प्रतीकात्मक फोटो
गोल्ड कोस्ट:
कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले रहे भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिये राहत की खबर है कि आयोजकों ने बीडब्ल्यूएफ के प्रायोगिक सर्विस नियम को लागू करने से इनकार कर दिया है. नए सर्विस नियम के तहत सर्विस के समय शटल जमीन से 1.15 मीटर ऊपर होनी चाहिए. यह प्रयोग इसी वर्ष मार्च में आयोजित ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में किया गया था. भारतीय खिलाड़ियों के अलावा डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन और दो बार के ओलंपिक चैम्पियन चीन के लिन डेन जैसे स्टार बैडमिंटन खिलाड़ियों ने इसका विरोध किया था. कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजकों के इस फैसले से बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों के मेडल जीतने की उम्मीदों को और मजबूती मिली है.
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कॉमनवेल्थ गेम्स पुराने नियमों के तहत ही खेले जाएंगे, जिसके तहत सर्विस के समय शटल कमर की ऊंचाई के बराबर होनी चाहिए. पीवी सिंधु ने ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट में यह प्रयोग करने के लिये बीडब्ल्यूएफ की आलोचना की थी. उनका मानना था कि खिलाड़ियों को इसके अनुकूल ढलने के लिये समय दिया जाना चाहिए.
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भारत के स्टार शटलर किदाम्बी श्रीकांत ने भी ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में चीन के हुआंग युजियांग के खिलाफ प्री क्वार्टरफाइनल मुकाबले के दौरान में अंपायरों द्वारा लगातार सर्विस की गलतियां करार दिए जाने को हास्यास्पद बताया था. दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत इस मैच में वरीय युजियांग से 11-21, 21-15, 20-22 से हार गए थे. श्रीकांत ने इतनी सारी 'सर्विस फाल्ट' दिए जाने से काफी नाराज थे.
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श्रीकांत ने कहा था, 'शुरुआती गेम में सर्विस की काफी गलतियां थीं. मुझे इनकी उम्मीद नहीं थी. टूर्नामेंट में ऐसा नहीं होना चाहिए. इसके लिये कुछ विशेष नियम होने चाहिए. गौरतलब है कि बीडब्ल्यूएफ इस साल सभी शीर्ष टूर्नामेंट में 'स्थायी सर्विस नियम' लाने की कोशिश में है.कॉमनवेल्थ गेम्स में बैडमिंटन के मुकाबले 5 अप्रैल से शुरू होंगे.(इनपुट: एजेंसी)
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कॉमनवेल्थ गेम्स पुराने नियमों के तहत ही खेले जाएंगे, जिसके तहत सर्विस के समय शटल कमर की ऊंचाई के बराबर होनी चाहिए. पीवी सिंधु ने ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट में यह प्रयोग करने के लिये बीडब्ल्यूएफ की आलोचना की थी. उनका मानना था कि खिलाड़ियों को इसके अनुकूल ढलने के लिये समय दिया जाना चाहिए.
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भारत के स्टार शटलर किदाम्बी श्रीकांत ने भी ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में चीन के हुआंग युजियांग के खिलाफ प्री क्वार्टरफाइनल मुकाबले के दौरान में अंपायरों द्वारा लगातार सर्विस की गलतियां करार दिए जाने को हास्यास्पद बताया था. दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत इस मैच में वरीय युजियांग से 11-21, 21-15, 20-22 से हार गए थे. श्रीकांत ने इतनी सारी 'सर्विस फाल्ट' दिए जाने से काफी नाराज थे.
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श्रीकांत ने कहा था, 'शुरुआती गेम में सर्विस की काफी गलतियां थीं. मुझे इनकी उम्मीद नहीं थी. टूर्नामेंट में ऐसा नहीं होना चाहिए. इसके लिये कुछ विशेष नियम होने चाहिए. गौरतलब है कि बीडब्ल्यूएफ इस साल सभी शीर्ष टूर्नामेंट में 'स्थायी सर्विस नियम' लाने की कोशिश में है.कॉमनवेल्थ गेम्स में बैडमिंटन के मुकाबले 5 अप्रैल से शुरू होंगे.(इनपुट: एजेंसी)
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