ब्रिटेन के एक मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि डाओ केमिकल कम्पनी को लंदन ओलिम्पिक का प्रयोजक चुनने में उनकी सरकार का कोई हाथ नहीं है।
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कोलकाता:
ब्रिटेन के एक मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि डाओ केमिकल कम्पनी को लंदन ओलिम्पिक का प्रयोजक चुनने में उनकी सरकार का कोई हाथ नहीं है।
ब्रिटिश सरकार के ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ग्रेगरी बार्कर ने कहा, "प्रायोजकों का चयन पूरी तरह लंदन ओलिम्पिक आयोजन समिति का काम है। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
एक समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे बार्कर ने कहा कि इस सम्बंध में लोगों के मन में गलतफहमी है क्योंकि उनकी सरकार ने डाओ को प्रायोजक बनाने को लेकर कभी कोई राय नहीं दी।
डाओ को ओलम्पिक प्रायोजक बनाने को लेकर खासा विरोध हो रहा है। यह वही कम्पनी है, जिसने 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के 16 साल बाद इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कम्पनी यूनियन कार्बाइड इंडिया को खरीदा था।
ब्रिटिश सरकार के ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ग्रेगरी बार्कर ने कहा, "प्रायोजकों का चयन पूरी तरह लंदन ओलिम्पिक आयोजन समिति का काम है। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
एक समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे बार्कर ने कहा कि इस सम्बंध में लोगों के मन में गलतफहमी है क्योंकि उनकी सरकार ने डाओ को प्रायोजक बनाने को लेकर कभी कोई राय नहीं दी।
डाओ को ओलम्पिक प्रायोजक बनाने को लेकर खासा विरोध हो रहा है। यह वही कम्पनी है, जिसने 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के 16 साल बाद इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कम्पनी यूनियन कार्बाइड इंडिया को खरीदा था।
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