
मध्य प्रदेश में चल रहे राजनीतिक संकट (MP Govt Crisis) के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल लालजी टंडन को मंगलवार को पत्र लिखकर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आस्था जताने वाले अपने मंत्रिमंडल के छह मंत्रियों को तत्काल हटाने की सिफारिश की है. अपने इस पत्र में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से इमरती देवी, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युमन सिंह तोमर एवं प्रभुराम चौधरी को मंत्री पद से हटाने की सिफारिश की है. कमलनाथ ने इसमें लिखा है, ‘कृपया इनको हटाने संबंधी आदेश तत्काल जारी करने का कष्ट करें.' मध्य प्रदेश कांग्रेस के एक प्रवक्ता द्वारा यह पत्र मीडिया में जारी किया गया है. गौरतलब है कि कैबिनेट बैठक में मौजूद करीब 20 मंत्रियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रति आस्था जताते हुए सोमवार देर रात को उन्हें अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए थे.
बात दें, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस छोड़ दी जिसके साथ ही मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट गहरा गया है. हालांकि, कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते सिंधिया को निष्कासित किया गया है. इसके साथ ही छह मंत्रियों सहित 21 कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है. ऐसी स्थिति में कमलनाथ सरकार के अल्पमत में आ गई है.
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राज्य में कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं और उसे चार निर्दलीय, बसपा के दो और समाजवादी पार्टी के एक विधायक का समर्थन हासिल है. भाजपा के 107 विधायक हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद सिंधिया ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिये अपने इस्तीफे की घोषणा की. उन्होंने जो त्यागपत्र साझा किया है उस पर नौ मार्च की तिथि है.
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