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महाराष्ट्र : गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, हथियार और गोला बारूद भी सौंपे

सरेंडर करने वाले कैडरों की पहचान तेलंगाना के करीमनगर जिले के रहने वाले विनोद सय्यान (40), पांडु पुसु वड्डे (35), रानी उर्फ ​​रामे येसु नरोटे (30), संतू उर्फ ​​तिजाउराम धरमसहाय पोरेटी (35), शेवंती रायसिंह पंद्रे (32), काशीराम राज्य बंतुला (62), नक्के सुकलू कारा (55), सन्नू मुडियाम (27), सदु पुलाई सोत्ती (30), शीला चमरू माडवी (40) और रितु भीमा डोडी (20) के रूप में हुई है.

महाराष्ट्र : गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, हथियार और गोला बारूद भी सौंपे
  • महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया, जिन पर 89 लाख रुपये का इनाम
  • आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली दरेकसा दलम से संबंधित थे, जो एमएमसी क्षेत्र का सक्रिय दलम है
  • दरेकसा दलम का नेतृत्व विकास नागपुरे उर्फ अनंत कर रहा था, जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था
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गोंदिया:

पूर्वी महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में नक्सली अनंत उर्फ ​​विनोद सय्यना समेत 11 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. इन नक्सलियों पर 89 लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस उप महानिरीक्षक अंकित गोयल (गढ़चिरौली रेंज) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले ये कार्यकर्ता प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के दरेकसा दलम से जुड़े थे. उन्होंने कहा कि दरेकसा दलम एमएमसी (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) क्षेत्र का सबसे सक्रिय दलम है.

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नक्सली अनंत पर 25 लाख का इनाम

महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ विशेष संभागीय समिति (MMC) द्वारा 1 जनवरी 2026 तक सरेंडर करने की दूसरी शांति अपील के ठीक अगले दिन ये घटनाक्रम हुआ. पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) के पूरे दरेकसा दलम ने शुक्रवार रात गोंदिया में पुलिस के सामने हथियार डाल दिए. इस दलम का नेतृत्व कर रहे थे विकास नागपुरे उर्फ अनंत. जो दरेकसा स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य और राजनांदगांव-गोंदिया-बालाघाट डिविजन के प्रमुख थे. अनंत पर 25 लाख रुपये का इनाम था. 

कैसे हुआ आत्मसमर्पण?

हाल ही में अनंत ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों और गृह मंत्रियों को पत्र लिखकर सुरक्षा अभियान को 34 दिनों के लिए रोकने की अपील की थी, ताकि बिखरे हुए गुरिल्ला एकत्र होकर आत्मसमर्पण कर सकें. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और संयुक्त ऑपरेशन जारी रखा. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के संयुक्त दबाव, विकास कार्यों और हालिया शांति अपील ने इस यूनिट को हथियार डालने पर मजबूर कर दिया.

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DIG का बयान

डीआईजी अंकित गोयल ने कहा कि दरेकसा दलम के पतन से राजनांदगांव-गोंदिया-बालाघाट संभागीय समिति ने अपनी अंतिम सक्रिय सैन्य इकाइयों में से एक खो दी है. यह माओवादियों के कथित रेड कॉरिडोर में सुरक्षा बलों के लिए निर्णायक जीत है.

कहां सक्रिय था यह दलम?

यह दस्ता तीन राज्यों के सीमावर्ती जंगलों में सक्रिय था:

  • राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
  • गोंदिया (महाराष्ट्र)
  • बालाघाट (मध्य प्रदेश)
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हथियार और बरामदगी

  1. आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने पुलिस को बड़ी मात्रा में गोला-बारूद सौंपे
  2. अनंत ने AK-47 राइफल, दो मैगजीन और दो मोबाइल फोन जमा किए
  3. दलम कमांडर नागसू उर्फ गोलू उर्फ पांडू पुसू बाडे ने SLR राइफल सौंपी
  4. महिला कैडर रानो उर्फ रामे येशू नरोटे ने INSAS राइफल जमा की

 पुनर्वास योजना

गोंदिया के एसपी गोरख भामरे ने बताया कि सभी आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को महाराष्ट्र और केंद्र सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा.

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