(फाइल फोटो)
मुंबई:
एयर इंडिया यूनियंस ज्वायंट फोरम अगेंस्ट प्राइवेटाइजेशन ने सार्वजनिक विमानन कंपनी को नहीं बेचे जाने की मांग आज फिर दोहरायी. उसने कहा कि एयर इंडिया को ऐसे समय में बेचा जा रहा है जब कंपनी परिचालन एवं दक्षता के सभी मानकों पर प्रगति कर रही है. संगठन ने इस कदम को ‘नुकसान का राष्ट्रीयकरण एवं मुनाफे का निजीकरण’ करार दिया. इस फोरम में एयर इंडिया के कर्मचारियों तथा अधिकारियों के सात संगठन शामिल हैं. फोरम की आज यहां हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया. फोरम ने यह कदम तब उठाया है जब दो दिन पहले बांबे हाई कोर्ट ने एयर इंडिया प्रबंधन की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें फोरम की बैठक पर रोक लगाने की मांग की गयी थी.
यह भी पढ़ें : एयर इंडिया को है 1500 करोड़ के अल्पावधि ऋण की जरूरत
फोरम ने दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का भी निर्णय लिया ताकि निजीकरण के विरोध में अपना पक्ष मजबूत कने के लिए आगे की रणनीतियां तैयार की जा सके.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
यह भी पढ़ें : एयर इंडिया को है 1500 करोड़ के अल्पावधि ऋण की जरूरत
फोरम ने दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का भी निर्णय लिया ताकि निजीकरण के विरोध में अपना पक्ष मजबूत कने के लिए आगे की रणनीतियां तैयार की जा सके.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)