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Sanwaliya Seth Record Donation: 3 KG सोना, 152 किलो चांदी और 46 करोड़ नकद, राजस्थान के इस मंदिर में आया रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा

चित्तौड़गढ़ के श्री सांवरिया सेठ मंदिर में इस होली दान का नया रिकॉर्ड बना है. 7 चरणों की गिनती के बाद भंडार से कुल 46.58 करोड़ रुपये का चढ़ावा निकला है, जिसमें 152 किलो चांदी और करीब 3 किलो सोना भी शामिल है. जानें पिछले साल के मुकाबले कितना बढ़ा दान.

Sanwaliya Seth Record Donation: 3 KG सोना, 152 किलो चांदी और 46 करोड़ नकद, राजस्थान के इस मंदिर में आया रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा
राजस्थान के प्रसिद्ध कृष्णधाम में इस बार ₹46,58,32,924 का ऐतिहासिक चढ़ावा आया है.
NDTV Reporter

Chittorgarh News: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक ऐसा मंदिर है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा 'बिजनेस हब' कहा जाए तो गलत नहीं होगा. यहां हर महीने करोड़ों रुपये का चढ़ावा किसी दान की तरह नहीं, बल्कि प्रॉफिट शेयर (मुनाफे का हिस्सा) के रूप में आता है. इस बार होली के मौके पर जब भगवान श्री सांवलिया सेठ का भंडार खुला, तो उसने 46.58 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया. लेकिन यह कहानी सिर्फ नोटों की गड्डियों की नहीं, बल्कि उस 'अदृश्य पार्टनरशिप' की है जो भक्तों और भगवान के बीच चलती है.

भगवान यहां 'बिजनेस पार्टनर' हैं!

आमतौर पर लोग मंदिर में अपनी मन्नत पूरी होने पर दान करते हैं, लेकिन सांवलिया सेठ के दरबार की रीत बिल्कुल अलग है. यहां आने वाले हजारों छोटे-बड़े व्यापारी भगवान को अपने कारोबार में लीगल पार्टनर मानते हैं. कोई अपनी दुकान के मुनाफे का 2% हिस्सा भगवान के नाम रखता है, तो कोई अपनी बड़ी फैक्ट्री की कमाई में सांवलिया सेठ का आधा हिस्सा तय कर देता है. भक्त बताते हैं कि उन्होंने अपनी बैलेंस शीट में 'सांवलिया सेठ' के नाम का एक अलग कॉलम बनाया हुआ है. जब-जब व्यापार बढ़ता है, भगवान का हिस्सा उनके भंडार में पहुंच जाता है.

सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में दानपात्र से निकले नोटों की गिनती करते हुए लोग.

सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में दानपात्र से निकले नोटों की गिनती करते हुए लोग.
Photo Credit: NDTV Reporter

7 चरणों में पूरी हुई नोटों की गिनती

इस बार फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी (2 मार्च) को जब मंदिर की दानपेटियां खोली गईं, तो नकद राशि का ढेर इतना बड़ा था कि बैंक के अधिकारियों को इसे गिनने में सात चरण और कई दिन लग गए.

चरणतारीखगिनी गई राशि (नकद)
पहला चरण2 मार्च₹10,65,00,000
दूसरा चरण5 मार्च₹7,25,80,000
तीसरा चरण7 मार्च₹2,61,75,000
चौथा चरण8 मार्च₹8,55,55,000
पांचवा चरण9 मार्च₹5,47,45,000
छठा चरण10 मार्च₹1,95,27,000
सातवां चरणअंतिम योग₹36,57,87,642 (कुल नकदी)

दानपात्र से 36,57,87,642 लाख रुपये की नकदी निकली, जबकि ऑनलाइन और अन्य माध्यमों से 10,00,45,282 से ज्यादा की राशि प्राप्त हुई. इसके साथ ही करीब 3 किलो सोना और 152 किलो 609 ग्राम चांदी भी भगवान के हिस्से में आई.

पिछले साल होली पर करीब 36 करोड़ रुपये आए थे, लेकिन इस बार इसमें 10 करोड़ रुपये की बड़ी बढ़ोतरी हुई है.

हर महीने बन रहा है नया रिकॉर्ड

मंदिर प्रशासन का कहना है कि पिछले महज डेढ़ साल में चढ़ावे की राशि दो से ढाई गुना बढ़ गई है. अब हर महीने यहां औसतन 29 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है. जानकारों की मानें तो जिस रफ्तार से भक्त यहां खिंचे चले आ रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब इस मंदिर का दैनिक चढ़ावा 1 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा. यह किसी भी कॉर्पोरेट ग्रोथ से कहीं ज्यादा तेज है, क्योंकि यहां निवेश पैसों का नहीं बल्कि भरोसे का है.

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दान के पैसे का क्या होता है?

यह सिर्फ चढ़ावा नहीं है, बल्कि इससे कई जन-कल्याणकारी काम होते हैं. इस पैसे का उपयोग मंदिर के भव्य विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए होता है. यहां चलने वाले विशाल लंगर, सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के लिए इस पैसे का इस्तेमाल किया जाता है.

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