पटना:
बिहार में 12वीं की परीक्षा में पास होने के लिए ही नहीं, बल्कि टॉप करने के लिए कथित रूप से रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तारी के तीन हफ्ते बाद 17-वर्षीय रूबी रॉय को घर जाने की अनुमति दे दी गई है, लेकिन पुलिस ने उसके एक सहपाठी को ढूंढ निकाला है, जो इस बड़े शिक्षा घोटाले में वांछित तीन अन्य छात्रों के साथ लापता था.
20-वर्षीय राहुल कुमार वीएन राय कॉलेज के अन्य टॉपरों के साथ लापता हो गया था, जबकि कॉलेज के प्रिंसिपल बच्चा राय उन लगभग 47 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें इस घोटाले के सिलसिले में अब तक गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब भी रूबी के कॉलेज के दो सहपाठियों को तलाश कर रही है.
विज्ञान विषयों में राहुल को राज्यभर में तीसरा स्थान हासिल हुआ था, और कथित रूप से उसने जांचकर्ताओं को बताया है कि दो किश्तों में दिए जाने वाले पांच लाख रुपये के बदले ऐसी व्यवस्था हो जाती थी कि विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक जाकर उत्तरपुस्तिका में अपना नाम लिखना होता था, और लौट जाना होता था. इसके बाद सूर्यास्त के समय वे लौटते थे, और उनके डेस्क पर उत्तर लिखे मिलते थे, जिन्हें वे उत्तरपुस्तिकाओं में खुद उतारा करते थे, और वही फिर चेक होने के लिए जाती थीं.
राजनीति विज्ञान, यानी पॉलिटिकल साइंस विषय में टॉपर घोषित की गई रूबी रॉय की पोल एक टीवी इंटरव्यू से खुली थी, जिसमें उसने कहा कि विषय के तहत उसे खाना बनाया सिखाया गया. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ. रूबी राय को जुवेनाइल होम में रखे जाने के बाद कई सरकारी अधिकारियों ने उसकी हिरासत पर आपत्ति जताई थी, और कहा था कि यह किसी किशोरी के खिलाफ कुछ ज़्यादा ही कड़ी कार्रवाई है.
20-वर्षीय राहुल कुमार वीएन राय कॉलेज के अन्य टॉपरों के साथ लापता हो गया था, जबकि कॉलेज के प्रिंसिपल बच्चा राय उन लगभग 47 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें इस घोटाले के सिलसिले में अब तक गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब भी रूबी के कॉलेज के दो सहपाठियों को तलाश कर रही है.
विज्ञान विषयों में राहुल को राज्यभर में तीसरा स्थान हासिल हुआ था, और कथित रूप से उसने जांचकर्ताओं को बताया है कि दो किश्तों में दिए जाने वाले पांच लाख रुपये के बदले ऐसी व्यवस्था हो जाती थी कि विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक जाकर उत्तरपुस्तिका में अपना नाम लिखना होता था, और लौट जाना होता था. इसके बाद सूर्यास्त के समय वे लौटते थे, और उनके डेस्क पर उत्तर लिखे मिलते थे, जिन्हें वे उत्तरपुस्तिकाओं में खुद उतारा करते थे, और वही फिर चेक होने के लिए जाती थीं.
राजनीति विज्ञान, यानी पॉलिटिकल साइंस विषय में टॉपर घोषित की गई रूबी रॉय की पोल एक टीवी इंटरव्यू से खुली थी, जिसमें उसने कहा कि विषय के तहत उसे खाना बनाया सिखाया गया. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ. रूबी राय को जुवेनाइल होम में रखे जाने के बाद कई सरकारी अधिकारियों ने उसकी हिरासत पर आपत्ति जताई थी, और कहा था कि यह किसी किशोरी के खिलाफ कुछ ज़्यादा ही कड़ी कार्रवाई है.
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