- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट 15 मई 2026 को भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाएगा
- विवाद में हिंदू पक्ष भोजशाला को मां वाग्देवी का प्राचीन मंदिर और मुस्लिम पक्ष कमाल मौला मस्जिद मानता है
- सुनवाई में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट और ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर बहस हुई थी
मध्य प्रदेश के धार जिले के बहुचर्चित और संवेदनशील भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आने वाला है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर 15 मई 2026 को अपना अहम फैसला सुनाएगा, जिस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हैं.
भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच वर्षों से गतिरोध जारी है. हिंदू पक्ष जहाँ भोजशाला को मां वाग्देवी का प्राचीन मंदिर मानता है, वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता रहा है. इस मामले को लेकर पिछले दिनों हाईकोर्ट में लगभग 24 से 25 दिनों तक निरंतर सुनवाई चली थी.
Judgment in Bhojshala case will be delivered tomorrow by Hon'ble Indore High Court
— Vishnu Shankar Jain (@Vishnu_Jain1) May 14, 2026
इस लंबी सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सर्वे रिपोर्ट, ऐतिहासिक दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तार से बहस हुई. सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो अब इस शुक्रवार को सुनाया जाएगा. फैसले को लेकर धार शहर सहित पूरे मध्य प्रदेश में उत्सुकता के साथ-साथ संवेदनशीलता का माहौल बना हुआ है.
फैसले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर है. भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ ही अधिकारियों को निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों के विभिन्न संगठनों की नजर इस फैसले पर टिकी है और वे अपने-अपने पक्ष में निर्णय आने की उम्मीद जता रहे हैं. राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी इस निर्णय को लेकर चर्चाएं तेज हैं. अब सभी को कल का इंतजार है, जिसे भोजशाला विवाद के इतिहास में एक निर्णायक दिन माना जा रहा है.
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