किदांबी श्रीकांत ने रविवार को चीन ओपन सुपर सीरीज प्रीमियर में मिली खिताबी जीत अपने कोच पुलेला गोपीचंद को उनके 41वें जन्मदिन पर उपहार के रूप में समर्पित किया।
रविवार का दिन भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में इस मामले में अद्वितीय रहा कि एक ही दिन देश को सुपर सीरीज में दो-दो खिताब मिले।
भारत की शीर्ष महिला एकल खिलाड़ी साइना नेहवाल ने जहां जापान की अकाने यामागुची को मात देकर महिला एकल का खिताब जीत लिया, वहीं श्रीकांत ने बड़ा उलटफेर करते हुए पांच बार के चैम्पियन चीन के लिन डैन को हराकर पुरुष एकल खिताब जीत लिया।
मैच के बाद श्रीकांत ने कहा, लिन डैन को फाइनल में हराना सपने के सच होने जैसा है। मैंने अपनी पूरी क्षमता से खेला, क्योंकि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं था। यहां आने से पहले मैं अच्छे फॉर्म में था। पहले राउंड में हमवतन आरएमवी गुरुसाईदत्त को हराने के बाद मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ गया, क्योंकि जिस खिलाड़ी को आप अच्छी तरह जानते हों उसे हराना हमेशा कठिन होता है।
श्रीकांत ने कहा, जब मैं दूसरा गेम जीतने के करीब था तो मैंने अपना ध्यान अगले कदम पर केंद्रित करना शुरू कर दिया, क्योंकि इससे पहले मैं कई मैचों में बढ़त के बावजूद हार चुका था। उन्होंने कहा, आज मेरे कोच गोपीचंद का जन्मदिन है, इसलिए यह खिताबी जीत मेरी तरफ से उन्हें उपहार है। डैन 2012 में कोरिया ओपन के बाद से पहली बार कोई फाइनल मैच हारे हैं।
डैन ने कहा, फाइनल में पहुंच कर मैं खुश हूं, लेकिन जीत हासिल न कर पाना खराब है। पिछले महीने मैं चोटिल हो गया था, इसलिए फाइनल तक पहुंच सका मैं इसी से खुश हूं। श्रीकांत ने बहुत ही सकारात्मक खेल खेला। पहले गेम में मिली हार से मेरा मन खिन्न हो गया था। मैंने पिछले कई सप्ताह से अभ्यास भी नहीं किया, इसलिए मैं वापसी भी नहीं कर सका।
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