राजस्थान में सवाई माधोपुर जिला परिवहन विभाग ने जिला मुख्यालय के करमोदा में चल रहे टाटा मोटर्स (TATA Motors) के शो रूम पर कार्रवाई करते हुए सीज कर लिया है. साथ ही शोरूम में बिकने के लिए आई टाटा मोटर्स की 21 गाड़ियों को भी सीज किया गया है. शोरूम संचालक पर आरोप है कि वह बिना ट्रेड सर्टिफिकेट बेचान अधिकार पत्र के गाड़ियों को बेच रहा थे और बिना इजाजत वर्कशॉप संचालित कर गाड़ियों की सर्विस भी कर रहे थे.
जिला परिवहन विभाग के निरीक्षक हनुमान मीणा ने बताया कि जिला परिवहन अधिकारी अजीत सिंह के नेतृत्व में जिले में संचालित टाटा मोटर्स के शो रूम पर कार्रवाई की गई है. शो रूम संचालक द्वारा बिना ट्रेड सर्टिफिकेट बेचान अधिकार पत्र के गाड़ियों को बेचा जा रहा था और टैक्स कोटा कमल पैसेंजर शो रूम पर काटा जा रहा था. इतना ही नहीं शो रूम पर बिना इजाजत के वर्कशॉप का ट्रेड नहीं होने के बावजूद गाड़ियों की सर्विस की जा रही थी.
बिना ट्रेड टैक्स की बेच दी 33 गाड़ियां
बताया जा रहा है कि शो रूम से मार्च 2026 में 25 और अप्रैल 2026 में 8 गाड़ियां यानी दो महीने में बिना अधिकार पत्र, बिना ट्रेड टैक्स के 33 गाड़ियां बेच दी गई है. जबकि शोरूम संचालक को इसका अधिकार ही नहीं है. शो रूम से गत माह 45 गाड़ियां मध्य प्रदेश में बेची गई है. अब तक 148 गालियों की सर्विस की गई है, जबकि शो रूम संचालक को गाड़ियां बेचने और सर्विस करने का अधिकार ही नहीं है. इससे सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ है.
शो रूम पर 21 कारें कार ट्रेड टैक्स जमा कराए ही बेचने के लिए खड़ी कर रखी थी, जिन्हें सीज करने की कार्रवाई की गई है. वर्कशॉप और शोरूम को भी सीज किया गया है. शोरूम से सारा रिकॉर्ड जप्त किया गया है. साथ ही शो रूम संचालक को हिदायत दी गई है की आगामी आदेश तक ना ही गाड़ी बेच सकता है और ना ही बेचने के लिए शो रूम पर ला सकता है.
8 लाख रुपये का हो चुका है चालान
उन्होंने बताया कि दो माह पूर्व टाटा मोटर्स की बिना रजिस्ट्रेशन की गाड़ी पकड़ी गई थी, जिस पर 8 लाख का जुर्माना कर चालान किया गया था, जिसे शोरूम संचालक द्वारा जमा नहीं कराया गया है. कार की बिलिंग कोटा शो रूम से की गई थी. इस पर ट्रेड निलंबन के लिए शो रूम को लिखा गया था, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
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