स्ट्राइकर गोंजालो हिगुएन के गोल की मदद से अर्जेंटीना ने बेल्जियम को 1-0 से हराकर 24 साल बाद विश्व कप सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। आखिरी बार अर्जेंटीना की टीम 1990 में विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंची थी, जब डिएगो माराडोना की अगुवाई वाली टीम फाइनल में पश्चिम जर्मनी से 0-1 से हार गई थी।
अर्जेंटीना 2006 और 2010 विश्व कप क्वार्टर फाइनल में जर्मनी से हारा। उसके कप्तान लियोनेल मेस्सी का यह पहला विश्व कप सेमीफाइनल होगा।
ग्रुप चरण में खराब फॉर्म का सामना कर रहे हिगुएन ने समय पर फार्म में लौटते हुए एंजेल डि मारिया के पास पर आठवें मिनट में गोल किया। इससे अर्जेंटीना ने शुरुआत से ही मैच पर दबाव बना लिया। उसकी बढ़त 13वें मिनट में दुगुनी हो जाती जब फॉरवर्ड इजेकील लावेजी ने गोल पर हमला बोला लेकिन बेल्जियम के डिफेंस ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया।
बेल्जियम को 26वें मिनट में बराबरी का मौका मिला, जब केविन डि ब्रूने का शॉट सर्जियो रोमेरो ने बचा लिया लेकिन रिबाउंड पर डिवोक ओरिजी शॉट नहीं लगा सके। मेस्सी पहले हाफ में टूर्नामेंट का अपना पांचवां गोल तो नहीं कर सके, लेकिन बेल्जियम के डिफेंडरों को उन्होंने व्यस्त रखा।
बेल्जियम 42वें मिनट में बराबरी के करीब पहुंचा, जब जान वर्टोंगेन ने बाएं फ्लैंक से शानदार पास दिया जिस पर केविन मिरालास ने हेडर लगाया जो निशाना चूक गया। हिगुएन के शानदार फार्म से आज मेस्सी पर से दबाव कम हुआ। डि मारिया भी काफी आक्रामक खेल दिखा रहे थे। उन्हें 33वें मिनट में चोट के कारण बाहर जाना पड़ा और उनकी जगह एंजो पेरेज आए।
हिगुएन इस विश्व कप का एक दर्शनीय गोल 55वें मिनट में कर सकते थे, जिन्होंने विंसेट कंपनी के पैरों के बीच से गेंद लेकर दाहिने पैर से दमदार शॉट लगाया जो बार से टकरा गया।
बेल्जियम के लिए हार का एक कारण चेलसी के उसके स्टार स्ट्राइकर इडेन हेजार्ड का खराब फार्म भी रहा। विश्व कप 2006 और 2010 के लिए क्वालीफाई भी नहीं कर सकी, बेल्जियम के लिए हालांकि क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना किसी उपलब्धि से कम नहीं रहा।