- दमोह के करैया गांव में रक्षाबंधन के दिन एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत हुई.
- मृतक मुकेश अहिरवार की मौत के बाद उसके माता-पिता भरत और उमा अहिरवार की भी जान चली गई है.
- भरत अहिरवार जिला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे और उनकी मौत से उनके सहकर्मी भी स्तब्ध हैं.
एमपी के दमोह जिले से रक्षाबंधन के दिन एक बेहद दुखद घटना सामने आई है. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है. पुलिस के अनुसार, करैया गांव निवासी 30 वर्षीय मुकेश अहिरवार की मौत के बाद उसके माता-पिता भरत अहिरवार और उमा अहिरवार की भी जान चली गई. घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार के लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है.
आजम खान की रिपोर्ट...
रक्षाबंधन के दिन हुई दुखद घटना
जानकारी के मुताबिक, घटना दमोह के कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई. सबसे पहले परिवार के बेटे मुकेश अहिरवार की मौत की सूचना सामने आई. इसके बाद जब माता-पिता को इस घटना की जानकारी मिली, तो कुछ समय बाद उनकी भी मौत हो गई. देखते ही देखते एक ही परिवार के तीन सदस्यों के चले जाने से गांव और आसपास के क्षेत्र में मातम पसर गया.
छोटा भाई बहन को लेने गया था सागर
परिवार से जुड़े लोगों ने बताया कि घर का छोटा बेटा दौलत रक्षाबंधन के मौके पर अपनी बहन को लेने सागर गया हुआ था. इसी दौरान यह दुखद घटनाक्रम हुआ. परिवार के अधिकांश सदस्यों को घटना की जानकारी बाद में मिली. बताया जा रहा है कि मुकेश की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती है.
जिला अस्पताल में गार्ड थे भरत अहिरवार
मृतक भरत अहिरवार जिला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे. उनके परिचित भागचंद अहिरवार ने बताया कि दोनों कई वर्षों से साथ काम कर रहे थे. घटना की खबर मिलने के बाद उनके सहकर्मी भी स्तब्ध हैं. परिवार को जानने वाले लोग इस बात से हैरान हैं कि इतना बड़ा हादसा आखिर किन परिस्थितियों में हुआ.
पड़ोसी ने बताई आखिरी मुलाकात
पड़ोसी मनोज अहिरवार के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले मुकेश उनसे मिलने आया था. बातचीत के दौरान उसने घर में किसी समस्या का जिक्र किया था. हालांकि उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद इतनी बड़ी दुखद घटना सामने आ जाएगी. बाद में जब घटना की जानकारी मिली तो पूरा मोहल्ला स्तब्ध रह गया.
पुलिस कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित एजेंसियों की टीम मौके पर पहुंची. तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा. कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि परिवार के अन्य सदस्यों और परिचितों से बातचीत के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी. रक्षाबंधन जैसे खुशियों के त्योहार पर हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है. करैया गांव और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है.
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