ओलिंपिक में दो पदक जीतने वाले सुशील कुमार की अगुवाई में मंगलवार को ग्लास्गो में भारतीय पहलवानों ने राष्ट्रमंडल खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में बेहतरीन खेल का नजारा पेश करके तीन स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले। सुशील (74 किग्रा) के अलावा अमित कुमार ने 57 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता जबकि महिलाओं के वर्ग में विनेश (48 किग्रा) ने सोने का तमगा हासिल किया।
राजीव तोमर (125 किग्रा) भी फाइनल में पहुंचे लेकिन उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उन्हें कनाडा के कोरे जार्विस ने हराया।।
बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य और लंदन ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले सुशील ने शुरू से ही अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन किया और किसी भी मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने फाइनल सहित दो मुकाबलों में अपने प्रतिद्वंद्वी को चित किया।
इस दिग्गज भारतीय पहलवान ने फाइनल में पाकिस्तान के कमर अब्बास को पहले राउंड में पटखनी देखकर भारत को कुश्ती में दिन का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। भारत को सोने का तमगा दिलाने की शुरुआत अमित कुमार ने की। इस 20 वर्षीय पहलवान ने नाईजीरिया के एबिकवेमिनोमो विल्सन को अंकों के आधार पर 6-2 से हराया। भारतीय पहलवान शुरू से ही अपने प्रतिद्वंद्वी पर हावी हो गया और उन्होंने पहले राउंड में उसे कोई मौका नहीं दिया। अमित ने यह राउंड 4-0 से अपने नाम किया।
अमित ने इससे पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान के अजहर हुसैन को हराया जिन्हें आखिर में कांस्य पदक मिला। उन्होंने पहले दौर और फिर क्वार्टर फाइनल में भी आसान जीत दर्ज की थी।
महिलाओं के वर्ग में विनेश ने अपनी चुनौती अच्छी तरह से पेश की और फाइनल में इंग्लैंड की याना रैटिगन को एक कड़े मुकाबले में 11-8 से हराकर भारत को दिन का दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। विनेश और याना दोनों ने पहले राउंड में एक दूसरे पर हावी होने की पूरी कोशिश की लेकिन भारतीय पहलवान ने 6-4 से खुद को आगे रखा।
दूसरे दौर में एक बार फिर से दोनों पहलवान ने अपने कौशल का अच्छा नमूना पेश किया। याना को स्थानीय दर्शकों का भरपूर समर्थन मिल रहा था लेकिन विनेश ने खुद पर दबाव नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को आगे निकलने का मौका नहीं दिया और दूसरा राउंड 5-4 से अपने नाम करके खिताब जीता।
विनेश ने सेमीफाइनल में कनाडा की जैसमिन मियां को आसानी से शिकस्त दी थी। सुशील और अमित ने इससे पहले डेढ़ घंटे के अंदर तीन कुश्तियां जीतकर फाइनल में प्रवेश किया था। सुशील पहला मुकाबला जीतने के बाद अपने इरादे जाहिर कर दिए जब उन्होंने विरोधी पहलवान पर 'ग्रेट सुपरिआरिटी' अर्थात दस अंक का बड़ा अंतर होने के आधार पर जीत दर्ज की जबकि सेमीफाइनल में उन्होंने नाईजीरिया के मेलविन बिवो को हराकर फाइनल में प्रवेश किया।
सुशील ने अपने पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के जेडन लारेंस को 11-0 से और फिर श्रीलंका के कुशान सांद्राज को 10-0 अंक से पराजित किया।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं