दो हफ़्ते से भी कम समय में दिल्ली में होने वाले बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले इसबार अधिकारी सावधान हैं कि पुरानी ग़लतियां दुहराई नहीं जा सकें. 17 अगस्त से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 50 देशों के करीब 450 शटलर्स वर्ल्ड चैंपियंस के खिताब के लिए इकट्ठा होंगे और दुनिया भर की नजरें उनपर ही टिकी होंगी. भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स का मेजबान है और 2036 ओलिंपिक्स की मेजबानी की दावेदारी की तैयारी कर रहा है, ऐसे में एक भी छोटी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ने की बात कही जा रही है.
करीब साढ़े छह महीने पहले जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में मैच के दौरान कोर्ट पर कबूतर के बीट और स्टेडियम में बंदर के आने की वजह से जगहंसाई हुई और शर्मिंदगी भी उठानी पड़ी. आयोजकों ने NDTV से एक्सक्लूसिव बात करते हुए इस बार इन सबसे बचने के कई उपायों की बात कही है.
‘कबूतर से बचने के लिए 3 बड़े उपाय'
17 अगस्त से शुरू होनेवाले टूर्नामेंट के लिए आज दिल्ली में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के ड्रॉ निकाले गए. इसस दौरान NDTV से ख़ास बात करते हुए भारतीय बैडमिंटन संघ के जनरल सेक्रेटरी संजय मिश्रा ने कहा, 'कबूतर के स्टेडियम में आने की गुंजाइश खत्म कर दी गई है. तीन बड़े उपाय किये गये हैं. स्टेडियम के ऊपर प्लास्टिक का कवर किया गया है. इसके अलावा ऊपर एक तरह की ग्रीज़िंग की गई है ताकि कबूतर उसपर बैठने की कोशिश करे तो फिसल जाए. कबूतरों को भगाने के लिए एक साउंड सिस्टम भी लगा दिया गया है. उसकी आवाज से स्टेडियम में परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा. ऐसे ही कुछ उपाय बंदरों को भगाने के लिए भी किए गये हैं.'
‘किसी तरह नहीं आ सकेंगे बंदर'
पिछली बार इंडिया ओपन सुपर सीरीज के दौरान एक बंदर की तस्वीर ने भी बड़ा उधम मचाया था. NDTV से बात करते हुए BAI के जनरल सेक्रेटरी संजय मिश्रा ने NDTV से कहा, 'इस बार ना बंदर, ना कबूतर, परिंदा भी पर नहीं मार सकता. इस बार बंदरों से बचने के लिए 3 टीयर सुरक्षा दुरुस्त की गई है. तीन दरवाजे हैं जिनसे किसी भी तरह बंदर स्टेडियम में नहीं आ सकता. इसके अलावा 24 घंटे गार्ड्स मुस्तैद रहेंगे. इसलिए ऐसी किसी भी डिस्टर्बिंग चीज़ों की गुंजाइश खत्म कर दी गई है.'
17 साल बाद भारत में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप
भारत में 17 साल बाद हो रहे दुनिया के सबसे बड़े बैडमिंटन टूर्नामेंट की हर छोटी-बड़ी बात का ख़्याल रखा गया है. सूत्रों के मुताबिक करोड़ों रुपये लगाकर स्टेडियम को दुरुस्त किया है. अंदर फ़ाल्स सीलिंग को रिप्लेस किया गया है. इंडोनेशिया से लाइटिंग एक्सपर्ट और मलेशिया से फ़्लोरिंग एक्सपर्ट की मदद ली गई है.
पीवी सिंधु ने जीता इकलौता गोल्ड
भारत ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में पीवी सिंधु के 1 गोल्ड सवमेत अबतक कुल 15 पदक जीते हैं. टीम इंडिया कोच और पूर्व ऑल इंग्लैंड चैंपियन पुलेला गोपीचंद ने कहा, 'इस बार मिक्स्ड डबल्स को छोड़कर सभी वर्गों- मेन्स सिंगल्स, वीमेन्स सिंगल्स, मेन्स डबल्स और वीमेन्स डबल्स में पदक की गुंजाइश है. खिलाड़ी अच्छे फ़ॉर्म में हैं और हम अच्छे रिज़ल्ट्स की उम्मीद कर रहे हैं.'
बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में भारत के पदक
पीवी सिंधु (1 Gold, 2 Silver, 2 Bronze)- 5 मेडल
प्रकाश पादुकोण (1 Bronze): 1 मेडल
साइना नेहवाल (1 Silver, 1 Bronze): 2 मेडल
किदाम्बि श्रीकांत (1 Silver): 1 मेडल
बी साइ प्रणीथ (1 Bronze): 1 मेडल
लक्ष्य सेन (1 Bronze): 1 मेडल
सात्विक साइराज- चिराग शेट्टी (2 Bronze): 2 मेडल
ज्वाला गुट्टा-अश्विनी पोनप्पा (1 Bronze): 1 मेडल
एचएस प्रणॉय (1 Bronze): 1 मेडल
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