रेलवे और पुलिस अब मामले की जांच में जुटे हैं...
- सोमवार शाम वसई-दिवा-पनवेल सेक्शन में ट्रैक पर 5 फुट के लोहे का टुकड़ा मिला
- पनवेल-जेएनपीटी ट्रैक पर बुधवार सुबह 6 फुट के लोहे का टुकड़ा मिला.
- बीते छह फरवरी को कलंबोली के करीब पटरी पर लोहे का टुकड़ा मिला था.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई:
15 दिनों के अंदर मुंबई सेंट्रल लाइन में पटरियों से छेड़छाड़ की तीसरी घटना सामने आई है. सोमवार शाम वसई-दिवा-पनवेल सेक्शन में ट्रैक पर 5 फुट के लोहे का टुकड़ा मिला तो बुधवार सुबह पनवेल-जेएनपीटी रूट पर. रेलवे और पुलिस अब मामले की जांच में जुटे हैं.
पनवेल-जेएनपीटी ट्रैक पर बुधवार सुबह 6 फुट के लोहे का टुकड़ा मिला. पनवेल से जेएनपीटी जा रहे मालगाड़ी के ड्राइवर ने इसे देखा उसने कंट्रोल रूम को ख़बर दी तब जाकर इसे ट्रैक से हटाया गया. पनवेल पुलिस मामले की जांच कर रही है. बीते छह फरवरी को कलंबोली के करीब पटरी पर लोहे का टुकड़ा मिला था.

सोमवार शाम 02821 पुणे-संतरागाछी एक्सप्रेस का इंजन ट्रैक पर रखे टुकड़े से टकरा गया. टुकड़ा छोटा होने की वजह से इंजिन को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही ड्राइवर को किसी चीज के टकराने का अहसास हुआ, उसने ट्रेन रोक कर जांच की. इस घटना की वजह से ट्रेन 15 मिनट तक रूकी रही. इस बारे में पूछने पर सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ नरेन्द्र पाटिल ने कहा कि 'इस घटना की जांच भी हम कर रहे हैं. पुलिस, जीआरपी इस मामले की जांच कर रहे हैं. सारे ऐंगल से जांच की जा रही है कि यह किसी की शरारत है या कोई बड़ी साज़िश है, जिसके तार देश में हुए दूसरे रेल हादसों से जुड़े हैं. लिहाज़ा, सभी कोणों से इस मामले की जांच की जा रही है'.
15 दिनों में मुंबई की लाइफलाइन तीन बार संभली, क्योंकि ट्रैक पर लोहे के रॉड थे. बीते 24 जनवरी को दिवा स्टेशन के करीब पटरी पर लोहे की रॉड मिली थी, जिसे 12052 जनशताब्दी के ड्राइवर ने रात 10.40 मिनट पर दिवा के करीब देखा. 7 मीटर के लोहे के टुकड़े को लेकर जांच अब तक चल रही है. मुंबई डिविजन में ट्रैक के किनारे तकरीबन 6,000 टन लोहा पड़ा है. एक के बाद एक तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हालांकि इसमें किसी जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन जरूरत है जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की, क्योंकि लाइफलाइन में रोज़ाना 75 लाख ज़िंदगियां चलती हैं.
पनवेल-जेएनपीटी ट्रैक पर बुधवार सुबह 6 फुट के लोहे का टुकड़ा मिला. पनवेल से जेएनपीटी जा रहे मालगाड़ी के ड्राइवर ने इसे देखा उसने कंट्रोल रूम को ख़बर दी तब जाकर इसे ट्रैक से हटाया गया. पनवेल पुलिस मामले की जांच कर रही है. बीते छह फरवरी को कलंबोली के करीब पटरी पर लोहे का टुकड़ा मिला था.

सोमवार शाम 02821 पुणे-संतरागाछी एक्सप्रेस का इंजन ट्रैक पर रखे टुकड़े से टकरा गया. टुकड़ा छोटा होने की वजह से इंजिन को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही ड्राइवर को किसी चीज के टकराने का अहसास हुआ, उसने ट्रेन रोक कर जांच की. इस घटना की वजह से ट्रेन 15 मिनट तक रूकी रही. इस बारे में पूछने पर सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ नरेन्द्र पाटिल ने कहा कि 'इस घटना की जांच भी हम कर रहे हैं. पुलिस, जीआरपी इस मामले की जांच कर रहे हैं. सारे ऐंगल से जांच की जा रही है कि यह किसी की शरारत है या कोई बड़ी साज़िश है, जिसके तार देश में हुए दूसरे रेल हादसों से जुड़े हैं. लिहाज़ा, सभी कोणों से इस मामले की जांच की जा रही है'.
15 दिनों में मुंबई की लाइफलाइन तीन बार संभली, क्योंकि ट्रैक पर लोहे के रॉड थे. बीते 24 जनवरी को दिवा स्टेशन के करीब पटरी पर लोहे की रॉड मिली थी, जिसे 12052 जनशताब्दी के ड्राइवर ने रात 10.40 मिनट पर दिवा के करीब देखा. 7 मीटर के लोहे के टुकड़े को लेकर जांच अब तक चल रही है. मुंबई डिविजन में ट्रैक के किनारे तकरीबन 6,000 टन लोहा पड़ा है. एक के बाद एक तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हालांकि इसमें किसी जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन जरूरत है जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की, क्योंकि लाइफलाइन में रोज़ाना 75 लाख ज़िंदगियां चलती हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
मुंबई, मुंबई रेलवे, पटरियों से छेड़छाड़, रेलवे पुलिस, Mumbai, Mumbai Railway, Rail Tracks Manipulating, Railway Police