Jabalpur Cruise Capsize Incident: जबलपुर में क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले दिल्ली के परिवार के तीन सदस्यों के शव जब ताबुत में घर पहुंचे तो हर कोई सिहर उठा. शवों का शनिवार को अंतिम संस्कार भी हो गया, लेकिन परिजनों को आंसू नहीं रुक रहे हैं. पड़ोसी भी इस घटना से गमगीन हैं. हादसे में मरीना मैसी (40), चार साल के बेटे त्रिशान कुमार वर्मा और मरीना की मां मधुर ने जान गंवाई थी. वहीं, मरीना के पति प्रदीप वर्मा, बेटी सिया और पिता जूलियस मेसी ने किसी तरह खुद को बचा लिया था, लेकिन इस हादसे की एक तस्वीर अभी सभी को रुला रही है. एनडीआरएफ-एसडीआरएफ को रेस्क्यू के दौरान जब मरीना और बेटे त्रिशान का शव मिला तो उसे देख आसपास मौजूद लोगों के तक आंसू निकल पड़े थे. मां ने बेटे को आखिरी सांस तक पकड़े रखा था और बच्चा सीने से लिपटा हुआ था.
दिल्ली में मायापुरी की खजान बस्ती में रहने वाले परिवार की यात्रा का शवों के आने के साथ ही दुखद अंत हो गया, जिसे एक पारिवारिक सैर के तौर पर शुरू किया गया था. रिश्तेदार, पड़ोसी और दोस्त बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि देने के लिए जमा हुए थे. कई लोगों ने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के अचानक चले जाने पर गहरा सदमा और दुख व्यक्त किया.
क्रूज चालक था लापरवाह
मरीना एक गृहिणी थीं और पति प्रदीप वेब डिजाइनर हैं. मरीना की छोटी बहन त्रीजा ने बताया कि उनकी बहन परिवार के साथ जबलपुर में रिश्तेदारों के यहां गृहप्रवेश के समारोह में गया था, दूसरे दिन वह बरगी बांध में क्रूज की सवारी पर निकल गए थे.
क्रूज चालक को आगे न जाने की दी जा रही थी सलाह
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, मरीना के भाई ग्लैडविन ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि यह मेरे लिए बहुत दुखद है. मेरी जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई है. मेरे घर के तीन सदस्य - मेरी बहन, मेरी मां और मेरा 4 वर्षीय भांजा हादसे में मारे गए. ग्लैडविन ने आगे कहा कि वे बता रहे थे कि लोग उन्हें आगे न जाने की सलाह दे रहे थे. फिर भी वे क्रूज को आगे ले गए और वह तूफान में फंस गया, जो कापी पुराना था. इसीलिए ये हादसा हुआ. भाई ने इसे लापरवाही बताया है, क्योंकि सुरक्षा के लिहाज से भी समय पर लाइफ जैकेट नहीं दी गई थीं.
'रोका जा सकता था हादसा'
मरीना के चचेरे भाई विनोद ने कहा कि परिवार वहां मौज-मस्ती करने गया था, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय प्रशासन को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए था, क्योंकि उस दिन मौसम खराब होने की चेतावनी जारी की गई थी. उन्होंने कहा, "जब वे उस मकसद से, यानी मौज-मस्ती के लिए वहां गए थे तो वहाँ के स्थानीय प्रशासन को थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए थी. मौसम खराब होने का वहां दो-तीन दिन पहले से ही अलर्ट था. इसके बावजूद, उस क्रूज को वहां जाने की इजाज़त क्यों दी गई? क्योंकि वे वहां गए, इसलिए इतना बड़ा हादसा हो गया. इसे रोका जा सकता था.
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