विज्ञापन

जबलपुर की डॉ. हेमलता छोड़ गई हैं 60 करोड़ की प्रॉपर्टी, एक डीड, दावेदार चार और सवाल हजार

जबलपुर के राइट टाउन में 60 करोड़ की संपत्ति डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद विवादों में है. गिफ्ट डीड, ट्रस्ट और बहनों के दावों के बीच सवाल उठ रहा है कि असली वारिस कौन होगा? कलेक्टर के अनुसार यह लीजहोल्ड संपत्ति है, जिसे सीधे डोनेट नहीं किया जा सकता. अब मामला SDM कोर्ट में है.

जबलपुर की डॉ. हेमलता छोड़ गई हैं 60 करोड़ की प्रॉपर्टी, एक डीड, दावेदार चार और सवाल हजार
  • जबलपुर के राइट टाउन में डॉ. हेमलता की 60 करोड़ की संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर विवाद गहरा गया है.
  • डॉ. हेमलता ने मेमोरियल हॉस्पिटल के लिए जमीन दान करने का दावा किया गया है, जबकि इसके कानूनी पहलू विवादित हैं.
  • इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉ. पर जबरदस्ती दस्तखत कराने का आरोप लगाया, जो उनके कमजोर स्वास्थ्य के दौरान हुआ.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

Jabalpur Dr Hemlata Property Dispute: जबलपुर के राइट टाउन में 60 करोड़ की संपत्ति अब 'लावारिस' जैसे हालात में पहुंच गई है. 81 वर्षीय सीनियर ऑप्थल्मोलॉजिस्ट डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब इस संपत्ति का मालिक कौन होगा? अंतिम संस्कार प्रशासनिक निगरानी में हुआ, लेकिन उससे पहले ही शहर में कई दावे और सवाल खड़े हो गए हैं. गिफ्ट डीड (Gift Deed), दान, ट्रस्ट, बहनों के दावे और कानूनी स्थिति सब कुछ एक उलझी हुई कहानी में बदल गया है.

रविवार शाम, जबलपुर के सबसे एलीट इलाकों में शुमार राइट टाउन का माहौल गमगीन था. पुलिस और बाउंसरों की मौजूदगी में डॉ. हेमलता का अंतिम संस्कार उनके घर से रानीताल मुक्तिधाम तक प्रशासनिक देखरेख में कराया गया. लेकिन चिता की आग से पहले ही एक और सवाल ने जन्म ले लिया.  सवाल ये कि डॉ. हेमलता जो संपत्ति छोड़कर गई है, उसका वारिस कौन है?

बीमारी से पहले कागजात पर दस्तखत?

कुछ दिन पहले 12 जनवरी को डॉ. हेमलता ने अपना 81वां जन्मदिन मनाया. वायरल वीडियो में वे डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन के साथ केक काटते दिखीं. कहा जाता है कि उसके दो दिन बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. 15 जनवरी तक हालात गंभीर हो गए. ठीक इसी दौरान, राइट टाउन की करीब 11,000 स्क्वायर फीट प्राइम लैंड (करीब 60 करोड़ की कीमत) को लेकर कुछ महत्वपूर्ण कागजात रजिस्ट्री/गिफ्ट डीड पर साइन होने का दावा किया गया.

दावा- 'मेमोरियल हॉस्पिटल' के लिए किया दान

डॉ. सुमित जैन का कहना है कि डॉ. हेमलता ने अपने दिवंगत ससुर और बेटे की स्मृति में एक मेमोरियल हॉस्पिटल बनाने के लिए अपनी मर्जी से जमीन दान की. उनके मुताबिक, “वह पूरी तरह होश में थीं और हमारे लिए मां जैसी थीं.” यह दावा संपत्ति पर उनके अधिकार के सवाल को और पेचीदा बना देता है.

IMA के आरोप- जबरदस्ती कराए दस्तखत 

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि डॉ. हेमलता की शारीरिक और मानसिक हालत बेहद कमजोर थी, फिर भी उन पर रजिस्ट्री और गिफ्ट डीड पर साइन कराने का दबाव बनाया गया. हालात बिगड़ने पर जिला प्रशासन ने दखल दिया और कलेक्टर के निर्देश पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती भी कराया गया. बाद में उनके कथित बयान में यह बात भी सामने आई कि गिफ्ट डीड गलत जानकारी देकर रजिस्टर्ड कराई गई थी.

Latest and Breaking News on NDTV

ट्रस्ट और परिवार के दावे, सवाल एक ही- अधिकार किसका?

इसी बीच गायत्री मंदिर ट्रस्ट ने दावा किया कि डॉ. हेमलता अपनी पूरी संपत्ति ट्रस्ट को दान करना चाहती थीं. इस दावे में उनकी छोटी बहन कनक लता मिश्रा का भी हवाला दिया गया. दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ में रहने वाली उनकी एक और बहन शांति मिश्रा ने शव को अपने पास रख लिया और पारिवारिक दावों में प्रमुख पक्ष बनकर सामने आईं. अब सवाल यहीं उठता है कि किसका दावा सही है और असली अधिकार किसका है? 

लीजहोल्ड जमीन डोनेट नहीं हो सकती- कलेक्टर 

जबलपुर के जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि राइट टाउन की यह संपत्ति म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की लीजहोल्ड श्रेणी में आती है. ऐसे में इसे कानूनी तौर पर सीधे डोनेट करना संभव नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि बाद में रिकॉर्ड किए गए बयान में डॉ. हेमलता ने संपत्ति दान करने से इनकार किया. पूरा मामला अब एसडीएम कोर्ट को भेज दिया गया है, जहां सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज हो रहे हैं और फैसला कानून के मुताबिक होगा.

मौत से पहले के हालात पर भी सवाल 

डॉ. हेमलता को तबीयत बिगड़ने पर कथित तौर पर एक धार्मिक समूह से जुड़े लोग कार में ले गए. इस पर पड़ोसियों ने आपत्ति की और पुलिस को दखल देना पड़ा. अस्पताल, इलाज, दी गई दवाओं और सेहत के तेजी से बिगड़ने पर भी सवाल उठ रहे हैं. यह पहलू जांच को और संवेदनशील बनाता है.

पहले बेटे, फिर पति का हुआ निधन

डॉ. हेमलता इस संपत्ति की इकलौती मालिक थी. उनके बेटे नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रचित श्रीवास्तव की 2022 में हार्ट अटैक से अचानक मौत हुई. दिसंबर 2025 में उनके पति का निधन हो गया. एक वक्त परिवार से घिरी रहने वाली डॉ. हेमलता आखिर में बिना किसी सीधे वारिस के अकेली रह गईं. 9 नवंबर 2025 को वे एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस में पूरी तरह स्वस्थ नजर आईं, जबकि जनवरी 2026 में IMA पदाधिकारियों ने उनकी हालत को “जिंदा लाश जैसी” बताया. कुछ ही हफ्तों बाद, वे दुनिया छोड़कर चली गईं.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com