 6-7, 6-0, 6-4 से हराया। पिछले साल सोमदेव इस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में स्पेन के डेविड फेरर से सीधे सेटों में हार गए थे। उन्होंने वान डर मर्व के खिलाफ पहले और तीसरे गेम में ब्रेक प्वाइंट लेकर केवल 39 मिनट में पहला सेट जीता। भारतीय खिलाड़ी की तुलना में काफी लंबे कद के मर्व ने दूसरे सेट में मुकाबला किया, लेकिन सोमदेव ने सातवें गेम में उनकी सर्विस तोड़कर मैच जीतने में अधिक देर नहीं लगाई। सोमदेव ने टूर्नामेंट में अब तक केवल एक सेट गंवाया है।
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सोमदेव देववर्मन, टेनिस, साउथ अफ्रीकन टूर्नामेंट