संयुक्त राष्ट्र (UN) के आदिवासी लोगों के अधिकारों पर विशेषज्ञ मंच का 19वां सत्र 13 से 17 जुलाई को होगा. यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'Expert Mechanism on the Rights of Indigenous Peoples' (EMRIP) स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित होगा. इस कार्यक्रम में आदिवासी के अधिकार और उनकी स्थिति पर चर्चा होगी. खास बात यह है कि इस सम्मेलन के लिए राजस्थान के एक सांसद भी हिस्सा लेंगे. इस सम्मेलन में बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट से बीएपी सांसद राजकुमार रोत का संबोधन होगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लोगों से सुझाव भी मांगे.
राजकुमार रोत ने लोगों से मांगे सुझाव
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए कहा, "यह केवल मेरा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासियों की आवाज़ को विश्व पटल तक पहुंचाने का अवसर है. मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि जल, जंगल, ज़मीन, संविधान, वनाधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, भाषा, विस्थापन या आदिवासी समाज से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे व सुझाव मुझे अवश्य भेजें." रोत ने कहा कि वो लोगों के सुझावों को संयुक्त राष्ट्र के इस वैश्विक मंच पर उठाने का प्रयास करेंगे.
आप सभी के विश्वास और सहयोग से मुझे संयुक्त राष्ट्र (UN) के आदिवासी अधिकारों पर 13 जुलाई से 17 जुलाई तक आयोजित होने वाले विशेष मंच EMRIP के 19वें सत्र, जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में भारत के आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
— Rajkumar Roat (@roat_mla) July 11, 2026
यह केवल मेरा नहीं, बल्कि देश के… pic.twitter.com/ClP97cTqDk
इस वजह से भी खास है यह मंच
भारत आदिवासी पार्टी की ओर से कहा गया कि यह वही संयुक्त राष्ट्र मंच है, जिसने विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) को वैश्विक पहचान दिलाने और दुनिया भर में आदिवासी अधिकारों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अब इसी मंच पर सांसद राजकुमार रोत आदिवासी समाज के मुद्दों पर विचार रखेंगे.
2 बार विधायक और एक बार चुने गए सांसद
राजकुमार रोत ने साल 2018 में भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) से विधानसभा चुनाव लड़ा और चौरासी सीट से जीत दर्ज की थी. इसके बाद भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के गठन में अहम भूमिका निभाई. साल 2023 में रोत बीएपी से विधायक बने और फिर 2024 में बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट से चुनाव लड़ा. इस दौरान उन्होंने राजस्थान में जनजाति क्षेत्र के कद्दावर नेता महेंद्रजीत मालवीया को शिकस्त दी थी.
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