- देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र को बताया ढोंग
- फडणवीस ने कहा- अभी तक विभागों का आधिकारिक तौर पर आवंटन नहीं हुआ है
- फडणवीस ने किसानों के बकाया ऋण माफ करने की भी मांग की
महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने रविवार को कहा कि सोमवार से शुरू होने वाला महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) का शीतकालीन सत्र (Winter Session) ''ढोंग'' है क्योंकि उद्धव ठाकरे नीत राज्य सरकार ने मंत्रियों को प्रभार नहीं दिए हैं. महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता फडणवीस ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में ''गलत जानकारी'' फैला रही है. उन्होंने यह भी मांग की कि राज्य सरकार किसानों को उनके बकाये ऋण माफ करने के लिए 23 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करे.
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महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार का नेतृत्व करने वाले ठाकरे ने छह मंत्रियों के साथ 28 नवम्बर को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. इन मंत्रियों में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के दो-दो मंत्री शामिल थे. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विभागों का बंटवारा करते हुए 12 दिसम्बर को शिवसेना को गृह, उद्योग और शहरी विकास विभाग के प्रभार दिये थे, वहीं एनसीपी को वित्त और कांग्रेस को राजस्व विभाग का प्रभार मिला था. राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र नागपुर में सोमवार को शुरू होगा और 21 दिसम्बर को समाप्त होगा.
फडणवीस ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि नई सरकार को सत्ता में आये दो सप्ताह से अधिक समय हो चुका है लेकिन ''अभी तक विभागों का आधिकारिक तौर पर आवंटन नहीं हुआ है.'' बीजेपी नेता ने कहा, ''वर्तमान में मंत्रियों के विभागों का आवंटन अस्थायी है. इसलिए शीतकालीन सत्र और कुछ नहीं बल्कि ढोंग है. ऐसा लगता है कि ठाकरे नीत सरकार इस सत्र को लेकर गंभीर नहीं है.'' उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में ''गलत सूचना'' फैलाने के जानबूझकर प्रयास किये जा रहे हैं.
फडणवीस ने कहा, ''कुछ ऋण थे जो बजट के बाहर लिये गए थे लेकिन उसे बजट के हिस्से के तौर पर दिखाया गया है और बकाया ऋण की राशि बढ़ायी गई है. मुझे लगता है कि यह सूचना भविष्य में कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों को टालने के लिए फैलायी जा रही है.'' उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार किसानों के बकायों को माफ करने के लिए उन्हें 23 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करे.
फडणवीस ने कहा, ''ठाकरे और राकांपा एवं कांग्रेस ने पूर्व में 23 हजार करोड़ रुपये के भुगतान की मांग की थी. अब इसे लागू करने का समय है.'' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''बीजेपी इसकी मांग नहीं कर रही है बल्कि हम उन्हीं की मांग का उल्लेख कर रहे हैं जो इन पार्टियों (राकांपा और कांग्रेस) ने तब की थी जब वे विपक्ष में थे.'' उन्होंने कहा कि शिवसेना ने पूर्व में 7/11 भूमि रिकार्ड पर्ची देने का काम पूरा करने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि ठाकरे नीत राज्य सरकार को अब इसे जल्द से जल्द करना चाहिए.
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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं