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NDTV Yuva 2026: 'रिश्तेदारों ने माता-पिता को मुझे जहर देने की सलाह दी', पैरा आर्चर पायल नाग ने किया 'असाधारण यात्रा' का खुलासा

NDTV Yuva 2026: पैरा आर्चर पायल नाग की कहानी तमाम विपदाओं के बीच जीवन को पूरे जज्बे के साथ जीने की सर्वश्रेष्ठ मिसालों में से एक है

NDTV Yuva 2026: 'रिश्तेदारों ने माता-पिता को मुझे जहर देने की सलाह दी', पैरा आर्चर पायल नाग ने किया 'असाधारण यात्रा' का खुलासा
NDTV Yuva 2026: एनडीटीवी के युवा कार्यक्रम में पैरा आर्चर पायल नाग
Photo: NDTV

पैरा-आर्चर पायल नाग की यात्रा शुद्ध साहस और दृढ़ संकल्प की अपने आप में एक बड़ी मिसाल है. जीवन में इतना कुछ झेलना पड़ा, गंवाना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद पायल ने हार न मानकर पूरी दुनिया के सामने ऐसी बड़ी मिसाल पेश कर दी, जो हार न माने और जिंदगी को हर हाल में जीवन जीने की प्रेरणा देता है.  18 वर्षीय पायल ने 2015 में बचपन में करंट लगने से अपने दोनों हाथ और पैर गंवा दिए थे. लेकिन ऐसी विकेट परिस्थिति में भी पायल ने हार नहीं मानी. उन्होंने बैंकॉक में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में डबल गोल्ड जीतकर सभी को चौंका दिया. पायल ने कंपाउंड महिला फाइनल में भारत की सबसे सफल पैरा आर्चर (तीरंदाज) शीतल देवी को 139-136 से हराया और उन्हीं के साथ मिलकर टीम गोल्ड भी अपने नाम किया.

शनिवार को एनडीटीवी के कार्यक्रम YUVA 2026 पायल ने बताया कि ऐसे भी मौके आए जब रिश्तेदारों ने उनके माता-पिता से उन्हें ज़हर देकर मार देने तक की सलाह दी थी, लेकिन उनके माता-पिता ने उनका साथ नहीं छोड़ा और उनकी ज़िंदगी को बदलने का फैसला किया. उन्होंने कहा, 'रिश्तेदारों ने मेरे माता-पिता से कहा कि मुझे ज़हर देकर मार दो, क्योंकि मेरे हाथ-पैर नहीं बचे हैं, लेकिन मेरे माता-पिता ने कहा कि उन्हें आपकी सलाह या मदद की ज़रूरत नहीं है. हम किसी न किसी तरह उसे ठीक करेंगे'

पायल ने कहा, 'मैंने मुंह से लिखना और ड्राइंग बनाना शुरू किया. मैंने ड्राइंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और पुरस्कार जीते. बाद में मुझे एक अनाथालय ले जाया गया, जहां मुझे बहुत मदद और प्रेरणा मिली. मेरी एक ड्राइंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और उसी के जरिए कुलदीप सर (कोच कुलदीप वेधवान) ने मुझे देखा और मुझे तीरंदाजी में ले आए.'

पायल ने आगे बताया,'मैंने 2025 जयपुर नेशनल्स में डेब्यू किया, जहां मैंने शीतल को हराकर रैंकिंग और ओलंपिक राउंड दोनों में ही डबल गोल्ड जीता. इसके बाद उन्होंने खेलो इंडिया पैरा गेम्स में सिल्वर मेडल जीता और फिर पटियाला में आयोजित नेशनल्स में भी रजत पदक हासिल किया, जहां वह शीतल से ठीक पीछे रहीं.' साल 2025 एशियन यूथ पैरा गेम्स (दुबई) में पायल का इंटरनेशनल डेब्यू हुआ, जहां वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली दुनिया की पहली क्वाड्रुपल एम्प्यूटी तीरंदाज बनीं. उन्होंने बताया कि उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में गोल्ड जीतना है. पायल बोलीं, 'मैं अभी एशियन गेम्स की तैयारी कर रही हूं. मैं भारत के लिए एशियन गेम्स और ओलंपिक गोल्ड जीतूंगी'

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