गुरबाज सिंह (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
भारतीय हॉकी टीम के स्टार मिडफ़ील्डर गुरबाज सिंह उस टीम का हिस्सा नहीं हैं, जो रियो ओलिंपिक्स की तैयारी की योजना के तहत यूरोप रवाना हुई है।
यूरोपीय दौरे पर भारतीय टीम फ़्रांस और स्पेन के साथ टेस्ट सीरीज़ में हिस्सा लेगी। 200 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके गुरबाज सिंह दौरे पर नहीं जाने से उतने नहीं, मगर जिन वजहों से उन्हें टीम से बाहर निकाला गया, उससे बेहद मायूस हैं।
गुरबाज सिंह पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर उन्हें टीम से बाहर रखा गया है। मैदान के बाहर कई जानकार मानते हैं कि गुरबाज के व्यवहार को लेकर समस्या है और गुरबाज को उसे ठीक करने की ज़रूरत है, लेकिन सभी मानते हैं कि गुरबाज टीम के लिए बेहद अहम खिलाड़ी हैं।
हॉकी इंडिया की जिस इवैल्युएशन कमेटी ने गुरबाज को बाहर रखने का फ़ैसला किया, उनमें से एक का कहना है कि गुरबाज का टीम के पास कोई विकल्प नहीं है। इसी इवैल्युएशन कमेटी ने पॉल वैन हास की वापसी का दरवाज़ा बंद कर रोलंट ऑल्टमैन्स का नाम भारतीय हॉकी कोच बनने के लिए प्रस्तावित किया था।
गुरबाज कहते हैं कि उन पर अगर सरदार सिंह को गाली देने का आरोप लगा है, तो वो सरासर ग़लत है। वो कहते हैं कि उन्होंने सरदार सिंह से इस बारे में बात की है और सरदार और उनके रिश्ते बेहद अच्छे हैं। वो ये भी कहते हैं कि भारतीय टीम में कोई फूट या ग्रुप नहीं है, इसलिए ये टीम अच्छे नतीजे दे रही है।
वो ये भी कहते हैं कि उन्होंने किसी कोच या खिलाड़ी के प्रति असम्मान की भावना नहीं दिखाई। गुरबाज ने इस बारे में कोच रोलैंट ऑल्टमैन्स से भी बात की और उनका कहना है कि कोच ऑल्टमैन्स को उनसे कोई शिकायत नहीं। बहुत मुमकिन है कि गुरबाज मौजूदा यूरोपीय दौरे के बाद फिर से टीम का हिस्सा हो जाएं। वो चाहते हैं कि उन पर लगा अनुशासनहीनता का दाग हटा दिया जाए। वो इसलिए भी मायूस हैं कि सज़ा देने से पहले उन्हें उनका पक्ष रखने का मौक़ा नहीं मिला।
यूरोपीय दौरे पर भारतीय टीम फ़्रांस और स्पेन के साथ टेस्ट सीरीज़ में हिस्सा लेगी। 200 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके गुरबाज सिंह दौरे पर नहीं जाने से उतने नहीं, मगर जिन वजहों से उन्हें टीम से बाहर निकाला गया, उससे बेहद मायूस हैं।
गुरबाज सिंह पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर उन्हें टीम से बाहर रखा गया है। मैदान के बाहर कई जानकार मानते हैं कि गुरबाज के व्यवहार को लेकर समस्या है और गुरबाज को उसे ठीक करने की ज़रूरत है, लेकिन सभी मानते हैं कि गुरबाज टीम के लिए बेहद अहम खिलाड़ी हैं।
हॉकी इंडिया की जिस इवैल्युएशन कमेटी ने गुरबाज को बाहर रखने का फ़ैसला किया, उनमें से एक का कहना है कि गुरबाज का टीम के पास कोई विकल्प नहीं है। इसी इवैल्युएशन कमेटी ने पॉल वैन हास की वापसी का दरवाज़ा बंद कर रोलंट ऑल्टमैन्स का नाम भारतीय हॉकी कोच बनने के लिए प्रस्तावित किया था।
गुरबाज कहते हैं कि उन पर अगर सरदार सिंह को गाली देने का आरोप लगा है, तो वो सरासर ग़लत है। वो कहते हैं कि उन्होंने सरदार सिंह से इस बारे में बात की है और सरदार और उनके रिश्ते बेहद अच्छे हैं। वो ये भी कहते हैं कि भारतीय टीम में कोई फूट या ग्रुप नहीं है, इसलिए ये टीम अच्छे नतीजे दे रही है।
वो ये भी कहते हैं कि उन्होंने किसी कोच या खिलाड़ी के प्रति असम्मान की भावना नहीं दिखाई। गुरबाज ने इस बारे में कोच रोलैंट ऑल्टमैन्स से भी बात की और उनका कहना है कि कोच ऑल्टमैन्स को उनसे कोई शिकायत नहीं। बहुत मुमकिन है कि गुरबाज मौजूदा यूरोपीय दौरे के बाद फिर से टीम का हिस्सा हो जाएं। वो चाहते हैं कि उन पर लगा अनुशासनहीनता का दाग हटा दिया जाए। वो इसलिए भी मायूस हैं कि सज़ा देने से पहले उन्हें उनका पक्ष रखने का मौक़ा नहीं मिला।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं