Who is Manu Bhaker New Coach: पेरिस ओलंपिक्स की मेडलिस्ट मनु भाकर ने अपने शूटिंग करियर में एक नया दौर शुरू किया है. उन्होंने सर्बियाई कोच के साथ टीम बनाई है और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक्स पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं.मशहूर कोच जसपाल राणा के साथ अपने सफल करियर के खत्म होने के बाद, भाकर अपनी स्किल्स को बेहतर बनाना चाहती हैं और अपनी हालिया इंटरनेशनल सफलता को आगे बढ़ाना चाहते हैं. देश के सबसे बड़े ओलंपिक हीरो में से एक बनकर उभरी भारतीय शूटिंग स्टार का मानना है कि नया कोचिंग सेटअप उन्हें सबसे ऊंचे लेवल पर कॉम्पिटिटिव बने रहने में मदद करेगा. LA 2028 अब उनका मुख्य टारगेट है, भाकर और उनके नए कोच अगले ओलंपिक साइकिल के लिए उनकी टेक्निक, कंसिस्टेंसी और मेंटल तैयारी को बेहतर बनाने पर फोकस कर रहे हैं.
मनु भाकर की नई कोच कौन है?
बता दें कि मनु भाकर के पूर्व कोच जसपाल राणा का निधन जून 2026 में 49 साल की उम्र में हो गया. 2023 में मनु के साथ दोबारा जुड़ने के बाद, उन्होंने मनु को पेरिस 2024 ओलंपिक्स में ऐतिहासिक दो ब्रॉन्ज़ मेडल दिलाने में मदद की थी. अब जब जसपाल राणा इस दुनिया में नहीं हैं तो मनु ने नए कोच के साथ अपनी तैयारी शुरू कर दी है. नई कोच जेलेना अरुणोविच जो एक मशहूर सर्बियाई शूटिंग कोच है, जिनके साथ मनु ने राणा के गुज़र जाने के बाद ट्रेनिंग का नया रास्ता बनाने और उसे अपनाने के लिए काम करना शुरू कर दिया है.
जेलेना का पिछला कोचिंग असाइनमेंट चीनी नेशनल टीम के साथ था, जिसे उन्होंने अक्टूबर 2024 में जॉइन किया था. पेरिस में, उन्होंने अपनी छोटी बहन जोराना की ओलंपिक मेडल जीतने की लंबे समय से चली आ रही इच्छा को पूरा किया, जो तीन बार कोशिश करने के बाद भी सफल नहीं हो पाई थी. जेलेना ने जोराना को कोचिंग दी और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने में उनकी मदद की.
जेलेना 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में दो बार वर्ल्ड और यूरोपियन गेम्स चैंपियन और 9 बार यूरोपियन चैंपियनशिप की विजेता रही हैं. अपने शानदार करियर के दौरान, जब जेलेना नेशनल टीमों के लिए काम नहीं कर रही होती थीं, तब उन्होंने मुख्य रूप से जोराना को ही कोचिंग दी है. एक शूटर के तौर पर उनके सफर की बात करें तो, जेलेना ने कभी ओलंपिक गेम्स में हिस्सा नहीं लिया. हालांकि, उन्होंने अपने देश की तरफ से कई वर्ल्ड और यूरोपियन चैंपियनशिप में हिस्सा जरूर लिया है. म्यूनिख में 2010 की वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद, उन्होंने एथलीट से कोच बनने का फैसला किया और बेलग्रेड में अपना शूटिंग क्लब 'क्रवेना ज़्वेज़्दा' चलाया.
जबरदस्त ट्रेनिंग कर रही हैं मनु भाकर
एशियन गेम्स कैंप में शामिल हो रही मनु भाकर ने रेंज में आठ घंटे से ज़्यादा समय बिता रही हैं. वह सुबह 7.30 बजे रेंज पर पहुंचती हैं और जेलेना के साथ देर दोपहर में सबसे आखिर में निकलती हैं. इस बीच, कुछ कड़ी ट्रेनिंग करती हैं. स्टार भारतीय शूटर अपने नए कोच के साथ रेंज पर जमकर मेहनत कर रही हैं और ज्यादा से ज्यदाा समय एक साथ बिता रहीं हैं जिससे दोनों एक दूसरे के साथ अच्छा तालमेल बैठा सकें. सर्बियाई शूटर के ट्रेनिंग के अनोखे तरीकों को फॉलो करती है.
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