पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रवि शास्त्री का मानना है कि भारतीय टीम 9 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही पांच टेस्ट की शृंखला के दौरान खराब फार्म से जूझ रहे विरोधी कप्तान एलिस्टेयर कुक को निशाना बनाकर मेजबान टीम पर दबाव बना सकती है।
इंग्लैंड को हाल में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट शृंखला में 0-1 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था जबकि कुक ने पिछली 24 पारियों में शतक नहीं जमाया है। शास्त्री ने कहा कि मेहमान टीम को कुक को शृंखला के दौरान फार्म हासिल करने से रोकना होगा जिन्होंने भारत के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते हुए 55.26 की औसत से रन जुटाए हैं।
शास्त्री ने 'ईएसपीएन क्रिकइंफो' से कहा, 'अगर कप्तान दबाव में है तो हमेशा उसे निशाना बनाओ। आपको इस योजना पर कायम रहना होगा। आप खेल को जितना अधिक संभव हो कड़ा बनाना होगा।'
शास्त्री ने भारत के 1986 के इंग्लैंड दौरे का जिक्र किया। मेहमान टीम ने इस दौरान उस समय शृंखला जीती थी जब मेजबान टीम के कप्तान डेविड गावर की कप्तानी पर सवाल उठाए जा रहे थे। लार्ड्स में पहले टेस्ट में हार के बाद इंग्लैंड ने गावर की जगह माइक गैटिंग को कप्तान बना दिया था।
शास्त्री ने कहा, 'हमने डेविड गावर को पहले टेस्ट में रन नहीं बनाने दिए और दबाव बनने दिया। उन्होंने कप्तानी गंवाई और भारत शृंखला जीत गया।' भारत के इस पूर्व ऑलराउंडर ने कहा कि इंग्लैंड को फैसला करना होगा कि उसे कुक बल्लेबाज के रूप में चाहिए या कप्तान के।
शास्त्री ने कहा, 'कुक मानसिक तौर पर काफी मजबूत है। वह इंग्लैंड के लिए सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा। सवाल यह है कि आप कुक को कप्तान के रूप में चाहते हो जो खुलकर नहीं खेल पा रहा है या फिर कुक को खुलकर खेलने वाले बल्लेबाज के रूप में चाहते हो।'
पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि कुक को महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर से सीख लेनी चाहिए और कप्तानी छोड़कर बल्लेबाजी पर ध्यान लगाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'सचिन तेंदुलकर के साथ भी ऐसा ही हुआ था। उसे लगा कि कप्तान के रूप में उसकी बल्लेबाजी पर दबाव पड़ रहा है और उसने यह छोड़ दी।'
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