MP Congress Protest Mumbai-Agra Highway: किसानों को गेहूं का वाजिब समर्थन मूल्य नहीं मिलने और खरीदी में देरी के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर सड़कों पर आ गई. “सड़क सत्याग्रह” के तहत बुधवार को प्रदेश कांग्रेस ने मुंबई–आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-46) पर बड़ा चक्का जाम किया. शिवपुरी से गुजरने वाले इस अहम हाईवे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों दिशाओं में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार के दावों के बावजूद किसान आज आर्थिक संकट से जूझ रहा है, एमएसपी पर खरीदी सुस्त है, उपार्जन सीमित है और छोटे किसान औने-पौने दामों पर फसल बेचने को मजबूर हैं. पार्टी नेतृत्व ने इसे किसानों के सम्मान की लड़ाई बताते हुए चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
कांग्रेस परिवार का हर साथी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ आंदोलन कर रहा है, ताकि आमजन को असुविधा न हो और किसानों की आवाज़ मजबूती से उठे।
— MP Congress (@INCMP) May 7, 2026
यह लड़ाई सिर्फ किसानों की नहीं, हर उस परिवार की है जिसकी थाली किसान के पसीने से भरती है।#KisanChakkaJaam pic.twitter.com/okI5GKO3IF
NH-46 पर चक्का जाम, दोनों तरफ यातायात प्रभावित
शिवपुरी से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर कांग्रेसियों ने दोनों ओर से सड़क जाम कर दिया. कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे और गेहूं समर्थन मूल्य को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसानों के सम्मान और उनके हक के लिए है, न कि राजनीतिक औपचारिकता के लिए.
जब खेतों की मेहनत को उचित मूल्य नहीं मिलता,
— Harish Chaudhary (@Barmer_Harish) May 7, 2026
जब अन्नदाता की आवाज़ को अनसुना किया जाता है,तब लोकतंत्र में संघर्ष ही सबसे बड़ा माध्यम बनता है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस एवं किसानों द्वारा आयोजित यह चक्काजाम आंदोलन केवल एक विरोध नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय की आवाज़ है।… pic.twitter.com/Vdo5aAPGhE
गेहूं MSP और खरीदी में देरी बना मुद्दा
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी बेहद धीमी है. खरीदी का प्रतिशत सीमित रहने से किसान बाजार में कम दाम पर फसल बेचने को मजबूर हो रहे हैं. पार्टी का दावा है कि मार्च के मध्य से खरीदी शुरू होती तो किसान समय पर अपनी उपज बेच पाता और भीषण गर्मी में भटकने की नौबत नहीं आती.
मध्य प्रदेश का किसान आज भाजपा राज में खून के आँसू रो रहा है।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) May 7, 2026
आज पूरी मध्य प्रदेश कांग्रेस मुंबई–आगरा हाईवे चक्का जाम कर मोहन यादव सरकार को जगाएगी।
फिर भी नहीं जागे तो हम मुख्यमंत्री कार्यालय में भी धरना देंगे।
किसान के बेटे हैं, ना डरेंगे ना झुकेंगे। pic.twitter.com/2kon4qQKEG
जीतू पटवारी का सरकार पर तीखा हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि “भाजपा राज में मध्य प्रदेश का किसान खून के आंसू रो रहा है.” उन्होंने चेतावनी दी कि पूरी कांग्रेस मुंबई–आगरा हाईवे चक्का जाम कर मोहन यादव सरकार को जगाने निकली है. पटवारी ने साफ कहा कि यदि सरकार नहीं जागी तो मुख्यमंत्री कार्यालय पर भी धरना दिया जाएगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि आंदोलन जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ हो, ताकि आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो.
“यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं” : कांग्रेस का संदेश
कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन के दौरान कहा कि यह संघर्ष केवल किसानों का नहीं, बल्कि हर उस परिवार का है जिसकी थाली किसान के पसीने से भरती है. पार्टी का दावा है कि सरकार के आंकड़ों और जमीन की सच्चाई में बड़ा अंतर है, जिसे सड़क से सदन तक उठाया जाएगा.
“किसान की आवाज़ अब सड़क पर है…”
— Umang Singhar (@UmangSinghar) May 7, 2026
खलघाट जाते हुए पूर्व कृषि मंत्री व कसरावाद विधायक श्री सचिन यादव जी से किसानों के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा -
क्यों किसान का बेटा अब खेती नहीं करना चाहता?
क्यों गेहूं खरीदी में सिर्फ 10–15% उपार्जन हुआ?
क्यों बार-बार तारीखें बढ़ाकर किसानों को… pic.twitter.com/ewMUyCDDkG
उमंग सिंघार: “किसान की आवाज अब सड़क पर है”
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि किसान की आवाज अब सड़क पर है. उन्होंने सवाल उठाए कि आखिर क्यों किसान का बेटा खेती से दूर भाग रहा है? क्यों गेहूं खरीदी में केवल 10–15 प्रतिशत तक ही उपार्जन हो पाया? उन्होंने आरोप लगाया कि तारीखें बढ़ाकर किसानों को भ्रम में रखा गया और छोटे किसान मजबूरी में कम दाम पर फसल बेच रहे हैं.
दिग्विजय सिंह: खरीदी में देरी से किसान कर्ज में डूबा
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि गेहूं की फसल कटे डेढ़ से दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन उचित दाम पर खरीदी नहीं हो रही. उन्होंने कहा कि एमएसपी पर देर से खरीदी के कारण किसान के पास पिछले साल के केसीसी ऋण चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं और ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा है. ऊपर से शादी-ब्याह का सीजन किसानों की परेशानियां और बढ़ा रहा है.
कमलनाथ का सवाल: क्या मेहनत करना अपराध?
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या मेहनत करना अपराध हो गया है? उन्होंने आरोप लगाया कि बंपर पैदावार के बावजूद किसान को उसकी मेहनत का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा. चिलचिलाती धूप में घंटों खड़े रहकर फसल बेचनी पड़ रही है, जबकि समय पर खरीदी होती तो किसान इस संकट से बच सकता था.
“चेतावनी है, ट्रेलर समझें” : कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि यह आंदोलन सिर्फ चेतावनी है. यदि सरकार ने किसानों के साथ न्याय नहीं किया तो पार्टी दोबारा और बड़े स्तर पर सड़कों पर उतरेगी. प्रदेशभर में आंदोलन को विस्तार देने की भी चेतावनी दी गई है.
सरकार पर दबाव, सियासी तापमान तेज
सड़क सत्याग्रह के जरिए कांग्रेस ने साफ संदेश दिया है कि किसानों के मुद्दे पर वह पीछे हटने वाली नहीं है. एक ओर सरकार पर विपक्ष के हमले तेज हो गए हैं, वहीं दूसरी ओर चक्का जाम के चलते सियासी तापमान और गर्मा गया है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है.
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