बीएमसी ने प्रापर्टी के सौदों पर एक प्रतिशत कर लगाएगी जिससे मुंबई में घर मंहगे होने की आशंका है.
- बजट 37 हजार करोड़ से नीचे खिसककर 26 हजार करोड़ रुपये हुआ
- बीएमसी आमदनी के लिए नया जरिया तलाश रही
- मुंबई में घर खरीदने का सपना और दूभर हो जाएगा
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मुंबई:
कमरतोड़ महंगाई के बीच शिवसेना मुंबई के प्रॉपर्टी बाजार पर और अधिक बोझ डालने जा रही है. पार्टी के कब्ज़े वाली बीएमसी के बजट में प्रस्ताव दिया गया है कि शहर के सभी प्रॉपर्टी के सौदों पर एक फीसदी अतिरिक्त कर लगाया जाए. जीएसटी के लागू होने के बाद बीएमसी आमदनी के लिए नया जरिया ढूंढ रही है. इस 'शिवसेना टैक्स' से मुंबई में प्रापर्टी मंहगी होने की आशंका जताई जा रही हैं.
बीएमसी के मेयर विश्वनाथ महाडेश्वर की मानें तो यह फैसला जरूरी था. एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि महानगर पालिका को आमदनी की जरूरत है और इन टैक्सों के सहारे हम अपना काम कर सकेंगे.
बीएमसी का इस बार का बजट 37 हजार करोड़ से नीचे खिसककर 26 हजार करोड़ रुपये तक आ चुका है. ऐसे में प्रॉपर्टी के सौदों पर 1% का टैक्स लगाकर शिवसेना को सालाना 3000 करोड़ रुपये की आमदनी की उम्मीद है. लेकिन बाजार के कारोबारी इसे घाटे का सौदा बता रहे हैं.
ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर के निदेशक गौरव गुप्ता ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में कहा बेहतर होता कि बीएमसी आमदनी का कुछ और जरिया ढूंढती. आखिरकार जो भी नए कर लगेंगे वह ग्राहक से ही लिए जाएंगे. ऐसे में उसके लिए घर महंगे होना तय है.
मुंबई के प्रॉपर्टी बाजार में तीन साल से कई प्रॉपर्टी ग्राहक का इंतज़ार कर रहीं हैं. इस बीच रेडी रेकनर के दाम 4% बढ़ने से रियल इस्टेट इंडस्ट्री पर और मार पड़ी है. ऐसे में रियल एस्टेट के सौदों पर शिवसेना टैक्स के बोझ से मुंबई में घर खरीदने का सपना और दूभर हो जाएगा.
(अश्विनी प्रियोलकर के इनपुट के साथ)
बीएमसी के मेयर विश्वनाथ महाडेश्वर की मानें तो यह फैसला जरूरी था. एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि महानगर पालिका को आमदनी की जरूरत है और इन टैक्सों के सहारे हम अपना काम कर सकेंगे.
बीएमसी का इस बार का बजट 37 हजार करोड़ से नीचे खिसककर 26 हजार करोड़ रुपये तक आ चुका है. ऐसे में प्रॉपर्टी के सौदों पर 1% का टैक्स लगाकर शिवसेना को सालाना 3000 करोड़ रुपये की आमदनी की उम्मीद है. लेकिन बाजार के कारोबारी इसे घाटे का सौदा बता रहे हैं.
ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर के निदेशक गौरव गुप्ता ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में कहा बेहतर होता कि बीएमसी आमदनी का कुछ और जरिया ढूंढती. आखिरकार जो भी नए कर लगेंगे वह ग्राहक से ही लिए जाएंगे. ऐसे में उसके लिए घर महंगे होना तय है.
मुंबई के प्रॉपर्टी बाजार में तीन साल से कई प्रॉपर्टी ग्राहक का इंतज़ार कर रहीं हैं. इस बीच रेडी रेकनर के दाम 4% बढ़ने से रियल इस्टेट इंडस्ट्री पर और मार पड़ी है. ऐसे में रियल एस्टेट के सौदों पर शिवसेना टैक्स के बोझ से मुंबई में घर खरीदने का सपना और दूभर हो जाएगा.
(अश्विनी प्रियोलकर के इनपुट के साथ)
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