- महाराष्ट्र सूखा संकट: किसानों की मदद के लिए IAS-IPS अधिकारी देंगे एक दिन का वेतन
- सूखा प्रभावित किसानों को मिलेगी राहत, सरकार ने घोषित की कई रियायतें
- राहत कार्यों में जनप्रतिनिधि भी आगे आए, विधायक ने दिया एक महीने का वेतन
महाराष्ट्र में गंभीर सूखे की स्थिति के बीच किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर पहल शुरू हो गई है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में वर्षा की कमी से प्रभावित किसानों को मदद देने के उद्देश्य से वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने अक्टूबर 2026 के एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराने का फैसला किया है. राज्य सरकार पहले ही 305 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित कर विशेष राहत पैकेज की घोषणा कर चुकी है. अब अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से किसानों को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है.
किसानों के लिए IAS-IPS अधिकारी की पहल
महाराष्ट्र में लगातार बने सूखे के हालातों ने किसानों की आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है. इसी को देखते हुए राज्य के वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने प्रभावित किसानों के समर्थन में आगे आते हुए एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराने का सामूहिक निर्णय लिया है. NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकारियों के संगठन ने इस संबंध में राज्य सरकार को एक आधिकारिक पत्र भी सौंपा है. अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की मदद के लिए प्रशासन को भी सामाजिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए.
305 तालुकों को सूखा घोषित किया गया
महाराष्ट्र सरकार ने 14 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत 305 तालुकों को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित किया है. इसके बाद किसानों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं.
कर्ज से लेकर परीक्षा फीस तक राहत देने का ऐलान
राज्य सरकार की ओर से घोषित राहत उपायों के तहत प्रभावित किसानों को भू-राजस्व में पूरी छूट प्रदान की जाएगी. इसके अलावा किसानों के फसल ऋण का पुनर्गठन किया जाएगा और कृषि संबंधी ऋण वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया गया है. सूखाग्रस्त क्षेत्रों में कृषि पंपों के बिजली बिलों में भी विशेष रियायत देने की घोषणा की गई है. वहीं आर्थिक संकट का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर न पड़े, इसके लिए प्रभावित इलाकों के छात्रों की परीक्षा फीस माफ करने का फैसला भी लिया गया है.
जनप्रतिनिधियों ने भी सहायता के लिए बढ़ाए हाथ
इधर जनप्रतिनिधियों ने भी राहत कार्यों में योगदान देना शुरू कर दिया है. चिपलून-संगमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शेखर निकम ने अपने एक महीने के मूल वेतन का चेक उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सौंपा है. वहीं विधायक रोहित पवार ने सरकार से मांग की है कि सूखाग्रस्त किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और खेतिहर मजदूरों को 25 हजार रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए.
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