सौरव घोषाल टूर्नामेंट में दीपिका पल्लिकल के साथ जोड़ी बनाकर खेल रहे हैं (फाइल फोटो)
- विक्रम और जोशन की जोड़ी भी अंतिम आठ में पहुंची
- सौरव-दीपिका ने क्रीड-टेस्नी इवांस की जोड़ी को हराया
- एशियाई खेलों में सिल्वर जीत चुके हैं सौरव घोषाल
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मैनचेस्टर:
सौरव घोषाल और दीपिका पल्िलकल तथा विक्रम मल्होत्रा और जोशना चिनप्पा की भारतीय मिश्रित युगल जोड़ियों ने यहां डब्ल्यूएसएफ विश्व युगल स्क्वाश चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया. सौरव और दीपिका की दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने आज दो मैच खेले. इस भारतीय जोड़ी ने ग्रुप 'बी' के अपने अंतिम मैच में पीटर क्रीड और टेस्नी इवान्स की वेल्स की जोड़ी को हराया.
इससे पहले विक्रम और जोशना ने भी ग्रुप सी में तीसरी जीत दर्ज करके कल रात ही अंतिम आठ में अपनी जगह सुरक्षित कर ली थी. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के कैमरन पिल्ले और डोना उर्कहार्ट को हराया. इस बीच विक्रम और महेश मंगावकर की पुरुष युगल जोड़ी अपने आखिरी ग्रुप मैच में हार गए.
यह भी पढ़ें : अच्छी शुरुआत के बाद हारे सौरव घोषाल, भारत की चुनौती समाप्त
गौरतलब है कि सौरव घोषाल इंचियान एशियाई खेलों के एकल मुकाबलों में सिल्वर हासिल कर चुके हैं. वर्ष 2014 के इस एशियाई में सौरव को कुवैत के अल्मेजायेन अब्दुल्लाह ने एक घंटे 15 मिनट में 10-12, 2-11, 14-12, 11-8, 11-9 से हराया था. फाइनल मुकाबले में पहले दो मैच जीतने के बाद ऐसा लग रहा था कि 28 वर्षीय सौरव आसानी से स्वर्ण पर कब्जा जमा लेंगे लेकिन कुवैत के खिलाड़ी ने इसके बाद शानदार वापसी करते हुए अगले तीनों गेम जीत कर भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
वीडियो : एशियाड-2014 में जीतू राय की स्वर्णिम सफलता
गौरतलब है कि सौरव घोषाल 2006 और 2010 के एशियाई खेलों के विजेता रहे मलेशिया के ओंग बेंग को हराकर फाइनल में पहुंचे थे. सौरव की यह उपलब्धि इस मायने में खास थी कि इन खेलों के स्क्वॉश स्पर्धा के इतिहास में भी भारत ने पहली बार रजत पदक जीता.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
इससे पहले विक्रम और जोशना ने भी ग्रुप सी में तीसरी जीत दर्ज करके कल रात ही अंतिम आठ में अपनी जगह सुरक्षित कर ली थी. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के कैमरन पिल्ले और डोना उर्कहार्ट को हराया. इस बीच विक्रम और महेश मंगावकर की पुरुष युगल जोड़ी अपने आखिरी ग्रुप मैच में हार गए.
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गौरतलब है कि सौरव घोषाल इंचियान एशियाई खेलों के एकल मुकाबलों में सिल्वर हासिल कर चुके हैं. वर्ष 2014 के इस एशियाई में सौरव को कुवैत के अल्मेजायेन अब्दुल्लाह ने एक घंटे 15 मिनट में 10-12, 2-11, 14-12, 11-8, 11-9 से हराया था. फाइनल मुकाबले में पहले दो मैच जीतने के बाद ऐसा लग रहा था कि 28 वर्षीय सौरव आसानी से स्वर्ण पर कब्जा जमा लेंगे लेकिन कुवैत के खिलाड़ी ने इसके बाद शानदार वापसी करते हुए अगले तीनों गेम जीत कर भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
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गौरतलब है कि सौरव घोषाल 2006 और 2010 के एशियाई खेलों के विजेता रहे मलेशिया के ओंग बेंग को हराकर फाइनल में पहुंचे थे. सौरव की यह उपलब्धि इस मायने में खास थी कि इन खेलों के स्क्वॉश स्पर्धा के इतिहास में भी भारत ने पहली बार रजत पदक जीता.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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