सानिया मिर्जा के साथ मार्टिना हिंगिस
मार्टिना हिंगिस भारतीय टेनिस की दुनिया की नई लकी चार्म हैं। जी हां, बीते एक साल में कामयाबियों के लिहाज से देखें तो मार्टिना हिंगिस ने भारत की झोली में पांच ग्रैंड स्लैम खिताब दिला दिए हैं।
यूएस ओपन में मार्टिना हिंगिस और लिएंडर पेस की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता और इसके बाद मार्टिना और सानिया मिर्जा की जोड़ी महिला डबल्स का खिताब जीतने में कामयाब रही।
इससे पहले पेस और मार्टिना की जोड़ी ने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन में मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता था। वहीं सानिया और मार्टिना की जोड़ी ने विंबलडन में खिताबी जीत हासिल की थी। आप इसे हिंगिस का करिश्मा कह सकते हैं या फिर ये भी कह सकते हैं कि भारतीय खिलाड़ी हिंगिस के लिए लकी साबित हो रहे हैं।
(मार्टिना हिंगिस और लिएंडर पेस यूएस ओपन मिकस्ड डबल्स ट्रॉफी के साथ)
वैसे 34 साल की मार्टिना हिंगिस नब्बे के दशक में टेनिस की दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी हुआ करती थीं। 1997 में तो वे चारों ग्रैंड स्लैम में महिला वर्ग की सिंगल्स में फाइनल में पहुंची थीं, इनमें से उन्होंने तीन खिताबों पर कब्जा जमाया था।
संन्यास लेने से पहले हिंगिस ने अपने करियर में कुल 5 सिंग्लस ग्रैंड स्लैम और 10 डबल्स ग्रैंड स्लैम खिताब जीते थे। लेकिन लिगामेंट इंजरी के चलते उन्हें 2002 में संन्यास लेना पड़ा था। इसके बाद 2006 में हिंगिस ने डबल्स टेनिस की दुनिया में वापसी की। 2006 में उन्होंने एक अन्य भारतीय खिलाड़ी महेश भूपति के साथ ही ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था।
इसके बाद उनके नाम भी कुछ खास कामयाबी नहीं रही। दूसरी तरफ भारत के लिएंडर पेस ने करीब साढ़े चार साल पहले हिंगिस के साथ जोड़ी बनाने की कोशिश शुरू कर दी थी। साढ़े तीन साल के इनकार के बाद आखिरकार हिंगिस ने इस साल की शुरुआत में पेस के साथ जोड़ी बनाने का फैसला किया।
ऑस्ट्रेलियन ओपन में पेस के साथ कामयाबी के बाद उन्होंने वीमेंस डबल्स में सानिया के साथ साझेदारी बनाई। इन दोनों ने अपने पहले तीन टूर्नामेंट में जीत हासिल कर ली। यूएस ओपन की खिताबी जीत के बाद सानिया ने कहा भी कि हिंगिस के साथ उनकी कैमेस्ट्री इस तरह से जमी, जैसा अमूमन होता नहीं है।
यूएस ओपन में मार्टिना हिंगिस और लिएंडर पेस की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता और इसके बाद मार्टिना और सानिया मिर्जा की जोड़ी महिला डबल्स का खिताब जीतने में कामयाब रही।
इससे पहले पेस और मार्टिना की जोड़ी ने इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन में मिक्स्ड डबल्स का खिताब जीता था। वहीं सानिया और मार्टिना की जोड़ी ने विंबलडन में खिताबी जीत हासिल की थी। आप इसे हिंगिस का करिश्मा कह सकते हैं या फिर ये भी कह सकते हैं कि भारतीय खिलाड़ी हिंगिस के लिए लकी साबित हो रहे हैं।

वैसे 34 साल की मार्टिना हिंगिस नब्बे के दशक में टेनिस की दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी हुआ करती थीं। 1997 में तो वे चारों ग्रैंड स्लैम में महिला वर्ग की सिंगल्स में फाइनल में पहुंची थीं, इनमें से उन्होंने तीन खिताबों पर कब्जा जमाया था।
संन्यास लेने से पहले हिंगिस ने अपने करियर में कुल 5 सिंग्लस ग्रैंड स्लैम और 10 डबल्स ग्रैंड स्लैम खिताब जीते थे। लेकिन लिगामेंट इंजरी के चलते उन्हें 2002 में संन्यास लेना पड़ा था। इसके बाद 2006 में हिंगिस ने डबल्स टेनिस की दुनिया में वापसी की। 2006 में उन्होंने एक अन्य भारतीय खिलाड़ी महेश भूपति के साथ ही ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था।
इसके बाद उनके नाम भी कुछ खास कामयाबी नहीं रही। दूसरी तरफ भारत के लिएंडर पेस ने करीब साढ़े चार साल पहले हिंगिस के साथ जोड़ी बनाने की कोशिश शुरू कर दी थी। साढ़े तीन साल के इनकार के बाद आखिरकार हिंगिस ने इस साल की शुरुआत में पेस के साथ जोड़ी बनाने का फैसला किया।
ऑस्ट्रेलियन ओपन में पेस के साथ कामयाबी के बाद उन्होंने वीमेंस डबल्स में सानिया के साथ साझेदारी बनाई। इन दोनों ने अपने पहले तीन टूर्नामेंट में जीत हासिल कर ली। यूएस ओपन की खिताबी जीत के बाद सानिया ने कहा भी कि हिंगिस के साथ उनकी कैमेस्ट्री इस तरह से जमी, जैसा अमूमन होता नहीं है।
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