मनु भाकर को शूटिंग में भारत के लिए स्वर्ण जीतने का दावेदार माना जा रहा है (फाइल फोटो)
- गोल्डकोस्ट में आयोजित हो रहे हैं कॉमनवेल्थ गेम्स
- भारत का 227 सदस्यीय दल ले रहा है भाग
- दिल्ली में 2010 में हुए खेलों में भारत ने जीते थे 38 स्वर्ण
नई दिल्ली:
ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) 2018 में भारतीय दल के बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है. इन खेलों का आयोजन चार से 15 अप्रैल के बीच होना है और इसमें 53 देशों के एथलीट हिस्सा लेंगे. इस खेल महोत्सव में इस बार भारत के 227 खिलाड़ी भाग लेंगे जिनमें 27 निशानेबाज भी शामिल हैं. निशानेबाजी, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, टेबलटेनिस और हॉकी, एथलेटिक्स में भारतीय दल का पदक का मजबूत दावेदार माना जा रहा है. यह भारत को अब तक दूसरा सबसे बड़ा दल है.कॉमनवेल्थ गेम्स के भारतीय दल में स्टार निशानेबाज जीतू राय, बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणय, शूटर मनु भाकर, बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और रेसलर सुशील कुमार और साक्षी मलिक शामिल हैं.
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2010 में भारत ने की थी इन खेलों की मेजबानी
भारत ने वर्ष 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी. देश की राजधानी नई दिल्ली में खेल आयोजित हुए थे. भारत ने इन खेलों में 619 खिलाड़ियों का भारीभरकम दल उतारा था और भारतीय दल इन खेलों में 38 स्वर्ण सहित 101 पदक जीतने में कामयाब रहा था. इसके चार साल बाद यानी वर्ष 2014 में ग्लास्गो में आयोजित भारत के 215 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिन्होंने 15 स्वर्ण सहित 64 पदक हमारे खिलाड़ियों ने जीते थे. राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने इस बार हर देश के लिए प्रत्येक खेल में कोटा तय किया है. भारत एथलेटिक्स में सर्वाधिक 37 सदस्यीय दल भेजेगा. इसके अलावा हॉकी में 36 और निशानेबाजी में 27 खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.
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कॉमनवेल्थ देशों में शामिल हैं ये देश
कॉमनवेल्थ देशों में में वह सभी 53 देश शामिल हैं जो कभी ब्रिटिश औपनिवेशिक व्यवस्था का हिस्सा थे. इन देशों के संगठन केनिर्माण के पीछे का उद्देश्य लोकतंत्र, साक्षरता, मानवाधिकार, बेहतर प्रशासन, मुक्त व्यापार और विश्व शांति को बढ़ावा देना था. पहला राष्ट्रमंडल खेल 1930 में कनाडा में खेला गया था और तब से ही इसका आयोजन हर 4 साल बाद होता रहा है. हालाकि 1942 और 1946 में द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण इन का आयोजन नहीं हो सका था. कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल का प्रदर्शन अब तक संतोषजनक माना जा सकता है.
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2010 में भारत ने की थी इन खेलों की मेजबानी
भारत ने वर्ष 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी. देश की राजधानी नई दिल्ली में खेल आयोजित हुए थे. भारत ने इन खेलों में 619 खिलाड़ियों का भारीभरकम दल उतारा था और भारतीय दल इन खेलों में 38 स्वर्ण सहित 101 पदक जीतने में कामयाब रहा था. इसके चार साल बाद यानी वर्ष 2014 में ग्लास्गो में आयोजित भारत के 215 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था जिन्होंने 15 स्वर्ण सहित 64 पदक हमारे खिलाड़ियों ने जीते थे. राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने इस बार हर देश के लिए प्रत्येक खेल में कोटा तय किया है. भारत एथलेटिक्स में सर्वाधिक 37 सदस्यीय दल भेजेगा. इसके अलावा हॉकी में 36 और निशानेबाजी में 27 खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.
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कॉमनवेल्थ देशों में शामिल हैं ये देश
कॉमनवेल्थ देशों में में वह सभी 53 देश शामिल हैं जो कभी ब्रिटिश औपनिवेशिक व्यवस्था का हिस्सा थे. इन देशों के संगठन केनिर्माण के पीछे का उद्देश्य लोकतंत्र, साक्षरता, मानवाधिकार, बेहतर प्रशासन, मुक्त व्यापार और विश्व शांति को बढ़ावा देना था. पहला राष्ट्रमंडल खेल 1930 में कनाडा में खेला गया था और तब से ही इसका आयोजन हर 4 साल बाद होता रहा है. हालाकि 1942 और 1946 में द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण इन का आयोजन नहीं हो सका था. कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल का प्रदर्शन अब तक संतोषजनक माना जा सकता है.
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Commonwealth Games 2018, Gold Coast, India, Medal