स्पेन को 51 साल में अपनी सबसे करारी शिकस्त का मुंह देखना पड़ा, जब नीदरलैंड ने फीफा वर्ल्डकप के ग्रुप बी मुकाबले में 5-1 से मात दे दी।
रोबिन वान पर्सी और आर्येन रोबेन के दो-दो गोल से नीदरलैंड ने 2010 विश्वकप के फाइनल में जोहांसबर्ग में मिली शिकस्त का बदला चुकता किया। स्टेफान डि व्रिजी ने नीदरलैंड के लिए एक गोल दागा।
स्पेन की 1963 में स्काटलैंड के हाथों मिली 2- 6 की हार के बाद यह सबसे करारी शिकस्त थी। यह 2002 के बाद पहली बार है जब गत चैंपियन ने शुरुआती राउंड का मैच गंवा दिया हो।
अन्य मैचों में मैक्सिको ने नटाल में ओरिबे पेराल्टा के दूसरे हाफ में दागे गोल की बदौलत लगातार हो रही बारिश के बीच ग्रुप ए के अपने पहले मैच में कैमरून को 1-0 से हरा दिया, लेकिन इस मैच के दौरान एक बार फिर रैफरी के फैसलों पर सवाल उठे।
वहीं ग्रुप बी के अन्य मुकाबले में चिली ने ऑस्ट्रेलिया पर 3-1 से शानदार जीत दर्ज की। चिली की जीत का मतलब है कि स्पेन का खिताब बरकरार रखना काफी कठिन हो गया है, क्योंकि उनके लिए पहले राउंड की बाधा पार करना ही चुनौतीपूर्ण बन जाएगा। अगर वे ऐसा कर भी लेते हैं, तो उनहें अंतिम 16 में मजबूत ब्राजील से भिड़ना पड़ सकता है।
नीदरलैंड की शानदार जीत के बाद मैच अधिकारियों के संदेहास्पद फैसलों का विवाद बढ़ा दिया, इसका सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। नीदरलैंड के खिलाफ स्पेन को एक विवादास्पद पेनल्टी दी गई, जिससे स्पेन ने 1-0 से बढ़त हासिल कर ली।
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