- महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना की है
- मालेगांव नगर निगम के उप महापौर कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने से विवाद शुरू हुआ है
- बीजेपी नेता धीरज घाटे ने सपकाल के बयान के खिलाफ पुणे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है
टीपू सुल्तान को लेकर महाराष्ट्र में सियासत गरमा गई है. महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज के संघर्ष और स्वराज्य की तुलना टीपू सुल्तान की अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई से की थी. इसे लेकर बड़ा विवाद शुरू हो गया है. सपकाल के इस बयान पर उनके खिलाफ पुणे बीजेपी शहर अध्यक्ष धीरज घाटे ने केस दर्ज करा दिया है. ये विवाद मालेगांव महानगरपालिका के मेयर दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने से शुरू हुई. आइए आपको बताते हैं, क्या है पूरा विवाद.
कांग्रेस भवन के सामने फूंका बैनर
टीपू सुल्तान और छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना किए जाने के विरोध में पुणे में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के बयान के खिलाफ अब हिंदुत्ववादी और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए हैं. पुणे के कांग्रेस भवन के सामने संगठन के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हर्षवर्धन सपकाल और टीपू सुल्तान की तस्वीरों पर काले रंग का स्प्रे छिड़का और उनके पोस्टर्स व बैनर जलाए. पुणे शनिवार को पर्वती पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद आज हुए इस आंदोलन से सपकाल के खिलाफ संगठनों का गुस्सा और बढ़ता दिखाई दे रहा है.
मालेगांव में इस्लाम पार्टी की शेख नसरीन खालिद मेयर चुनी गई हैं. उप महापौर दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाई गई, तो सियासी बयानबाजी शुरू हो गई. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लेकर तमाम वरिष्ठ नेताओं ने इसे लेकर मालेगांव की मेयर को चेताया. इसी बीच महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना कर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है.
सपकाल ने आखिर क्या दिया?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि जैसे शिवाजी महाराज ने बहादुरी और आजादी की सोच देशवासियों को दी थी, ऐसा ही टीपू सुल्तान ने भी किया था. इसलिए टीपू सुल्तान को शिवाजी महाराज के बराबर माना जाना चाहिए. सपकाल के इस बयान पर लोग भड़क गए हैं. बीजेपी नेता आचार्य तुषार भोसले ने कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर टीपू सुल्तान का फोटो नहीं हटाया गया, तो हिंदू समाज के साथ मिलकर वे खुद इसे हटाने का आंदोलन शुरू करेंगे. ऐसे में टीपू सुल्तान की फोटो पर अब कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने नजर आ रही हैं.
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'हम तय करेंगे, किसकी फोटो लगानी है'
मालेगांव नगर निगम की उप महापौर निहाल अहमद के ऑफिस में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाई गई है. निहाल अहमद ने कहा कि 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान की फोटो उनके ऑफिस में ही रहेगी. उन्होंने कहा कि यह हम तय करेंगे कि ऑफिस में किसकी फोटो लगानी है और किसकी हटानी है. इस पर आचार्य भोसले ने कहा है कि महानगरपालिका एक सार्वजनिक प्रशासनिक संस्था है. इसलिए यहां ऐसे लोगों की तस्वीरें नहीं लगाई जानी चाहिए, जिन्हें लेकर विवाद हो. ऐसे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं.
सपकाल के खिलाफ बीजेपी ने दर्ज कराई पुलिस में शिकायत
शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने का मामला अब पुलिस स्टेशन तक पहुंच गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे में बीजेपी के एक पदाधिकारी ने इस मुद्दे पर सपकाल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. सपकाल पर बीएनएस की धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना) और 196 (धर्म, जाति, भाषा या नस्ल के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी, घृणा या असामंजस्य को बढ़ावा देना) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
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