- मध्य प्रदेश के गुना जिले के पैंची गांव में प्रेम विवाह के विवाद ने हिंसक रूप लेकर पुलिस टीम पर हमला किया.
- विवाद की शुरुआत 28 दिसंबर को दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट और युवती के बालिग होकर प्रेम विवाह करने से हुई थी.
- भीड़ ने आरक्षक को बंधक बनाया और पुलिस पर मिर्ची पाउडर झोंककर हमला किया जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए.
Attack on MP Police: मध्य प्रदेश के गुना जिले से कानून-व्यवस्था को हिला देने वाली घटना सामने आई है. भाजपा विधायक के गांव पैंची में सोमवार को प्रेम विवाह के विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया. नेशनल हाईवे-46 पर पुलिस और एसएएफ की टीम को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, यहां तक कि जवानों की आंखों में मिर्ची पाउडर तक झोंक दिया गया. इस हमले में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाके में तनाव फैल गया.
क्या है विवाद की वजह?
जानकारी के मुताबिक, घटना की शुरुआत 28 दिसंबर को दर्ज हुई एक गुमशुदगी रिपोर्ट से हुई. लोधा समाज की एक युवती मीना समाज के युवक के साथ गायब हो गई थी. बाद में दोनों ने 30 दिसंबर को प्रेम विवाह कर लिया. युवती बालिग थी और उसने अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही. पुलिस ने उसके बयान दर्ज कर उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया. इसी बात से नाराज होकर परिजन और समाज के लोग उग्र हो गए.
आरक्षक को बनाया बंधक
सोमवार को लौटते समय भीड़ ने पैंची गांव के पास हाईवे पर चक्काजाम करने की कोशिश की. इसी दौरान आरक्षक नरेन्द्र ओझा ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़कर बंधक बना लिया और बेरहमी से मारपीट की.
पुलिस टीम पर हमला
सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी और एसएएफ के जवान मौके पर पहुंचे. लेकिन वहां पहले से तैयार भीड़ ने पुलिस पर धावा बोल दिया. एसएएफ जवान नवाब सिंह ने बताया कि हमलावरों ने अचानक आंखों में मिर्ची पाउडर झोंक दिया, जिससे जवानों को कुछ दिखाई नहीं दिया. इसी का फायदा उठाकर भीड़ ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर पुलिसकर्मियों को लहूलुहान कर दिया.
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कई पुलिसकर्मी घायल
हमला इतना भीषण था कि पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए हाईवे पर भागना पड़ा. महिलाओं ने भी पथराव किया. इस हिंसा में पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया. प्रधान आरक्षक मंगल सिंह तोमर और एसएएफ के एएसआई सहित कई जवान घायल हुए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.
प्रशासन का सख्त रुख
पुलिस पर हुए इस सीधे हमले के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. अब वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले और वर्दी पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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